Trump Speech: 'मैं युद्ध न रुकवाता तो मारे जाते पाकिस्तानी PM'...भाषण में खुली PAK की पोल- Video
Trump Speech: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के अपने 'स्टेट ऑफ द यूनियन' भाषण में पिछली सरकार पर जमकर निशाना साधा। उनका भाषण सिर्फ उपलब्धियां गिनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक राजनीतिक संदेश भी था, कि जब उन्होंने सत्ता संभाली, तब देश बुरी हालत में था, और एक साल के अंदर उन्होंने तस्वीर बदल दी।
ट्रंप ने कहा कि- 'जब उन्होंने पद संभाला, तब अमेरिका रिकॉर्ड तोड़ महंगाई, गंभीर सीमा संकट, वैश्विक अस्थिरता और सेना व पुलिस में गिरती भर्ती दर जैसी बड़ी चुनौतियों से जूझ रहा था।' उनके मुताबिक देश क्राइसिस मोड में था।

'न रोकता तो मारे जाते पाकिस्तानी PM'
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि पिछले दस महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त कराए। यह एक बड़ा दावा था। उन्होंने खास तौर पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का जिक्र किया। ट्रंप के मुताबिक, उनकी दखल से भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित न्यूक्लियर वॉर टल गया। उन्होंने कहा कि इस कदम से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और 35 मिलियन (3.5 करोड़) लोगों की जान बची। उन्होंने इन बदलावों को 'History's Greatest Comeback' यानी इतिहास की सबसे बड़ी वापसी बताया।
पहलगाम हमला और भारत का आक्रामक रुख
बता दें कि, अप्रैल 2025 में पाकिस्तान के आतंकवादियों ने कश्मीर की बैसरन घाटी में टूरिस्टों पर हमला किया था। जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। जिसमें पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके बाद दोनों देश जंग के मुहाने पर आ गए थे। इस पूरी कार्रवाई में पाकिस्तान का काफी नुकसान हुआ। उसके एयरबेस तबाह हुए, सैन्य ठिकानों पर बम गिरे और यहां तक कि न्यूक्लियर साइट के पास भी धमाके हुए। इसी को लेकर ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की जान बचा ली।
सत्ता संभालते वक्त देश की हालत कैसी थी?
ट्रंप ने अपने संबोधन में बताया कि उन्हें एक ऐसी अर्थव्यवस्था मिली जो लगभग ठप थी। उन्होंने कहा कि महंगाई अभूतपूर्व स्तर पर थी, सीमाएं खुली हुई थीं, अपराध बढ़ रहा था और सेना समेत पुलिस में भर्ती कम होती जा रही थी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि दुनिया भर में अराजकता थी और अमेरिका की वैश्विक साख कमजोर हो चुकी थी। मगर, उनके सत्ता संभालते ही, उन्होंने इन सब प्वॉइंट्स पर काम किया और बेहतर नतीजे दिए। इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि सिर्फ एक साल में उनकी सरकार ने हालात पलट दिए।
ड्रग तस्करों के कतरे पर
उन्होंने फेनटैनिल तस्करी का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, एक साल में सीमा पार फेनटैनिल की तस्करी में रिकॉर्ड 56% की कमी आई है। यह आंकड़ा उन्होंने अपनी सीमा नीति की सफलता के रूप में पेश किया।

अपराध और महंगाई में गिरावट
ट्रंप ने दावा किया कि हत्या दर 125 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने इसे अब तक की सबसे बड़ी गिरावट बताया। आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने कहा कि कोर महंगाई (Core Inflation) 2025 के अंत में घटकर 1.7% रह गई, जो पिछले पांच सालों में सबसे कम है। उन्होंने इसे पिछली सरकार के रिकॉर्ड हाई महंगाई दर से तुलना करते हुए अपनी अपनी पीठ थपथपाई।
गैसोलीन की कीमतों में बड़ी गिरावट
ट्रंप ने गैसोलीन की कीमतों का उदाहरण देकर कहा कि पहले कुछ राज्यों में कीमतें $6 प्रति गैलन से ऊपर थीं। लेकिन अब अधिकांश जगहों पर यह औसतन $2.30 प्रति गैलन से कम हो गई हैं।उन्होंने खास तौर पर आयोवा का जिक्र किया, जहां कीमतें $1.99 या यहां तक कि $1.85 प्रति गैलन तक गिर गई हैं। ट्रंप ने इसे अमेरिकी लोगों के लिए राहत बताया।
विदेशी निवेश में रिकॉर्ड उछाल
ट्रंप ने कहा कि पिछले चार सालों में जहां $1 ट्रिलियन से कम विदेशी निवेश आया था, वहीं उनके एक साल में $18 ट्रिलियन से अधिक का निवेश आया। उन्होंने बताया कि नई फैक्ट्रियों ने 70,000 नई मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां आईं।
'Golden Age' का राजनीतिक संदेश
ट्रंप की पूरी स्पीच का अगर निचोड़ निकालें तो यह था कि अमेरिका अब 'Golden Age' में एंट्री कर चुका है। ट्रंप ने बार-बार कहा कि देश अब पहले से ज्यादा शक्तिशाली है। उन्होंने अपने समर्थकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि उनकी नीतियां अमेरिका को आर्थिक, सैन्य और कूटनीतिक रूप से हमेशा ऊपर बनाए रखेंगी।
स्पीच बहाना-मिडटर्म इलेक्शन पर निशाना
2026 का यह स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन सिर्फ एक सालाना रिपोर्ट नहीं था, बल्कि यह एक चुनावी रणनीति भी था। ट्रंप ने अपने हर दावे को इस तरह पेश किया, जैसे वह अमेरिका के पुनर्जन्म की कहानी हो। जैसे- महंगाई 1.7%, फेनटैनिल तस्करी में 56% कमी, गैसोलीन $2.30 से कम, आयोवा में $1.85 तक, $18 ट्रिलियन इन्वेस्टमेंट, 70,000 नई नौकरियां, तेल उत्पादन में 600,000 बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी-ये सारे आंकड़े उनके भाषण की रीढ़ बने।
अब सवाल यह है कि अमेरिकी जनता इन दावों को कैसे देखती है। क्या यह सच में 'History's Greatest Comeback' है, या राजनीतिक बयानबाजी?
ट्रंप की इस स्पीच पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












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