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अफगानिस्तान में अब रेस्टोरेंट में पति-पत्नी भी साथ नहीं खा सकते खाना, तालिबान का नया फरमान

अगस्त में सत्ता में लौटने के बाद से तालिबान ने पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग करने पर प्रतिबंध लगाए हैं। ‘ सदाचार’ को बढ़ावा देने और ‘बुराई’ की रोकथाम करने के लिए तालिबान ने ये प्रतिबंध लगाए हैं।

काबुल, मई 13: अफगानिस्तान का तालिबान शासन लगातार महिलाओं की आजादी छीनने में लगा हुआ है और अजीबोगरीब फरमान जारी कर रहा है। तालिबान पहले ही अफगानिस्तान में लड़कियों की पढ़ाई बंद करवा चुका है, साथ ही महिलाओं के गाड़ी चलाने पर पाबंदी लगा चुका है, वहीं अब तालिबान ने नया आदेश जारी करते हुए रेस्टोरेंट में एक साथ महिला और पुरूषों के खाना खाने पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।

तालिबान का नया फरमान

तालिबान का नया फरमान

पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के अधिकारियों ने पश्चिमी अफगान शहर हेरात में पुरुषों और महिलाओं के एक साथ बाहर खाने और पार्कों में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, अफगानिस्तान एक गहन रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक राष्ट्र है, लेकिन अफगानिस्तान में भी पुरुषों और महिलाओं को रेस्टोरेंट में एक साथ भोजन करते देखना आम बात है, खासकर हेरात में, जिसे लंबे समय से अफगान मानकों द्वारा उदार माना जाता है। लेकिन, तालिबान के ताजा फरमान के बाद अब रेस्टोरेंट में महिलाएं और पुरूष एक साथ खाना नहीं खा सकते हैं।

तालिबान का अजीबोगरीब फरमान

तालिबान का अजीबोगरीब फरमान

अगस्त में सत्ता में लौटने के बाद से तालिबान ने पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग करने पर प्रतिबंध लगाए हैं। हेरात में ' सदाचार' को बढ़ावा देने और 'बुराई' की रोकथाम करने के लिए तालिबान ने ये प्रतिबंध लगाए हैं। तालिबान के संस्कृति मंत्रालय में तालिबान के एक अधिकारी रियाज़ुल्लाह सीरत ने कहा कि, अधिकारियों ने "निर्देश दिया है कि पुरुषों और महिलाओं को रेस्तरां में अलग किया जाए"। तालिबानी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि, रेस्टोरेंट मालिकों को मौखिक रूप से चेतावनी दी गई है, कि नियम "चाहे वे पति-पत्नी ही क्यों ना हों" उनपर भी लागू होते हैं।

रेस्टोरेंट में फैसला लागू

रेस्टोरेंट में फैसला लागू

एक अफगान महिला ने पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि, मैनेजर ने उसे और उसके पति को बुधवार को हेरात रेस्टोरेंट में अलग बैठने को कहा। हेरात प्रांत में स्थिति एक रेस्टोरेंट के मैनेजर सफीउल्लाह ने पुष्टि की है, कि उन्हें मंत्रालय का आदेश मिला है। सफीउल्लाह ने कहा कि, 'हमें आदेश का पालन करना होगा, लेकिन इसका हमारे व्यवसाय पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।" उन्होंने कहा कि अगर प्रतिबंध जारी रहता है तो उन्हें कर्मचारियों को निकालने पर मजबूर होना पड़ेगा, क्योंकि इस फैसले के बाद रेस्टोरेंट में लोगों का आना काफी ज्यादा कम हो जाएगा। वहीं, तालिबान के अधिकारी सीरत ने यह भी कहा कि, उनके कार्यालय ने एक फरमान जारी किया है कि हेरात के सार्वजनिक पार्कों को लिंग के आधार पर अलग किया जाना चाहिए, जिसमें पुरुषों और महिलाओं को केवल अलग-अलग दिनों में जाने की अनुमति है।

पार्कों के लिए तालिबान के नियम

पार्कों के लिए तालिबान के नियम

जियो न्यूज के मुताबिक, तालिबानी अधिकारी सीरत ने कहा कि, 'हमने महिलाओं को गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को पार्कों में जाने के लिए कहा है। और अन्य दिन पुरुषों के लिए रखे गये हैं, जो छुट्टी बिताने और व्यायाम के लिए जा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि जो महिलाएं उन दिनों व्यायाम करना चाहती हैं उन्हें "सुरक्षित जगह ढूंढनी चाहिए या अपने घरों में करनी चाहिए'। तालिबान ने पहले 1996 से 2001 तक सत्ता में अपने पहले कार्यकाल की तुलना में एक नरम शासन का वादा किया था, जिसे मानवाधिकारों के हनन द्वारा चिह्नित किया गया था। लेकिन तालिबान ने विशेष रूप से लड़कियों और महिलाओं के अधिकारों को तेजी से प्रतिबंधित कर दिया है, जिन्हें माध्यमिक विद्यालयों और कई सरकारी नौकरियों में लौटने से रोक दिया गया है।

अफगान महिलाओं का विरोध

अफगान महिलाओं का विरोध

वहीं, बुर्का पहनना अनिवार्य कर देने के बाद अफगानिस्तान की महिलाएं विरोध प्रदर्शन पर उतर आई हैं और इस हफ्के राजधानी काबुल में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया है। राजधानी काबुल में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपना चेहरा खुला रखा। वे सड़कों पर 'जस्टिस, जस्टिस' का नारा लगा रही थीं। तालिबान द्वारा हाल में ही लागू किए गए बुर्का फरमान में महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे पर नकाब समेत बुर्का पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।

रिपोर्टिंग करने से पत्रकारों को रोका

रिपोर्टिंग करने से पत्रकारों को रोका

वहीं, तालिबान के फैसले के खिलाफ अफगान महिलाओं के एक समूह ने काबुल की सड़कों पर मार्च किया। इस दौरान तालिबानी लड़ाकों ने उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश भी की। इसके अलावा उन्होंने इस घटना को कवर कर रहे पत्रकारों को भी रिपोर्टिंग करने से रोक दिया। प्रदर्शन कर रही एक महिला ने बताया कि तालिबान द्वारा हमें कठोर व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने हमसे कहा कि अगर हम एक कदम भई आगे बढ़ते हैं, तो वे हम पर 30 राउंड फायर करेंगे। ये हमारे लिए एक भयानक अनुभव था।

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