Trump Policy: ईरान के बाद अब इस 'पड़ोसी' देश पर अटैक करेगा अमेरिका! व्हाइट हाउस से ट्रंप ने दिया खतरनाक संकेत
Trump Iran Cuba Policy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से एक ऐसा रणनीतिक ऐलान किया है, जिसने वैश्विक कूटनीति की बिसात बदल दी है। ट्रंप ने साफ कर दिया कि उनकी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का अगला पड़ाव मिडिल ईस्ट नहीं, बल्कि कैरेबियाई सागर होगा। राष्ट्रपति के मुताबिक, ईरान के साथ जारी संघर्ष अब अपने निर्णायक मोड़ पर है और वहां सैन्य लक्ष्य हासिल होते ही वाशिंगटन का पूरा ध्यान क्यूबा पर केंद्रित हो जाएगा।
यह बयान इस बात का सीधा संकेत है कि ट्रंप प्रशासन अब अपने पड़ोस में दशकों पुराने भू-राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के मूड में है। ईरान को 'घुटनों पर' लाने का दावा करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी आगामी विदेश नीति का केंद्र बिंदु क्यूबा में सत्ता परिवर्तन या बड़े कूटनीतिक बदलाव रहने वाले हैं।

ईरान के बाद ट्रंप के निशाने पर क्यूबा
व्हाइट हाउस से जारी अपने ताजा रुख में डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान का मुद्दा फिलहाल एक अनिवार्य प्राथमिकता है, जिसके सुलझते ही अमेरिका की पूरी ताकत क्यूबा की ओर मुड़ जाएगी। उन्होंने क्यूबा-अमेरिकी समुदाय को आश्वस्त किया कि मिडिल ईस्ट में शांति बहाली के तुरंत बाद वाशिंगटन का अगला रणनीतिक लक्ष्य कैरेबियाई क्षेत्र होगा। ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि ईरान के साथ युद्धविराम होते ही अमेरिकी विदेश नीति में एक बड़ा 'पिवट' देखने को मिलेगा।
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Cuba America Agreement: समझौते के लिए बेताब है क्यूबा सरकार
ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि क्यूबा की सरकार अब अमेरिका के साथ हाथ मिलाने और समझौता करने के लिए 'बेहद बेताब' है। उनके अनुसार, क्यूबा के हालात ऐसे हैं कि वह वाशिंगटन के साथ बातचीत शुरू करने का इंतजार कर रहा है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि कई क्यूबा-अमेरिकी नागरिक जल्द ही अपने देश वापस लौट सकेंगे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हम आपको खोना नहीं चाहते और जल्द ही आप अपने अविश्वसनीय देश वापस जा पाएंगे।
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Trump on Iran War Hindi: ईरान की सैन्य कमर टूटने का दावा
ट्रंप ने युद्ध की जानकारी देते हुए बताया कि इजराइली सेना के साथ मिलकर अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को बुरी तरह कमजोर कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि अब ईरान के पास न तो वायुसेना बची है और न ही हवाई रक्षा तंत्र। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने मात्र तीन दिनों में ईरान के 24 जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिससे ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है।
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World News Hindi: ईरानी नेताओं की बातचीत की कोशिश
राष्ट्रपति ने खुलासा किया कि अब ईरानी नेता समझौते के लिए बार-बार फोन कर रहे हैं और रास्ता पूछ रहे हैं। ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे बातचीत की पहल करने में काफी देर कर चुके हैं। उन्होंने ईरानी राजनयिकों को सलाह दी कि वे युद्ध छोड़कर एक नए और बेहतर ईरान को आकार देने में मदद करें, क्योंकि लगातार संघर्ष उनके देश के लिए और भी ज्यादा विनाशकारी साबित हो सकता है।












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