Trump Iran Deal: 'समझौते के लिए तड़प रहा है ईरान' ट्रंप के दावे से दुनिया में हलचल तेज, कम होंगे तेल के दाम?
Trump Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान समझौता करने के लिए बेहद बेताब है और मौजूदा संघर्ष बहुत जल्द खत्म हो सकता है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में वैश्विक तेल कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी क्योंकि बाजार में तेल की सप्लाई काफी ज्यादा है।
वॉशिंगटन डीसी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सख्त रणनीति के बाद ईरान बातचीत की मेज पर आने को मजबूर हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समझौता हो जाता है तो मध्य पूर्व में तनाव काफी हद तक कम हो सकता है।

Why US Delayed Attack on Iran: 'ट्रंप की सख्त चेतावनी: डील नहीं हुई तो पलक झपकते ही करेंगे विनाशकारी हमला
यद्यपि ट्रंप ने हमला टाल दिया है, लेकिन उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री (Secretary of War) पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैनियल केन को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कहा-अगर एक स्वीकार्य समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना पलक झपकते ही (On a moment's notice) ईरान पर बड़े पैमाने पर पूर्ण सैन्य हमला करने के लिए तैयार है। इस समझौते की सबसे मुख्य और गैर-परक्राम्य (Non-negotiable) शर्त यह होगी कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे।
अमेरिकी सीनेट में ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर सवाल
इसी बीच अमेरिकी सीनेट में ट्रंप प्रशासन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। सीनेट ने एक प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शक्तियों को सीमित करना है। डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में कहा गया है कि राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की स्पष्ट अनुमति के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं कर सकते। 50-47 के वोट से पारित इस प्रस्ताव को चार रिपब्लिकन सांसदों का भी समर्थन मिला। इन सांसदों में सुसान कॉलिन्स, लिसा मर्कोव्स्की, रैंड पॉल और बिल कैसिडी शामिल हैं।
डेमोक्रेट नेताओं ने कहा- 'असंवैधानिक युद्ध बंद हो'
कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद एडम शिफ ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अमेरिकी जनता असंवैधानिक युद्ध नहीं चाहती। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सीनेट ने आखिरकार अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाई है। वहीं, बर्नी सैंडर्स ने कहा कि अमेरिकी लोग अरबों डॉलर "अनंत युद्धों" पर खर्च नहीं करना चाहते, बल्कि देश के अंदर मौजूद आर्थिक और सामाजिक संकटों का समाधान चाहते हैं।
खाड़ी देशों की अपील पर टला था हमला
इस पूरे घटनाक्रम से पहले ट्रंप ने सोमवार को खुलासा किया था कि अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप के मुताबिक, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनसे सैन्य कार्रवाई कुछ समय के लिए रोकने की अपील की थी। इन नेताओं का मानना था कि ईरान के साथ गंभीर बातचीत जारी है और शांति समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है।
हालांकि ट्रंप ने साफ कर दिया कि अगर अमेरिका की शर्तों के मुताबिक समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित न करे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि यदि "स्वीकार्य समझौता" नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़े हमले के लिए तैयार रहेगी।
बाजार में तेल का भंडार, कीमतें औंधे मुंह गिरेंगी
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी का जो उछाल आया था, उस पर राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया को बड़ी राहत की खबर दी। ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार-बार दोहराया-बाजार में इस समय तेल की कोई कमी नहीं है, बहुत प्रचुर मात्रा में तेल उपलब्ध है। जैसे ही यह युद्ध खत्म होगा, आप देखेंगे कि तेल की कीमतें आसमान से सीधे जमीन पर आ गिरेंगी (Plummet)। ईंधन के दाम बहुत तेजी से नीचे आने वाले हैं।
अब पूरी दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।














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