Syria: सीरिया में गृहयुद्ध की शुरूआत कैसे हुई थी? राष्ट्रपति असद के भागने से 13 सालों की जंग हो जाएगी खत्म?

Syria News: दुनिया के नक्शे पर सीरिया एक ऐसा देश है, जो पिछले 13 सालों से खुद अपने आप से ही जंग लड़ रहा है और अपने ही देश के नागरिकों को मार रहा है। एक तरह से सीरियाई गृह युद्ध, अरब स्प्रिंग के अधूरे एजेंडे की तरह है, जो उत्तरी अफ्रीका के ट्यूनीशिया में आजीविका के एक साधारण सवाल से शुरू हुआ और पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में फैल गया।

26 वर्षीय ट्यूनीशियाई ग्रेजुएट, मोहम्मद बौजीजी की एक साधारण इच्छा थी, नौकरी पाना, जिसमें नाकाम होने पर उसने फल और सब्जियां बेचना शुरू कर दिया। एक पुलिस कांस्टेबल ने उससे रिश्वत मांगी और कहा, कि बिना परमिट के सड़क पर सामान बेचना अवैध है। जब उसने मना किया, तो उसे पीटा गया और उसका ठेला छीन लिया गया। इसके विरोध में, बौजीजी ने दिसंबर 2010 में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। जिसके बाद सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और ट्यूनीशियाई तानाशाह ज़ीन अल-अबिदीन बेन अली, जिसने 23 साल से ज्यादा समय तक देश पर शासन किया था, साल 2011 में उसकी सत्ता का अंत हो गया।

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सीरिया में कैसे हुई थी गृहयुद्ध की शुरूआत?

सीरिया को भी इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। युवाओं में बेरोजगारी है और जब कोई रोजगार मांगने की हिम्मत करता, तो असद का शासन उसपर बेरहमी दिखाता। देश में भीषण भ्रष्टाचार के जड़ में असद की सरकार थी। और इसी के खिलाफ साल 2011 में सीरिया में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू हुए।

जिसका सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने क्रूर दमन से जवाब दिया। प्रदर्शनकारियों पर बंदूकों के मुंह खोल दिए और रासायनिक हमले किए गये। सीरिया पहला ऐसा देश बन गया, जो अपने ही नागरिकों को कैमिकल हमले से जला रहा था।

असद की सरकार ने क्रूरता और तानाशाही की सारी सीमाएं पार कर डालीं।

1971 से 2024 तक.. असद परिवार का सीरिया पर शासन

अल-असद परिवार ने 1971 से सीरिया पर नियंत्रण किया है, जब हाफ़िज़ अल-असद ने बाथ पार्टी के तहत एक तानाशाह शासन की स्थापना की थी। 2000 में हाफिज की मृत्यु के बाद बशर ने उनका स्थान लिया। शांतिपूर्ण अरब स्प्रिंग के सशस्त्र विद्रोह का पहला संकेत 2011 में डेरा में देखा गया था। एक साल के समय में, सीरिया पूरी तरह से गृहयुद्ध की आग में जलने लगा था, जिसमें अलेप्पो के केंद्र बिंदु के साथ कई क्षेत्रों में गंभीर लड़ाई देखी गई।

लगभग उसी समय, सीरियाई सेना, जिसे आधिकारिक तौर पर सीरियाई अरब सेना (SAA) कहा जाता है, उसमें बड़े पैमाने पर दलबदल देखा गया, जिसमें समूह फ्री सीरियन आर्मी के बैनर तले एकजुट हुए। विद्रोही नेतृत्व जिहादी समूहों के पास चला गया, जिसका नेतृत्व वर्तमान में हयात तहरीर अल-शाम (HTS) कर रहा है, जिसका नेता अबू मोहम्मद अल-जोलानी है।

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टुकड़ों में बंटता गया सीरिया

हकीकत ये है, कि पिछले 13 सालों में सीरियाई गृह युद्ध कभी नहीं रुका। यह उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरता रहा, और अलग अलग गुट, अलग अलग शक्तियां अपने अपने हितों को साधने के लिए इसमें घी डालते रहे। अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक इयान ब्रेमर ने कुछ दिन पहले एक्स पर एक तस्वीर डाली थी, जिसमें सीरिया को कम से कम पांच हिस्सों में बंटा दिखाया गया था, जिसके हर हिस्से पर अलग अलग ग्रुपों का नियंत्रण था।

