यूक्रेन युद्ध में 'भाड़े के लड़ाकों' को भारी नुकसान, मारे गये हजारों वैगनर सैनिक, अभी भी देंगे पुतिन का साथ?
अमेरिका ने अपने एक और दावे में कहा है, कि यूक्रेन युद्ध में रूस अपने आधे से ज्यादा टैंक खो चुके हैं, जबकि यूक्रेन को अभी पश्चिमी देशों से टैंकों की सप्लाई होने वाली है।

Russia-Ukraine War: यूक्रेन युद्ध के अब एक साल पूर होने वाले हैं और पिछले साल 24 फरवरी को शुरू होने वाले यूक्रेन युद्ध में भाड़े पर लड़ने वाले वैगनर ग्रुप को भारी नुकसान हुआ है। अमेरिका ने दावा किया है, कि पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण के बाद से वैगनर ग्रुप के 30 हजार से ज्यादा सैनिक हताहत हुए हैं, जिनमें से 9 हजार लड़ाके मारे गये हैं। व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने शुक्रवार को एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा, कि अमेरिका का अनुमान है कि दिसंबर 2022 से यूक्रेन में मारे गए वैगनर समूह के 90 प्रतिशत लड़ाके अपराधी थे।

वैगनर ग्रुप को भारी नुकसान
अमेरिकी खुफिया जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन के पूर्वी शहर बखमुत में लड़ाई तेज होने के कारण वैगनर के भाड़े के सैनिकों की कुल मौतों में से आधे लड़ाकों की मौत दिसंबर के मध्य से हुई हैं। जॉन किर्बी ने कहा, कि 'भाड़े के समूह' ने पिछले कुछ दिनों में बखमुत में और उसके आसपास होने वाली लड़ाई में भारी नुकसान उठाया है, जहां रूस अपना कब्जा जमाना चाहता है, लेकिन यूक्रेन का प्रतिरोध भी भयंकर है। इस युद्ध में विनाशकारी नुकसान हुए हैं, जिसका खामियाजा वैगनर ग्रुप ने भी बुरी तरह से उठाया है। अमेरिका का कहना है, कि वैगनर ग्रुप को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई वो नहीं कर सकता है। अमेरिकी प्रवक्ता ने कहा, कि "हो सकता है, कि रूस बखमुत की लड़ाई जीतने में कामयाब हो जाए, लेकिन यह लड़ाई उनके लिए कोई वास्तविक फायदा देने वाला साबित नहीं होगा, क्योंकि असल में इसका कोई वास्तविक रणनीतिक मूल्य नहीं है।" उन्होंने कहा, कि यूक्रेनी सेना डोनबास क्षेत्र में मजबूत रक्षात्मक रेखा बनाए रखेगी।

कैदियों को युद्ध में भेज रहा है रूस?
जॉन किर्बी ने संवाददाताओं से कहा है, कि वैगनर के संस्थापक येवगेनी प्रिगोझिन की हाल की टिप्पणियों के बावजूद कि उन्होंने यूक्रेन में लड़ने के लिए रूसी कैदियों की भर्ती बंद कर दी है, अभी भी वैगनर ग्रुप जेलों में बंद कैदियों को लड़ाई में भेज रहा है, लेकिन उन कैदियों को ना तो ट्रेनिंग मिली है और ना वो युद्ध लड़ना जानते हैं और ना ही उनके पास युद्ध लड़ने वाले ज्यादा सामान ही होते हैं, लिहाजा उन्हें होने वाला नुकसान काफी ज्यादा होता है। वहीं, यूनाइटेड किंगडम के रक्षा मंत्रालय का अनुमान है, कि यूक्रेन पर उनके आक्रमण की शुरुआत के बाद से रूसी सेना को लगभग 200,000 हताहतों की संख्या का सामना करना पड़ा है। वहीं, वॉशिंगटन स्थिति इस्टीट्यूट ऑफ स्टडी वार थिंक टैंक ने कहा है, कि "रूसी सैनिकों में दुर्घटना दर काफी ज्यादा है और उनके घायल होने का आंकड़ा भी काफी ज्यादा है। चोट लगने की वजह से भी काफी रूसी सैनिक मारे गये हैं और घायल हुए हैं।"
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बखमुत पर रूस का दावा
वहीं, अमेरिकी दावे से इतर वैगनर ग्रुप के प्रमुख प्रिगोझिन ने दावा किया है, कि बखमुत के उत्तर में पारास्कोविवका की बस्ती पर पूरी तरह से उनकी सेना ने नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इसकी जानकारी रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने शुक्रवार को दी है। वहीं, रूसी सैन्य ब्लॉगर्स ने लिखा है, बखुमत की लड़ाई अहम है, क्योंकि अगर पैरास्कोविका, वेरखिव्का और याहिदने जैसे गांवों पर कब्जा कर लिया. तो फिर बखमुत में यूक्रेनी सैनिकों की हार हो जाएगी, क्योंकि उसके बाद यूक्रेनी सैनिकों की खाद्य आपूर्ति सप्लाई बंद हो जाएगी। हालांकि, अलजजीरा की रिपोर्ट में कहा गया है, कि वैगनर प्रमुख के दावे की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यूक्रेनी जनरल स्टाफ की शाम की रिपोर्ट में शुक्रवार को इन दावों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। आपको बता दें, कि बखमुत की लड़ाई महीनों से चल रही है।

बखमुत खाली करने की यूक्रेन की अपील
वहीं, अलजजीरा के मुताबिक, शुक्रवार को यूक्रेनी सरकार ने बखमुत के लोगों से क्षेत्र को खाली करने की अपील की है और कहा है, कि ये अपील इसलिए की गई है, क्योंकि बखमुत में भारी लड़ाई होने की संभावना गहरा गई है। यूक्रेनी सरकार के मुताबिक, बखमुत में शुक्रवार को पांच नागरिक मारे गए हैं और नौ घायल हो गए। स्थानीय मेयर वीरेशचुक ने कहा, कि डोनेट्स्क क्षेत्र के बखमुत में कभी 70,000 लोग रहते थे, लेकिन अब शहर में सिर्फ 6,000 नागरिक हैं, जिनसे क्षेत्र को खाली करने की अपील की गई है। हालांकि, इन लोगों का कहना है, कि वो अपने घरों को छोड़कर नहीं जाएंगे, वहीं क्षेत्र के बहुत लोगों में रूस को लेकर सहानुभूति भी है।












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