अगर राष्ट्रपति जेलेंस्की मारे गये...तो क्या होगा? अमेरिका ने बताया यूक्रेन युद्ध का क्या निकलेगा नतीजा?
अमेरिका क विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से पूछा गया था कि, "क्या होगा अगर रूस ज़ेलेंस्की को मार देता है?"
कीव/मॉस्को, मार्च 07: अगर रूस यूक्रेन के राष्ट्रपति को मार देता है, तो फिर क्या होगा... अमेरिका की तरफ से युद्ध के 12वें दिन बड़ा बयान आया है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि, रूस अगर राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की की हत्या कर देता है, तो फिर यूक्रेन के पास आगे की सरकार चलाने औप "सरकार की निरंतरता" सुनिश्चित करने के लिए एक योजना है।

क्या है यूक्रेन सरकार के पास योजना?
अमेरिका क विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से पूछा गया था कि, "क्या होगा अगर रूस ज़ेलेंस्की को मार देता है?" सीबीएस न्यूज के एंकर मार्गरेट ब्रेनन ने एंटनी ब्लिंकन से उसके शो "फेस द नेशन" में रविवार को ये सवाल पूछा था। आपको बता दें कि, यूक्रेनी राष्ट्रपति बार बार कह रहे हैं, कि 'लोग उन्हें आखिरी बार' देख रहे हैं और अमेरिकी विदेश मंत्री से यही सवाल पूछा गया था कि, ''ज़ेलेंस्की ने बार-बार कहा है कि ये उसके अंतिम दिन हैं तो फिर परिणाम क्या होगा? क्या उनके बिना यूक्रेन सरकार का समर्थन करने की कोई आकस्मिक योजना है?" जिसपर अमेरिकी विदेश मंत्री ने यूक्रेनी राष्ट्रपति की साहस की प्रशंसा की और कहा कि, "वे वास्तव में बहादुर यूक्रेनी लोगों के लिए एक अवतार हैं"।

‘सरकार बनाए रखने की होगी कोशिश’
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान एक तरफ से 'निर्वासित सरकार' की तरफ संकेत दिए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि, "मैं इसके बारे में बात नहीं करने जा रहा हूं, लेकिन सरकार की निरंतरता को किसी न किसी तरह से बनाए रखने के लिए योजनाएं हैं।" द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की हत्या की तीन कोशिशें की गईं थीं और रिपोर्ट में दावा किया गया था कि, दो संगठनों ने यूक्रेनी राष्ट्रपति को मारने की कोशिश की, जिसमें चेचन्या फोर्स भी शामिल थी। वहीं, रूस ने सोमवार को कहा है कि, वह "मानवीय गलियारों" के माध्यम से नागरिकों को निकालने की अनुमति देने के लिए राजधानी कीव सहित चार यूक्रेनी शहरों में सीजफायर कर रहा है।

रूस पर लगाए प्रतिबंध काफी नहीं- ज़ेलेंस्की
वहीं, रूस की सेना ने जैसे ही कई शहरों में युद्धविराम का ऐलान किया है, ठीक वैसे ही यूक्रेनी राष्ट्रपति ने युद्ध भड़काने वाला बयान दे डाला है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से प्रतिबंधों को मजबूत करने की अपील की है। रविवार शाम एक वीडियो बयान में ज़ेलेंस्की ने रूसी रक्षा मंत्रालय की घोषणा का जवाब नहीं देने के लिए पश्चिमी नेताओं पर आलोचना की थी और कहा कि रूस, यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक परिसर पर हमला करने वाला है। वहीं, जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से एक बार फिर से मदद की अपील की है।

रूस ने मायकोलाइवो पर बमबारी की
रूसी की सेना ने आज सुबह सुबह यूक्रेनी सेना को पीछा धकेलने के इरादे से बंदरगाव वाले शहर मायकोलाइव में भारी बमबारी की है। रूस ने ये बमबारी भारी तोपखानों के जरिए की है, जिससे बंदरगाव वाले शहर मायकोलाइव में भारी तबाही मची है। माइकोलाइव और अन्य शहरों को जल्दी से जब्त करने में रूस की विफलता ने रूस को और भड़का दिया है और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का इरादे से लगता है कि, वो रूसी सेना के लड़खड़ाते प्रदर्शन से परेशान हैं। यूक्रेन में रूसी सेना को लॉजिस्टिक स्नैफस, चौंकाने वाले सामरिक फैसलों और कम मनोबल का सामना करना पड़ा है।

सीरियाई लड़ाकों की भर्ती
यूक्नेन युद्ध में चेचन्या बलों को उतारने के बाद अब रूस सीरियाई लड़ाकों को अपनी सेना में भर्ती कर रहा है। यूक्रेन की राजधानी कीव पर फतह हासिल करने में अब तक नाकाम रहने वाली रूसी सेना अब सीरियाई लड़ाकों के सहारे जीत हासिल करने का प्लान तैयार कर रही है और रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने सीरिया के लड़ाकों की भर्ती शुरू भी कर दी है। खुद पुतिन भी सीरियाई लोगों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं, जो शहरी लड़ाई लड़ने में माहिर माने जाते हैं और काफी ज्यादा अनुभवी भी हैं। लिहाजा, अब पुतिन ने सीरियाई लड़ाकों को अपनी सेना में भर्ती करने के आदेश दे दिए हैं, ताकि रूसी सेना राजधानी कीव सहित यूक्रेनी शहरों पर नियंत्रण हासिल कर सके। अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया है कि, कुछ सीरियाई पहले से ही रूस की तरफ से नए हमले की तैयारी कर रहे हैं, जबकि सीरिया के कई लड़ाके रूसी सेना को बहुत जल्द ज्वाइन करने वाले हैं।

सीरिया की मीडिया ने भी पुष्टि
सीरियाई मीडिया ने भी यूक्रेन युद्ध में रूस की तरफ से सीरियाई लड़ाकों की भर्ती की खबर दी है। सीरिया के डीयर एज़ोर में स्थित एक अखबार के अनुसार, रूस ने देश के 'स्वयंसेवक लड़ाकों' को एक बार में छह महीने के लिए "यूक्रेन जाने और गार्ड के रूप में काम करने" के लिए 50 हजार से 60 हजार रुपये देने की पेशकश की है। आपको बता दें कि, सीरिया में पिछले कई सालों से शहरी लड़ाई ही चल रही है और रूसी सैनिकों को शहरी लड़ाई लड़ने का अनुभव नहीं है, लिहाजा पिछले 5 दिनों से रूसी सेना राजधानी कीव के बाहर जरूर मौजूद है, लेकिन अंदर घुसने की हिम्मत नहीं कर पाई है।












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