जानिए कौन हैं दलीप सिंह, जिन्होंने तैयार किया अमेरिका के लिए रूस की 'कमर' तोड़ने वाला प्रतिबंध

व्हाइट हाउस पहुंचने के बाद दलीप सिंह रूस को लेकर काफी आक्रामक दिखे और उन्होंने अपने शुरूआती संबोधन में ही जाहिर कर दिया, कि रूस को लेकर अमेरिका की नीति कितनी सख्त होने वाली है।

वॉशिंगटन/मॉस्को, फरवरी 23: पूर्वी यूक्रेन में रूसी सेना के दाखिल होने के बाद रूस के खिलाफ अमेरिका समेत पश्चिमी देश लगातार कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं और अमेरिका ने रूस के खिलाफ कई आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान कर दिया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं, अमेरिका ने जो रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं, उस टीम का नेतृत्व किसने किया है और रूस पर किस तरह का प्रतिबंध लगे, इसकी सलाह राष्ट्रपति जो बाइडेन को किसने दी है? उस शख्स का नाम है, दलीप सिंह, जिनके नेतृत्व में अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंधों का ऐलान किया है।

दलीप सिंह कर रहे टीम के नेतृत्व

दलीप सिंह कर रहे टीम के नेतृत्व

दलीप सिंह भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं, जो राष्ट्रपति जो बाइडेन के आर्थिक सलाहकार हैं और रूस के खिलाफ अमेरिका किन तरह के प्रतिबंध लगाए और किस तरह की दंडात्मक कार्रवाई करे, उस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को यूक्रेन के 'डोनेट्स्क और लुहान्स्क पीपुल्स रिपब्लिक' के क्षेत्रों को 'स्वतंत्र' के रूप में मान्यता देने के फरमान पर हस्ताक्षर कर दिए, जिसके बाद पूरी दुनिया में तनाव फैला हुआ है और यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण की आशंका बढ़ गई। आशंका इस बात को लेकर सबसे ज्यादा है, कि क्या रूस के इस कदम से दुनिया कहीं विश्वयुद्ध की तरफ तो नहीं बढ़ गई है?

स्पेशल डिमांड पर आए दलीप सिंह

स्पेशल डिमांड पर आए दलीप सिंह

दलीप सिंह राष्ट्रपति जो बाइडेन के करीबी माने जाते हैं और वो इस वक्त अमेरिका के इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर होने के साथ साथ अमेरिका के नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के डायरेक्टर भी हैं। रूस के खिलाफ जब प्रतिबंध लगाने की बारी आई, तो दलीप सिंह को ही व्हाइट हाउस बुलाया गया था और पिछले कुछ दिनों में ये दूसरा मौका था, जब दलीप सिंह व्हाइट हाउस में दिखाई दिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने दलीप सिंह को लेकर कहा कि, ''दलीप सिंह की काफी ज्यादा डिमांड थी, इसीलिए उन्हें बुलाया गया है और वो बाइडेन प्रशासन की रूस नीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं''।

रूस पर लगाए कड़े आर्थिक प्रतिबंध

रूस पर लगाए कड़े आर्थिक प्रतिबंध

व्हाइट हाउस पहुंचने के बाद दलीप सिंह रूस को लेकर काफी आक्रामक दिखे और उन्होंने अपने शुरूआती संबोधन में ही जाहिर कर दिया, कि रूस को लेकर अमेरिका की नीति कितनी सख्त होने वाली है। व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के वक्त दलीप सिंह ने अपने शुरूआती संबोधन में कहा कि, ''यूक्रेन के खिलाफ रूस के आक्रमण शुरू हो गये हैं, इसीलिए हमारी प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है''। उन्होंने आगे कहा कि, ''हमारी स्पीड और हमारा कॉर्डिनेशन ऐतिहासिक है और हमने रातों रात जर्मनी का रूस के साथ काफी महत्वपूर्ण नॉर्ड स्ट्रीम-2 प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का काम भी बंद करवा दिया है''।

