घर में झाड़ू-पोछा-बर्तन मांजने वाली कलिता माझी बनीं बंगाल की मंत्री, अब कितनी मिलेगी सैलरी, क्या करता है पति?
Kalita Majhi: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को एक ऐसा ऐतिहासिक पल आया, जिसने लोकतंत्र की असली ताकत को पूरी दुनिया के सामने रख दिया। कोलकाता के लोक भवन में सुबह 11 बजे हुए भव्य मंत्रिमंडल विस्तार में राज्यपाल आर एन रवि ने 35 नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई।
इस पूरी सूची में एक नाम ऐसा था, जिसने राजनीति के बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह नाम है कलिता माझी का। कभी दो वक्त की रोटी के लिए दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन माजने वाली कलिता माझी ने इस नए मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ ली है।

एक बेहद गरीब घरेलू सहायिका से लेकर राज्य सरकार में मंत्री बनने तक का उनका यह सफर किसी फिल्मी कहानी जैसा जरूर लगता है, लेकिन यह सौ फीसदी हकीकत है। खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके इस असाधारण और संघर्षपूर्ण चुनावी सफर की तारीफ कर चुके हैं।
₹2,500 कमाने वाली मेड अब संभालेंगी मंत्रालय
कलिता माझी का जीवन बेहद गरीबी और तंगहाली में गुजरा है। कुछ समय पहले तक वे दूसरों के घरों में जाकर चौका-बर्तन और साफ-सफाई का काम करती थीं, जिससे उन्हें हर महीने बमुश्किल 2,500 से 4,000 रुपये की कमाई होती थी। यही मामूली रकम उनके पूरे परिवार के गुजर-बसर का एकमात्र सहारा थी।
कलिता अपने काम को लेकर इस कदर समर्पित थीं कि चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने अपने इस काम से एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली थी। सुबह दूसरों के घरों का काम निपटाकर वे पार्टी के लिए वोट मांगने निकल पड़ती थीं।
4 मई का दिन उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब इस साधारण महिला ने विधानसभा का चुनाव जीतकर सीधे विधायक के रूप में सदन में एंट्री मारी। कलिता का कहना है कि वे इस ऐतिहासिक जीत और सम्मान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिल से आभारी हैं, जिन्होंने एक अदने से कार्यकर्ता पर इतना बड़ा भरोसा जताया।
जानिए कौन हैं कलिता के पति और उनका परिवार (Kalita Majhi Husband Profession)
- कलिता माझी का घर और परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है। वे घुस्कुरा नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 में स्थित मझपुकुर पारा की रहने वाली हैं। कलिता के पति सुब्रत माझी पेशे से एक प्लंबर (नलसाज) हैं, जो दिनभर मेहनत-मजदूरी करके घर चलाने में मदद करते हैं। उनका एक बेटा है, जिसने हाल ही में अपनी कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं दी हैं।
- राजनीति की इस महंगी और खर्चीली दुनिया में कलिता जैसी गरीब महिला का टिकना आसान नहीं था, लेकिन इस सफर में उनके ससुर ने उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उनका साथ दिया।
- कलिता याद करती हैं कि साल 2021 में जब ससुर को पता चला कि पार्टी उन्हें टिकट देने वाली है, तो उन्होंने हौसला बढ़ाते हुए कहा था, "बहू, क्या तुम अपनी पूरी जिंदगी दूसरों के घरों में काम करते हुए ही बिता दोगी? हमारे लिए तो तुम बहुत कुछ कर रही हो, अब थोड़ा समाज के लिए भी कुछ करके दिखाओ।"
- हालांकि, उनके ससुर आज उन्हें मंत्री बनते देखने के लिए इस दुनिया में नहीं हैं, उनका करीब दो साल पहले निधन हो गया था। साल 2006 में शादी के बाद शुरुआती दो साल घर संभालने वाली कलिता ने साल 2014 में एक बूथ एजेंट के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद साल 2019 में वे घुस्कुरा नगर की पार्टी सचिव बनीं और अपनी सक्रियता के दम पर आज इस मुकाम तक पहुंची हैं।

मंत्री बनने के बाद अब कितनी मिलेगी सैलरी? (Kalita Majhi Salary)
एक घरेलू सहायिका के रूप में कुछ हजार रुपये कमाने वाली कलिता माझी को अब राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनने के बाद सरकारी नियमों के अनुसार एक बेहतरीन सैलरी और भत्ते मिलेंगे। पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक मंत्रियों की सैलरी का पूरा ब्रेकअप इस तरह है:
- मासिक वेतन (Monthly Salary): पश्चिम बंगाल में एक राज्य मंत्री (MoS) और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार को सभी भत्ते मिलाकर हर महीने लगभग ₹1.05 लाख की कुल सैलरी मिलती है। यह राशि एक आम विधायक को मिलने वाले ₹81,000 से काफी ज्यादा है।
- दैनिक भत्ता (Daily Allowance): विधानसभा सत्र के दौरान या किसी आधिकारिक सरकारी दौरे पर रहने के दौरान मंत्रियों को अलग से ₹2,000 से ₹3,000 प्रतिदिन का दैनिक भत्ता (DA) भी दिया जाता है।
- टैक्स और नियम: मंत्रियों को मिलने वाले इस पूरे वेतन पर नियमानुसार इनकम टैक्स लागू होता है, जिसे तय नियमों के तहत चुकाना पड़ता है।

गाड़ी, बंगला और सुरक्षा समेत मिलेंगी ये सुविधाएं
सैलरी के अलावा एक राज्यमंत्री के तौर पर कलिता माझी को वे सभी वीआईपी (VIP) सुविधाएं और अधिकार मिलेंगे, जो किसी भी बड़े सरकारी पद के लिए तय होते हैं। इन सभी सुविधाओं का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है:
आधिकारिक बंगला: कलिता माझी को कोलकाता के पॉश इलाके में रहने के लिए सरकार की तरफ से पूरी तरह से सुसज्जित (Furnished) सरकारी आवास या बंगला दिया जाएगा।
गाड़ी और पर्सनल स्टाफ: उन्हें आधिकारिक दौरों के लिए एक सरकारी गाड़ी मिलेगी, जिसके साथ चौफर (ड्राइवर) और हर महीने मुफ्त ईंधन (पेट्रोल/डीजल) और गाड़ी के रख-रखाव का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
24 घंटे सुरक्षा कवर: कलिता के आवास और उनके साथ हर समय गृह मंत्रालय की तरफ से पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) और पुलिस सुरक्षा बल तैनात रहेगा।
मुफ्त इलाज और यात्रा: उन्हें और उनके परिवार को सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। साथ ही सरकारी काम से यात्रा करने के लिए हवाई यात्रा या ट्रेन के प्रथम श्रेणी का मुफ्त पास दिया जाएगा।इसके अलावा उनके दफ्तर के फोन और इंटरनेट का खर्च भी सरकार उठाएगी।
कलिता माझी का कहना है कि मंत्री बनने के बाद उनका सबसे पहला फोकस अपने इलाके के पिछड़े वर्गों के विकास, हर घर तक साफ पीने का पानी पहुंचाने, पक्की सड़कें बनवाने और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने पर रहेगा।














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