डोनाल्ड ट्रंप का खौफ, अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में भारतीय छात्रों की संख्या घटी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में भारतीय छात्रों की एप्लीकेशन में आई भारी गिरावट। ट्रंप की वीजा नीति में संभावित बदलाव की वजह से घबराए भारतीय छात्र।
वॉशिंगटन। अमेरिकी यूनिवर्सिटीज ने भारतीय छात्रों की ओर से आने वाली एडमिशन की एप्लीकेशन में तेजी से गिरावट दर्ज की है। हाल ही में अमेरिका में भारतीयों पर बढ़े हमलों ने छात्रों में डर का माहौल बना दिया है। इसके अलावा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित वीजा नीतियों की वजह से भी छात्र काफी परेशान हैं।

सर्वे में आए नतीजे
अमेरिका के 250 कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज पर एक सर्वे कराया गया था। इस सर्वे को अमेरिका के छह बड़े शैक्षिक समूहों की ओर से कराया गया था। इस सर्वे के मुताबिक भारतीय छात्रों की ओर से अंडर ग्रेजुएट्स कोर्स के लिए दाखिल होने वाली एप्लीकेशंस में इस वर्ष 26 प्रतिशत की गिरावट देखी गई तो वहीं ग्रेजुएशन कोर्सेज के लिए एप्लीकेशंस में 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। इस रिपोर्ट को 'ओपन डोर 2016' नाम दिया गया है और यह पूरी रिपोर्ट इस हफ्ते रिलीज होगी। इस पर कई विशेषज्ञों की ओर से चिंता जाहिर की गई है। उनका मानना है कि छात्र और उनके परिवार वाले वीजा में होने वाले बदलावों से घबराए हुए हैं और इस समय माहौल को अच्छा नहीं मान रहे हैं।
क्या हैं वजहें
न सिर्फ भारत बल्कि चीन के छात्रों की ओर से भी यूनिवर्सिटीज में एप्लीकेशंस भेजना कम कर यिा गया है। छात्रों की ओर से ट्रंप के ट्रैवेल बैन को लेकर कई तरह की चिंताएं जताई गई हैं। छात्रों का मानना है कि अब अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए माहौल ठीक नहीं है। भारत और चीन के छात्रों का मानना है कि छात्रों को भारत, चीन और नेपाल में स्थित अमेरिकी दूतावासों की ओर से वीजा देने से मना कर दिया जाएगा। इसके अलावा दूसरे देशों से आने वाले छात्र ये भी मान रहे हैं कि उनके लिए वीजा की वजह से मिलने वाले फायदों को कम कर दिया जाएगा और साथ ही उन्हें नौकरियों के भी कम अवसर मिलेंगे। इसके अलावा कहीं न कहीं यह डर भी उन्हें घर कर गया है अमेरिकी राष्ट्रपति बैन में कुछ और देशों को भी शामिल कर सकते हैं।












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