रूस को दिया बड़ा आर्थिक झटका

दलीप सिंह ने व्हाइट कहा कि, ''जर्मनी के नॉर्ड-2 प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में रूस ने 11 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रखा था और अब वो पानी में मिल चुका है।'' उन्होंने कहा कि, ये सिर्फ पैसों के ही बारे में नहीं है, इस गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट के बंद होने के बाद रूस जिस तरह से यूरोप को गैस के लिए अपने ऊपर निर्भर करवाने जा रहा था, उसका भी गला घोंट दिया गया है। रूस के खिलाफ दलीप सिंह काफी आक्रामक दिखाई दे रहे थे और उन्होंने कहा कि, ''हमने अपने वित्तीय प्रतिबंधों का शक्ति प्रदर्शन किया है और ऐसा करके हमने कोई गलती नहीं की है और यही वो दर्द है, जो फिलहाल हम रूस को दे सकते हैं''।

रूस के खिलाफ बड़े आर्थिक प्रतिबंध

रूस के खिलाफ बड़े आर्थिक प्रतिबंध

आपको बता दें कि, अमेरिका के नेतृत्व में अभी तक यूरोपीय देश रूस के खिलाफ कई बड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुके हैं और इससे रूस को काफी नुकसान होने की संभावना दिखाई दे रही है। दलीप सिंह ने व्हाइट हाउस में कहा कि, ''हमने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रूस को वैश्विक वित्तीय प्रणाली से काफी अलग थलग करने की कोशिश की है और रूस के पांचवें सबसे बड़े वित्तीय संस्थान 'वीईबी', जो रूस के लिए राष्ट्रीय गुल्लक है और जिसके पास करीब 50 अरब डॉलर की संपत्ति है, उसपर हमने प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही हमने रूस के प्रोम्सवाज बैंक, जिसके पास 35 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति है, उसपर भी प्रतिबंध लगा दिया है और इसी बैंक के जरिए रूस अपने सैनिकों को वित्तपोषित करती है। दलीप सिंह ने कहा कि, ''एक पूर्ण ब्लॉक का मतलब है कि ये बैंक अब न तो अमेरिका के साथ और न ही यूरोप के साथ कोई लेनदेन कर सकते हैं और ना ही ये बैंक अब अपने पैसे निकाल सकते हैं और इन रूसी बैंकों की जो संपत्ति अमेरिका के अलग अलग संस्थानों में है, उसे भी फ्रीज कर दिया गया है''।

रूस पर आगे क्या कार्रवाई होगी?

दलीप सिंह ने रूस को आगे चेतावनी देते हुए कहा कि, "मैं पूरी तरह से स्पष्ट करना चाहता हूं कि, रूस का कोई भी वित्तीय संस्थान सुरक्षित नहीं है और अगर रूस आगे भी आक्रमण बढ़ाता है, तो हम रूस के दो सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों पर कार्रवाई करने के लिए बटन दबाने के लिए तैयार हैं, जो सामूहिक रूप रूसी बैंकिंग प्रणाली में लगभग 750 बिलियन अमरीकी डालर की संपत्ति में से आधे से ज्यादा की संपत्ति रखते हैं।'' दलीप सिंह ने आगे कहा कि, ''हमने अपने सहयोगियों के साथ अमेरिका और यूरोप में रूसी सरकार, रूसी सेंन्ट्रल बैंक और रूसी सॉवरेन वेल्थ फंड को भी काट दिया है। क्रेमलिन अब अमेरिका या यूरोप से फंड नहीं जुटा सकता है''।

'ये है कार्रवाई की पहली किश्त'

'ये है कार्रवाई की पहली किश्त'

व्हाइट हाउस में दलीप सिंह ने जो रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की जो लिस्ट तैयार की है, उससे रूसी अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान होने की संभावना है और दलीप सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा है कि, ये कार्रवाई सिर्फ पहली किश्त है और अगर रूस फौरन अपने कदम नहीं पीछे नहीं खींचता है, तो हम ऐसे ऐसे प्रतिबंध लगा सकते हैं, जिनके बारे में रूस सोच भी नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि, हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रूस के खिलाफ कदम आगे भी कदम उठाने के लिए तैयार बैठे हैं।

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