Taiwan elections 2024: ताइवान चुनाव में मतदान खत्म.. चीन या अमेरिका, किसकी पसंद की बनेगी सरकार?

Taiwan elections 2024: ताइवान के राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों में मतदाताओं ने अपने मत डाल दिए हैं और आज शाम तक नतीजे घोषित होने की उम्मीद की जा रही है। इस चुनाव में राष्ट्रपति पद के तीन उम्मीदवार थे, जिनके बीच मुकाबला हुआ है।

राष्ट्रपति पद के लिए मतदान में सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) की तरफ से मौजूदा उपराष्ट्रपति विलियम लाई चिंग-ते, कुओमितांग पार्टी ले (KMT) से न्यू ताइपे शहर के पूर्व मेयर होउ यू-इह और ताइवान पीपुल्स पार्टी से तीसरे पक्ष की तरफ से वेन-जे उम्मीदवार थे।

Taiwan elections 2024

ताइवान में किसकी सरकार?

ताइवान के लोकतंत्र की भविष्य की दिशा दांव पर है। मौजूदा डीपीपी की सरकार, जो अमेरिका समर्थक है, चीन ने इस पार्टी के कई नेताओं को अलगाववादी करार दिया हुआ है और इसी पार्टी की सरकार फिलहाल ताइवान में है, जिसकी तरफ से विलियम लाई चिंग-ते राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं, जिन्हें ताइवान ने अलगाववादी नेता करार दिया है।

वहीं, केएमटी पार्टी, जो चीन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाना चाहती है, उसके उम्मीदवार होउ यू-इह हैं, जिसने चुनाव में चीन के साथ मजबूत आर्थिक संबंध बनाने का वादा किया है। केएमटी चीन समर्थक पार्टी है, जिसने कहा है, कि वो अमेरिका के साथ भी अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करेगी।

वहीं, चुनाव में उतनी तीसरी ताइवान पीपुल्स पार्टी (टीपीपी) है, जिसकी तरफ से वेन-जे उम्मीदवार हैं। टीपीपी का चुनावी वादा एक बीच का रास्ता निकालने की है, जो ना चीन और ना ही अमेरिका समर्थक होगी। टीपीपी ने हालिया महीनों में काफी समर्थन जुटाया है।

ताइवान चुनाव इसलिए काफी ज्यादा दिलचस्पी भरा है, क्योंकि इस चुनाव से जियो-पॉलिटिक्स में अहम बदलाव आने की संभावना है।

चुनाव से पहले केएमटी और टीपीपी पार्टी के बीच गठबंधन बनाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन राष्ट्रपति पद के उम्मदवार को लेकर सहमति नहीं बन पाई।

चुनावी विश्लेषकों के मुताबिक, अगर केएमटी और टीपीपी का गठबंधन हो जाता, तो सत्ताधारी डीपीपी के लिए चुनाव जीतना मुश्किल हो जाता। लेकिन, गठबंधन नहीं होना अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर रही है।

इसके अलावा, ताइवान की 113-सदस्यीय एकसदनीय संसद के लिए भी सांसदों का चुनाव हो रहा है, जिसमें भौगोलिक निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर मतदान किया जाता है और एक पार्टी के वोटों के अनुपात के आधार पर दूसरी सूची तैयार की जाती है। छह सीटें स्वदेशी ताइवानियों के लिए आरक्षित हैं।

पिछले चुनाव में, डीपीपी ने विधायी बहुमत हासिल किया था, लेकिन इस बार स्थानीय इलाकों में डीपीपी को केएमटी और टीपीपी से कड़ी चुनौती मिल रही है। लिहाजा, विधायी इलेक्शन में सत्ताधारी डीपीपी चुनाव हार सकती है।

चुनाव में 20 साल की उम्र से ज्यादा के करीब 19 करोड़ 50 लाख मतदाताओं को वोट डालना था, लेकिन वोटिंग कम रहने की संभावना है, क्योंकि ताइवान में वोट डालने के लिए अपने होम टाउन ही जाना पड़ता है। हालांकि, शुक्रवार को, ताइवान रेलवे प्रशासन ने रिकॉर्ड 758,000 टिकटों की बिक्री की भविष्यवाणी की है, जो पिछले किसी भी चुनाव से ज्यादा है।

ताइवान की राजनीति पर लगातार टिप्पणीकार और न्यू ब्लूम मैगज़ीन के संस्थापक ब्रायन हियो के अनुसार, घरेलू मुद्दों पर केंद्रित अपेक्षाकृत कमज़ोर चुनावी अभियान के बीच इतनी संख्या में लोगों का टिकट लेना एक आश्चर्यजनक बदलाव है। उन्होंने कहा, "कुछ समय पहले ट्रेन टिकटों की बिक्री उतनी अच्छी नहीं चल रही थी, लेकिन फिर इसमें अचानक उछाल आया।" उन्होंने कहा, कि "मुझे लगता है कि इससे पता चलता है कि ताइवान की राजनीति में चीज़ें कितनी तेज़ी से बदल सकती हैं।"

Taiwan elections 2024

चीन की धमकी के बीच इलेक्शन

चुनाव परिणाम न केवल ताइवान का भविष्य तय करेंगे, बल्कि बीजिंग के साथ उसके संबंधों को भी नया आकार दे सकते हैं और चट्टानी संबंधों को स्थिर करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के नवीनतम प्रयासों के लिए एक परीक्षा हो सकती है।

बीजिंग, जो नियमित रूप से ताइवान के आसमान और पानी के करीब लड़ाकू जेट और युद्धपोत भेजता रहता है, उसने वोट को "शांति और युद्ध, समृद्धि और गिरावट" के बीच एक विकल्प के रूप में रखा है। बुधवार को, इसने ताइवान के मतदाताओं को डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के खिलाफ वोट करने की चेतावनी दी है, जिसने ताइवान के पिछले दो राष्ट्रपति चुनावों में जीत हासिल की है।

डीपीपी के शासनकाल में ताइवान और चीन के बीच के संबंध काफी खराब हो चुके हैं और शी जिनपिंग ने "ताइवान के एकीकरण के लिए बल प्रयोग से इनकार नहीं किया है।"

पिछले आठ वर्षों में, मौजूदा राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने ताइवान की वैश्विक प्रोफ़ाइल को बढ़ाया है, लोकतांत्रिक शक्तियों के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है। वहीं, घरेलू स्तर पर प्रगतिशील नीतियों को आगे बढ़ाया है, जिसमें ताइवान को समलैंगिक विवाह को वैध बनाने के लिए एशिया का पहला देश बनाना भी शामिल है।

2016 में त्साई इंग-वेन की चुनावी जीत के जवाब में बीजिंग ने ताइपे के साथ ज्यादातर कम्युनिकेशन लाइंस बंद कर दिए, जिससे चीन के साथ संबंधों में गिरावट आई और उनके दोबारा चुनाव जीतने के बाद चीन ने ताइवान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। लिहाजा, अगर डीपीपी की सरकार फिर से बनती है, तो चीन की बौखलाहट सातवें आसमान पर पहुंच जाएगी और अगले कुछ महीने चीन की आक्रामकता में काफी तेजी आने की आशंका होगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+