UAE स्थिति भारतीय उद्योगपति की ऐतिहासिक पहल, पूरी दुनिया में महिलाएं कर रही हैं तारीफ

यूएई स्थिति इस भारतीय उद्योगपति का नाम है सोहन रॉय, जो शारजाह स्थिति कंपनी एराइज ग्रुप के सीईओ हैं और उन्होंने दहेज प्रथा के खिलाफ 10 प्वाइंट्स नियम बनाए हैं।

शारजाह, जून 27: यूएई स्थिति एक भारतीय व्यापारी की एक ऐतिहासिक पहल की पूरी दुनिया में तारीफ की जा रही है। दहेज प्रथा के खिलाफ भारतीय व्यापारी ने एक बेहद सख्त गाइडलाइंस तैयार किया है, जो कंपनी के सभी कर्मचारियों पर लागू होगी। इस 10 प्वाइंट्स नियम के तहक अगर कंपनी का कर्मचारी दहेज लेन-देन में पाया जाता है, तो फिर उसकी नौकरी भी जा सकती है। (फोटो सौजन्य- सोहन राय के फेसबुक पेज से)

भारतीय व्यापारी की पहल

भारतीय व्यापारी की पहल

यूएई स्थिति इस भारतीय उद्योगपति का नाम है सोहन रॉय, जो शारजाह स्थिति कंपनी एराइज ग्रुप के सीईओ हैं और उन्होंने इसी साल मार्च महीने में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नई नीति की घोषणा की थी। नीति को औपचारिक रूप से इस हफ्ते इम्पलॉय कॉन्ट्रैक्ट में शामिल कर लिया गया है। सोहन रॉय 16 देशों में अपना कारोबार चलाते हैं और दो लड़कियों के पिता हैं। सोहन रॉय ने खलीज टाइम्स से बात करते हुए कहा कि 16 देशों में कंपनी की शाखाओं में काम करने वाले भारतीयों सहित सभी कर्मचारियों के बीच दहेज विरोधी अभियान को मजबूत किया जाएगा।

दहेज के खिलाफ कंपनी का कानून

दहेज के खिलाफ कंपनी का कानून

सोहन रॉय ने खलीज टाइम्स को बताया कि "यह दुनिया में पहली बार है जब किसी संस्था द्वारा दहेज विरोधी नीति को रोजगार कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा बनाया जा रहा है। और एक भारतीय संस्थान के रूप में हमें इस पर बहुत गर्व है।" केरल के रहने वाले सोहन रॉय ने कहा कि हालांकि समाज से दहेज संस्कृति को पूरी तरह से खत्म करना मुश्किल है, लेकिन उनका समूह अपने कर्मचारियों के बीच इस प्रथा को खत्म करने के लिए सब कुछ करेगा। कंपनी के नियमों के मुताबिक कंपनी का जो भी स्टाफ भविष्य में दहेज लेन-देन में शामिल पाया जाता है, उसे कंपनी के साथ भविष्य में भी काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

माता-पिता के लिए अलग कानून

माता-पिता के लिए अलग कानून

कंपनी की नई नीति में यह भी कहा गया है कि कंपनी के किसी भी कर्मचारी द्वारा पत्नियों या उनके माता-पिता के किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को सेवा की समाप्ति और कानूनी उपायों के अधीन "उल्लंघन" माना जाएगा। कंपनी ने कॉन्ट्रैक्ट को हर कर्मचारियों के लिए आवश्यक बना दिया है और सभी कर्मचारियों को दहेज विरोधी कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करना जरूरी है। कंपनी की तरफ से दहेज प्रथा के खिलाफ कई कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, जिनमें कर्मचारियों का शामिल होना जरूरी है। इसके साथ ही दहेज के खिलाफ मुहिम चलाने के लिए एराइज ग्रुप ने दहेज विरोधी सेल का गठन किया है, जिसमें ज्यादातर महिलाओं को शामिल किया गया है। एराइज ग्रुप ने अपनी कंपनियों के भीतर दहेज विरोधी अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 2023 की समय सीमा तय की है।

दहेज प्रथा के खिलाफ कड़े फैसले

दहेज प्रथा के खिलाफ कड़े फैसले

हाल ही में केरल सरकार ने कहा है कि वह राज्य में दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए कड़े कदम उठाएगी। यह बयान राज्य में घरेलू शोषण की हालिया भयावह घटनाओं को देखते हुए दिया गया है। 23 जून को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक के बाद एक कई ट्वीट्स किए और कहा कि, "एक समाज के रूप में हमें पारंपरिक विवाह प्रणाली में सुधार करने की आवश्यकता है। विवाह परिवार की सामाजिक स्थिति और धन का एक दिखावा नहीं होना चाहिए। माता-पिता को यह महसूस करना होगा कि बर्बर दहेज प्रथा हमारी बेटियों को वस्तुओं के रूप में नीचा दिखाती है। हमें उनके साथ बेहतर व्यवहार करना चाहिए''। वहीं, भारतीय कारोबारी सोहन रॉय की दहेज विरोधी इस पहल की काफी तारीफ की जा रही है।

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