अफगान जनता पर तालिबान ने थोपा नया 'फतवा', अब लड़का-लड़की नहीं पढ़ सकेंगे साथ
नई दिल्ली, 21 अगस्त: अफगानिस्तान की सत्ता हाथ में लेते ही तालिबानियों ने अपने अजीबो-गरीब नियम जनता पर थोपने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को कट्टर मुस्लिम संगठन ने अपना पहला फतवा जारी किया, जिसमें हेरात प्रांत में सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में लड़के-लड़कियों के साथ पढ़ने पर रोक लगा दी गई। तालिबान का कहना है कि समाज में सभी बुराइयों की जड़ यही है।

खामा प्रेस न्यूज एजेंसी के मुताबिक तालिबान के कमांडरों ने शनिवार को विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों, निजी कॉलेजों के मालिकों आदि के साथ बैठक की। जिसमें ये फैसला लिया गया कि अब लड़का-लड़की स्कूल/कॉलेज में साथ नहीं पढ़ेंगे। दोनों के लिए अलग-अलग संस्थान रखे जाएंगे। इसके बाद इसको लेकर एक फतवा जारी कर दिया गया है। तीन घंटे चली बैठक के दौरान तालिबान का प्रतिनिधित्व कर रहे मुल्ला फरीद ने कहा कि इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। लड़का-लड़की की संयुक्त शिक्षा को तुरंत खत्म किया जाना चाहिए। अब सदाचारी महिला प्रोफोसर ही सिर्फ छात्राओं को पढ़ा पाएंगी। अगर किसी पुरूष कॉलेज में महिला शिक्षक है, तो उसको इजाजत नहीं दी जाएगी।
फरीद ने कहा कि तालिबान का मानना है कि दोनों के साथ पढ़ने से ही समाज में बुराइयां व्याप्त हैं। वहीं बैठक में प्रोफेसरों ने बताया कि सरकार कॉलेज इससे प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन निजी संस्थानों को इससे काफी फर्क पड़ेगा। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार हेरात में निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में 40,000 छात्र और 2,000 लेक्चरर हैं।
महिला को जिंदा जलाया
एक पूर्व अफगान जज और महिला हिंसा के खिलाफ अभियान चलाने वाली नजला अयूबी ने महिलाओं पर अत्याचार को लेकर अहम खुलासे किए हैं। स्काई न्यूज से बात करते हुए नजला अयूबी ने बताया कि अफगानिस्तान के उत्तर में तालिबान लड़ाकों ने एक महिला को जिंदा जला दिया। महिला की गलती इतनी भर थी कि उसका बनाया खाना तालिबानी लड़ाकों को पसंद नहीं आया।












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