UK-India Week 2022: रचनात्मक उद्योगों पर फोकस के साथ लंदन में शुरुआत
लंदन/नई दिल्ली, 28 जून: इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) के यूके स्थित मुख्यालय की ओर से आयोजित यूके-इंडिया वीक 2022 का पहला दिन एक सकारात्मक सत्र के साथ शुरू हुआ। इसमें इस वर्ष की थीम Reimagine@75 को दिखाया गया, जो कि भारत-ब्रिटेन के 75 वर्षों के संबंधों का उत्सव है। लंदन में ओपनिंग सेमिनार का मुख्य आकर्षण, "रचनात्मक उद्योग और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था" में ब्रिटिश काउंसिल की 'इंडिया/यूके टुगेदर सीजन ऑफ कल्चर' से जुड़ी कई तरह की चर्चाएं, गहन बातचीत और एक स्क्रीनिंग शामिल की गई थी, जो भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ को चिह्नित करता है।

इंडिया ग्लोबल फोरम के फाउंडर और सीईओ प्रोफेसर मनोज लाडवा ने कहा, 'हालांकि, स्वाभाविक तौर पर हमारा फोकस भारत की आजादी के 75 वर्षों पर है, यह यूके और भारत के बीच एक आधुनिक, जीवंत और तेजी से आगे बढ़ने वाले रिश्तों के 75 वर्षों का जश्न मनाने का भी उपयुक्त क्षण है।' उन्होंने कहा, 'इस संबंध के आधार में हमारे गहरे और विविध सांस्कृतिक रिश्ते हैं। कई मायनों में वे इस विजयी साझेदारी के असली दिल की धड़कन हैं। इसलिए मैं रोमांचित हूं कि हम यूके-इंडिया वीक 2022 की शुरुआत सांस्कृतिक क्षेत्र में अवसरों की भरमार पर केंद्रित एक सेमिनार के साथ कर रहे हैं।'
यूके-इंडिया टुगेदर जैसी थीम की खोज करना: रचनात्मक उद्योगों के भीतर सहयोग के मौके, सांस्कृतिक क्षेत्र में दीर्घकालिक समूहों और सार्वजनिक-निजी भागीदारी का निर्माण, लंदन के नेहरू सेंटर में आयोजित सेमिनार ने यूके-भारत सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय अग्रणी आवाजों और एक्सपर्ट को इकट्ठा किया।
इंडियन काउंसिल ऑफ कल्चरल रिलेशंस (ICCR) के अध्यक्ष डॉक्टर विनय सहस्रबुद्धे के साथ एक चर्चा के दौरान भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने कहा, 'हमारा इतिहास साझा किया जा सकता है, लेकिन अनुभव और स्मृति साझा नहीं की जा सकती। जब हम साझा मूल्यों शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो एक भारतीय दृष्टिकोण से हम बातचीत के माध्यम से उन तक पहुंचना चाहेंगे। ' वो बोले- 'चीजों को 21वीं सदी के दृष्टिकोण से देखना महत्वपूर्ण है, टेक्नोलॉजी का उपयोग करके।'
Serendipity Arts Foundation के अध्यक्ष और संस्थापक सुनील कांत मुंजाल के मुताबिक लोग ही हमारे पास एकमात्र ऐसी संपत्ति हैं, जो समय के साथ सराहना करते हैं। संस्कृति में आत्मसात करने की अद्भुत क्षमता और एक जादुई गुण है। इसलिए लगातार सामंजस्य स्थापित करना करना महत्वपूर्ण है। भारत के पास दुनिया को देने के लिए बहुत ही समृद्ध विरासत है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि हमारी कला और शिल्प समय की कसौटी पर खरे उतरें। उनका कहना है, 'हमारी सभी कंपनियों के लिए संदेश एक समान है: सभी लोगों के साथ हर समय निष्पक्ष रहने की कोशिश करें और प्रभावशाली पैमाना तैयार करें।'
नेहरू सेंटर के डायरेक्टर अमीष त्रिपाठी ने कहा, 'यूके और भारत के बीच पहले से ही तुलनात्मक रूप से मजबूत सांस्कृतिक बंधन है। दोनों देशों में सिनेमा, किताबें, प्रदर्शन कला और विभिन्न अन्य रचनात्मक उद्योगों ने इसे सफलतापूर्वक स्थापित किया है। यूके में भारतीय प्रवासी जो हमारे दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु हैं, उन्होंने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'
उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन मेरा मानना है कि हमने अपनी साझेदारी में केवल सतह को छुआ है। भारत में एक महाद्वीपीय पैमाने का बाजार है, और इसके सांस्कृतिक उत्पादों में एक गहरी विविधता और बेजोड़ परंपराएं हैं, जो कि एकमात्र पूर्व-कांस्य युग की सभ्यता के रूप में अभी भी जीवित हैं। दूसरी तरफ, यूके एंग्लोस्फीयर का केंद्र है, जो आधुनिक दुनिया में सांस्कृतिक परिदृश्य पर हावी है। भारत और यूके मिलकर एक सांस्कृतिक प्रतिमान स्थापित कर सकते हैं, जो आने वाले दशकों तक पूरी दुनिया को गहराई और सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।'
ब्रिटिश काउंसिल के फेस्टिवल्स एंड सीजंस के डायरेक्टर रेबेक्का सिमोर ने कहा, 'ब्रिटिश काउंसिल वास्तव में हमारे दोनों देशों के बीच रचनात्मक उद्योगों में सहयोग का समर्थन करना चाहती है, क्योंकि हम भारत की आजादी के 75 वर्ष मना रहे हैं।'
इस महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंध के अनगिनत पहलुओं के उत्सव के रूप में इंडिया ग्लोबल फोरम हर साल यूके-इंडिया वीक का आयोजन करता है। 2022 संस्करण (27 जून से 1 जुलाई) एक शक्तिशाली एजेंडे से भरपूर है, जिसमें व्यापार और आर्थिक आदान-प्रदान, जलवायु अभियान, स्वास्थ्य देखभाल, प्रौद्योगिकी, नवाचार और बहुत कुछ शामिल है।
यूके-इंडिया वीक 2022 का पूरा कार्यक्रम यहां देखें।
कुछ हाई-प्रोफाइल वक्ता जिन्होंने इस वीक में शामिल होने की पुष्टि की है, वे हैं:
- ऋषि सुनक, चांसलर ऑफ द एक्सचेकर, यूके सरकार
- डॉक्टर एस जयशंकर, विदेश मंत्री, भारत सरकार
- साजिद जाविद, हेल्थ एंड सोशल केयर के राज्य सचिव, यूके सरकार
- डॉक्टर मनसुख मंडाविया, स्वास्थ्य और कल्याण मंत्री, भारत सरकार
- धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री, भारत सरकार
- भूपेंद्र यादव, श्रम और रोजगार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री, भारत सरकार
- डॉक्टर राजीव चंद्रशेखर, कौशल विकास एवं उद्यमिता, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी राज्यमंत्री, भारत सरकार
- अर्जुन राम मेघवाल, विदेश राज्यमंत्री, भारत सरकार
- आलोक शर्मा, प्रेसिडेंट, COP 26
वक्ताओं की पूरी लिस्ट यहां देखिए।
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