इस्लामाबाद के मदरसे में तालिबान राज का स्वागत, छात्राओं ने मनाया जश्न, बोले अफगान- टूटेगा पाकिस्तान
पाकिस्तान डेली के मुताबिक इस्लामाबाद के बीचों-बीच लाल मस्जिद से जुड़े जामिया हफ्सा मदरसे में तालिबान के झंडे फहराए गए हैं।
इस्लामाबाद, अगस्त 22: एक तरफ अफगानिस्तान में अशांति है और महिलाओं के सारे अधिकार छीन लिए गये हैं, उस वक्त पाकिस्तान में तालिबानी राज का स्वागत किया जा रहा है। तालिबान की जीत पर पाकिस्तान के कई अलग अलग इलाकों में जश्न मनाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की राजधानी में स्थित एक मदरसे में तालिबान की जीत का जमकर जश्न मनाया गया है, जिसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्राओं ने तालिबान के स्वागत में गीत भी गाए हैं।

तालिबान राज का स्वागत
पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक महिला मदरसे में तालिबान की जीत का जश्न मनाया गया और बाद में मदरसे की छत पर अफगानिस्तान पर कब्जा करने वाले आतंकी संगठन तालिबान के झंडे फहराए गए। हालांकि, बाद में प्रशासन को जब इसकी जानकारी लगी, तो आनन-फानन में तालिबानी झंडे को मदरसे की छत से हटवाया गया।

जामिया हफ्सा में फहराए गये झंडे
पाकिस्तान डेली के मुताबिक इस्लामाबाद के बीचों-बीच लाल मस्जिद से जुड़े जामिया हफ्सा मदरसे में तालिबान के झंडे फहराए गए हैं। मदरसा में तालिबान के झंडे पकड़े हुए और "सलाम तालिबान" (सलाम तालिबान) के नारे बच्चे लगा रहे थे और जोर जोर से तालिबान के समर्थन में गीत गा रहे थे, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। वहीं, लाल मस्जिद के प्रवक्ता हाफिज एहतेशाम ने कहा कि, जामिया हफ्सा में "इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान" का झंडा फहराया गया था। वहीं, विवादास्पद मौलवी मौलाना अब्दुल अजीज ने लाल मस्जिद में शरिया और फतेह मुबारक सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है। हालांकि, पाकिस्तान का एक तबका तालिबानी झंडा फहराने का विरोध कर रहा है।
पाकिस्तान में तालिबान का समर्थन
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान के ज्यादातर इलाकों में तालिबान का जमकर समर्थन किया जा रहा है। इस्लामाबाद के उपायुक्त हमजा शफकत ने कहा कि इस तरह के झंडे को फहराने की इजाजत नहीं है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि मदरसे से झंडे को हटा दिया गया है। आपको बता दें कि पाकिस्तान की राजधानी में स्थिति लाल मस्जिद हमेशा से कट्टरपंथियों का अड्डा रहा है। लाल मस्जिद 2007 में इस्लामिक कट्टरपंथियों और पाकिस्तान सरकार के बीच टकराव का ग्राउंड ज़ीरो थी और लाल मस्जिद की निगरानी काफी लंबे समय से पाकिस्तान की पुलिस करती आई है। 2007 में कट्टरपंथी वारदातों के चलते लाल मस्जिद को घेर कर उसके मौलाना अब्दुल अजीज को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन अप्रैल 2009 में रिहा कर दिया गया था।

अफगान ने कहा- टूटेगा पाकिस्तान
पाकिस्तान के महिला मदरसे में तालिबानी झंडा फहराने को लेकर अफगानिस्तान की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया दी जा रही है। अफगान के लोग कह रहे हैं कि वो आज तालिबान से परेशान हैं और आगे जाकर पाकिस्तान के भी कई टुकड़े किए जाएंगे। अफगानिस्तान के पत्रकार हबीब खान ने कहा है कि आज नहीं तो कल तालिबान के कब्जे से हम अफगानिस्तान को आजाद करवा लेंगे, हमलावरों को सत्ता से उखाड़ फेकेंगे, लेकिन पाकिस्तान का क्या होगा। पाकिस्तान के लोग याद रखें, पाकिस्तान कई टुकड़ों में बिखर जाएगा। वहीं, कई ट्वीटर यूजर ने कहा कि जब पाकिस्तान की पूरी सरकार की तालिबान का समर्थन कर रही है, तो फिर ऐसी तस्वीरें आनी ही है।












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