LGBTQ समुदाय के लिए काल बना तालिबान! सजा सुनकर कांप जाएगी आपकी रूह
काबुल, 26 अगस्त। तालिबान ने एक बार फिर अफगानिस्तान पर अपना कब्जा जमा लिया है, विद्रोहियों की वापसी के बाद वहां के लोग देश खौफ के चलते देश छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। भले ही तालिबान इस बार चिकनी-चुपड़ी बातें कर लोगों को देश नहीं छोड़ने का आग्रह कर रहा है लेकिन साल 1996 में उसके द्वारा किए गए कल्तेआम और कड़े प्रतिबंधों को कोई भुला नहीं सकता। काबुल में प्रवेश के बाद से कई तरह की ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जो तालिबान का असली चेहरा दिखाती हैं।

तालिबान ने किया ये ऐलान
तालिबानी आकाओं ने अफगान पर कब्जे के बाद से ही कमकाजी महिलाओं के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है। वहीं कुछ तस्वीरें सामने आई थीं जिसमें महिला मॉडल्स के पोस्टर को पेंट करके ढका जा रहा था। अब हाल ही में समलैंगिक लोगों को लेकर अफगानिस्तान में तालिबान का भायवह चेहरा सामने आया है। गौरतलब है कि तालिबान से LGBTQ समुदाय के लोग भी खौफ खाए बैठे हैं।

अफगानिस्तान में सुरक्षित नहीं समलैंगिक
इस कम्युनिटी के कई लोगों का मानना है कि तिलाबानियों को उनकी समलैंगिकता के बारे में पता चला तो वह उन्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे। तालिबान ने पहली ही ऐलान कर दिया है कि अफगानिस्तान में अब शरिया कानून लागू किया जाएगा। इसके अलावा तालिबानी जजों ने खुलासा किया है किसी को समलैंगिक पाए जाने पर उसे मौत की सजा दी जाएगी। लोगों को बीच खौफ बनाए रखने के लिए समलैंगिकों को बेहद दर्दनाक मौत की सजा दी जाएगी।

समलैंगिकों को दी जाएगी मौत की सजा
तालिबानी जजों के मुताबिक LGBTQ समुदाय के लोगों पर दीवार गिराकर उनकी हत्या की जाएगी। इसके अलावा कई और ऐसे खुलासे सामने आए हैं जिसे सुन आपकी रूह कांप जाएगी। जज गुल रहीम ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि चोरी करने वालों के हाथ-पैर काटे जाएंगे। वहीं, अगर समलैंगिक रिश्ता रखा जाता है, तो दोनों को प्राइवेट पार्ट सबके सामने काट दिए जाएंगे।

दोस्त और पिता ने की हत्या करने की कोशिश
एक अफगानी युवक ने स्काई न्यूज को बताया कि वह टीनेजर में ही समझ गया था कि वह गे है। शख्स ने कहा,
मुझे कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मेरे अपने ही दोस्तों ने मेरी हत्या करने की कोशिश की थी। एक बार तो मेरे पिता ने ही मुझपर जानलेवा हमला किया। उन्होंने मुझे एक दोस्त के साथ देख लिया था जिसके बाद उन्हें शक हुआ कि मैं समलैंगिक हूं। मेरी जान का खतरा था, इसलिए मैंने एक महिला से शादी करने का फैसला किया।

तालिबान के राज में LGBTQ को जगह नहीं
शख्स ने आगे कहा,
मैं आज अपनी फीलिंग्स के साथ लड़ता हूं, छिप-छिपकर रोता हूं। कई बार तो अपने आप को चोट पहुंचाने की कोशिश भी की है। शादी का फैसला मेरे लिए सबसे मुश्किल फैसला था लेकिन मुझे अगर जिंदा रहना है तो मुझे यूं ही घुट-घुट कर रहना होगा। अगर तालिबान को पता चल गया कि कोई शख्स एलजीबीटीक्यू समुदाय का है तो उसे मौत की सजा मिलेगी ही। मैंने सभी पड़ोसी देशों से शरण देने का आग्रह किया है, किसी भी देश ने वीजा जारी नहीं किया लेकिन भारत ने मुफ्त वीजा की घोषणा की थी। एलजीबीटीक्यू लोगों के लिए तालिबान राज में कोई जगह नहीं है।
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