ईरानी राष्ट्रपति रईसी की मौत से पहले क्या-क्या हुआ, कैसे 9 जिंदगी खत्म? 'किलर ड्रोन' ने उठाया रहस्य से पर्दा
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत के बाद हादसे को लेकर कई तरह की आशंकाएं हैं। सवाल ये भी उठ रहा है कि राष्ट्रपति रईसी के काफिले में शामिल दो हेलीकॉप्टर अपने गंतव्य तक कैसे सही सलामत पहुंच गए, तो केवल रईसी का ही हेलिकॉप्टर क्रैश क्यों हुआ? हालांकि इस बड़ी दुर्घटना के कारणों की जांच जारी रही है। रईसी के हादसे के खबर के बाद मदद करने वाले देशों में तुर्की सबसे आगे था, जिसके ड्रोन ने हेलिकॉप्टर क्रैश और मौतों से जुड़े रहस्य से पर्दा उठाने में काफी मदद की।
अंतिम समय में क्या हुआ?
ईरान के राष्ट्रपति अयातुल्ला इब्राहिम रईसी का हेलिकॉप्टर पूर्वी अज़रबैजान के जोफा क्षेत्र के पहाड़ों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिसमें रईसी, विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियान समेत 9 लोगों की मौत हो गई। दरअसल, हेलिकॉप्टर घने कोहरे और खराब मौसम के बीच गुजरा और उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद जोफा के पहाड़ों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

क्यों खास है तुर्की का अकिंसी ड्रोन
अकिंसी ड्रोन को बायरकतार कंपनी ने बनाया है। ये तुर्की की मशहूर ड्रोन का निर्माण करने वाली कंपनी है। ये ड्रोन एआई तकनीक से लैस है और रीयल टाइम वीडियो भेजने में सक्षम है। ड्रोन में एयर टु एयर रेडॉर तथा कई अन्य तरह के राडार लगे हैं। इसमें सैटलाइट के जरिए संचार की सुविधा है। यह अकिंसी ड्रोन हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमले करने में भी सक्षम है। ये ड्रोन अपनी अपडेटेड तकनीकी को लेकर दुनिया के सभी देशों का चहेता ड्रोन है। पाकिस्तान जैसे देशों ने भी इसे खरीदा है। ड्रोन के पंख 20 मीटर हैं। इसमें दो टर्बोप्रॉप इंजन लगे हैं, जिसके चलते ये ड्रोन लंबे समय तक हवा में रह सकता है।
40,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचता है 'किलर ड्रोन'
अकिंसी के निर्माता कंपानी बायरकतार का दावा है कि ड्रोन उन ऑपरेशनों को अंजाम देने में सक्षम है जिन्हें एक फाइटर जेट अंजाम दे सकता है। अकिंसी ड्रोन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और रात तथा दिन दोनों ही समय में काम करने में सक्षम है। इसके जरिए यूएवी का उपयोग हवा से हवा और हवा से जमीन पर युद्ध संचालन के लिए किया जा सकता है। इसका हवाई समय 24 घंटे है और यह 40,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचता है। इसमें आंतरिक सेंसर फ़्यूज़न के साथ एक नेविगेशन सिस्टम है, जो जीपीएस पर निर्भरत के बिना काम कर सकता है।
रईसी के हेलिकॉप्टर का कैसे चला पता
ईरानी राष्ट्रपति की मौत की जांच में भेजे गए तुर्की के अकिंसी ड्रोन में लगी खास तकनीकी के जरिए हेलिकॉप्टर क्रैश के घटना स्थल की जानकारी हुई। अकिंसी ड्रोन ने एक जगह पर गर्मी को महसूस की। AKINCI01 - ड्रोन जब आज सोमवार सुबह दुर्घटनास्थल पर मंडराया तो हीट सिग्नेचर का पता चला। ड्रोन को पहली बार मकाउ ईरान के पास देखा गया था, और आखिरी बार इसे तुर्की में वान के पास देखा गया था, जहां इसने अपने उड़ान मार्ग के माध्यम से एक अर्धचंद्राकार रेखा खींची थी, जिससे ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइटों द्वारा इसके उड़ान पथ पर पता लगाया गया। ड्रोन से मिले डेटा के की पूरी जानकारी ईरानी अधिकारियों को दी। इसके बाद छोटे बचाव ड्रोन भेजकर मलबे की जांच की गई और आखिरकार बाद में राहत और बचावकर्मी भी वहां पहुंच गए।












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