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तालिबान जल्द लागू करेगा नया 'संविधान', अफगानिस्तान में संगीत पर प्रतिबंध, महिलाओं के लिए होंगे नये नियम

तालिबान ने अफगानिस्तान में म्यूजिक पर पाबंदी लगा दी है, वहीं महिलाओं के लिए नये नियमों की घोषणा की जाएगी।

काबुल, अगस्त 26: तालिबान ने अफगानिस्तान के लिए नये 'संविधान' की घोषणा कर दी है और पूरे देश में गीत- संगीत पर पाबंदी लगाने की घोषणा कर दी है। तालिबान के एक नेता ने घोषणा करते हुए पूरे अफगानिस्तान में म्यूजिक पर पाबंदी लगाने की घोषणा की है और महिलाओं के लिए भी तालिबान ने नये नियमों की घोषणा कर दी है। तालिबान ने कहा कि अगर महिलाएं तीन दिनों से ज्यादा के लिए घर से बाहर निकलती हैं, तो उनके साथ कोई ना कोई परिवार का पुरूष सदस्य होना अनिवार्य है। तालिबानी नेता ने कहा कि वो पिछली सरकार की तुलना में उदार होगा।

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    तालिबान का नया कानून

    तालिबान का नया कानून

    तालिबान के एक नेता ने घोषणा की है कि अफगानिस्तान में संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा और अगर किसी महिला को तीन दिनों से ज्यादा की यात्रा पर निकलना हो, तो उसे परिवार के किसी पुरूष के साथ होना होगा। इसके साथ ही तालिबानी नेता ने वादा किया है कि उसकी नई सरकार 20 साल पुरानी सरकार की तुलना में उदार होगा। न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि, महिलाओं को बाद में काम पर लौटने और स्कूल और अस्पतालों की यात्रा पर जाने की अनुमति दी जाएगी। लेकिन उन्हें कई दिनों तक चलने वाली यात्राओं के लिए परिवार के किसी पुरूष के साथ ही निकलने की इजाजत दी जाएगी।

    अफगानिस्तान में संगीत पर प्रतिबंध

    अफगानिस्तान में संगीत पर प्रतिबंध

    तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पूर अफगानिस्तान में संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा और इसके पीछे उसने तर्क दिया कि इस्लाम में संगीत को हराम माना गया है। मुजाहिद ने कहा कि, 'इस्लाम में संगीत की मनाही है, लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि हम लोगों को इस तरह की चीजें न करने के लिए राजी कर सकें, बजाय इसके कि उन पर दबाव बनाया जाए। फिर भी उसने कहा कि, पिछले शासन की तुलना में इस तालिबान शासन के तहत चीजें अलग होंगी। तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि, 'हम भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं और अतीत में जो हुआ उसे भूल जाना चाहते हैं। इसके साथ ही तालिबानी प्रवक्ता ने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया है, जिसमें कहा गया है कि तालिबान उन लोगों से बदला ले रहा है, जिन्होंने तालिबान का विरोध किया था।

    महिला अधिकारों पर तालिबान

    महिला अधिकारों पर तालिबान

    तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि समय आने पर अफगानिस्तान में महिलाओं को नौकरी पर आने की इजाजत दी जाएगी और महिलाओं के काम पर जाने के लिए कुछ नियम बनाए जाएंगे। तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि, महिलाओं को सिर ढंक कर ऑफिस जाना होगा। इसके साथ ही तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि इस बार उसकी सरकार में महिलाओं को घर के अंदर रहने के लिए या फिर चेहरे को ढंककर ही बाहर निकलने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की खबरें निराधार हैं। आपको बता दें कि तालिबान के पिछले शासन में महिलाओं को पूरे शरीर को ढंककर निकलना पड़ता था और देखने के लिए आंखों के पास एक जाली बनी होती थी।

    बदले की कार्रवाई नहीं

    बदले की कार्रवाई नहीं

    तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि उसकी सरकार में बदले की कार्रवाई नहीं की जाएगी और उन लोगों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा, जिन्होंने अमेरिकी सेना की मदद की थी। तालिबान ने कहा कि उनकी सरकार में अमेरिकी सेना के ट्रांसलेटर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, तालिबान ने अमेरिका द्वारा लोगों को बाहर निकालने पर निराशा जताई है। हालांकि, तालिबान उदारता के दावे कर रहा है, लेकिन उसके तमाम दावे इसलिए झूठ लग रहे हैं क्योंकि पिछले एक महीने के दौरान तालिबान कई ट्रांसलेटर्स को मार चुका है। वहीं, अमेरिकी सेना की मदद करने वालों की लिस्ट बनाकर उन्हें कंधार प्रांत में खोजा जा रहा है। लिहाजा, तालिबान के दावे झूठे हैं।

    कथनी करनी में फर्क

    कथनी करनी में फर्क

    तालिबानी प्रवक्ता मुजाहिद की टिप्पणी तालिबान की उस घोषणा के एक दिन बाद आई है, जब तालिबान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की थी कि महिलाओं को 'जब तक हमारे पास एक नई प्रक्रिया नहीं है' तब तक घर के अंदर ही रहना होगा। तालिबानी प्रवक्ता ने कहा कि, तालिबान में शामिल होने वाले नये लड़ाकों को लेकर आशंका है कि वो महिलाओं के साथ गलत हरकत कर सकते हैं, क्योंकि अभी तक वो पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं हुए हैं। लिहाजा महिलाओं को अभी घर में ही रहना चाहिए।'' वहीं, तालिबान की सांस्कृतिक मामलों की समिति के डिप्टी अहमदुल्ला वासेक ने टाइम्स को बताया कि तालिबान को 'कामकाजी महिलाओं के साथ कोई समस्या नहीं है जब तक वे पहनते हैं हिजाब पहनती हैं।''

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