असद की सेना (सीरियाई सेना) का सबसे बड़े हिस्से पर कब्जा था। लेकिन HTS विद्रोहियों ने होम्स, डेरा पर कब्जा कर लिया है और रविवार को राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया है। राष्ट्रपति असद देश छोड़कर फरार हो चुके हैं। इसके अलावा, एचटीएस, तुर्की समर्थित एक और समूह सीरियन नेशनल आर्मी (SNA) - 2011 की फ्री सीरियन आर्मी का नया अवतार - उत्तरी भागों में बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर चुका है।

फिर सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस है, जो एक कुर्द समूह है, जिससे तुर्की टेंशन में रहता है, वो देश के उत्तर-पूर्व में एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर चुका है। और अमेरिका सीरिया, इराक और जॉर्डन के त्रि-जंक्शन के पास अल-तनफ में अपना बेस बना रहा है।

सीरिया में सरकार के खिलाफ 'आखिरी जंग'

27 नवंबर को सीरिया की सरकार के खिलाफ विद्रोहियों ने अचानक हमला शुरू किया और पहला वार अलेप्पो शहर पर किया गया, जिसने असद की सेना को चौंका दिया। यह असद के पतन की उल्टी गिनती साबित हुई, क्योंकि अलेप्पो पर हमले के बाद पता चला, कि असद शासन की मदद करने के लिए कोई नहीं है।

रूसी एयरफोर्स ने जरूर अलेप्पो शहर पर कुछ हमले किए, लेकिन वो विद्रोहियों को रोकने के लिए काफी नहीं थे।

असद की सेना को ईरान, ईरान के अर्धसैनिक प्रतिनिधि हिज्बुल्लाह और रूस का समर्थन हासिल था। तुर्की, सऊदी अरब, अमेरिका और ब्रिटेन ने अलग-अलग समय पर विद्रोहियों का समर्थन किया है। HTS के मौजूदा हमले को तुर्की का समर्थन हासिल है, जिसने इस समूह को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है।

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बशर की हार के पीछे एक 'विश्वासघात'?

असद की किस्मत का फैसला इस बात से हुआ, कि रूस, यूक्रेन में युद्ध में लड़ रहा है, जबकि देश के संस्थानों के खिलाफ कई आर्थिक प्रतिबंध हैं। अक्टूबर 2023 में फिलिस्तीनी समूह द्वारा किए गए छापे के बाद हिज्बुल्लाह, इजराइल-हमास युद्ध में कूद पड़ा, जिसमें 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए और इजराइली क्षेत्रों से 250 से ज्यादा लोगों का अपहरण कर लिया गया। इस युद्ध में इजराइल ने हिज्बुल्लाह को अस्तित्व को ही खतरे में डाल दिया है और इसके टॉप लीडरशिप का सफाया हो गया है।

इस दौरान इजराइल ने कई बार सीरिया पर भी हमले किए, लेकिन जब असद शासन के खिलाफ युद्ध शुरू किए गये, तो ईरान मदद के लिए नहीं आया, जबकि सालों से सीरियाई राजधानी ईरान और ईरानी प्रॉक्सी के लिए ठिकाना रहा है। कई जगहों पर इसे विश्वासघात के तौर पर देखा जा रहा है।

HTS ने इसी मौके का फायदा उठाया और सीरियाई सेना पर हमले शुरू किए और सिर्फ एक हफ्ते में असद की सेना ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

क्या विद्रोहियों के कब्जे के बाद खत्म हो गया सीरियाई गृहयुद्ध?

HTS ने सीरियाई सेना पर हमलों के लिए नई इकाइयां - रेड बैंड, थर्मल ब्रिगेड और फाल्कन ब्रिगेड बनाए हैं। रेड बैंड को आधिकारिक तौर पर असैब अल-हमरा कहा जाता है और वे असद की सेना के खिलाफ दिन के समय के ऑपरेशन को अंजाम देता है।

असैब अल-हमरा को सरया अल-हरारी, थर्मल ब्रिगेड द्वारा रात के समय के ऑपरेशनों के दौरान पूरक बनाया गया है, जो संघर्षरत सीरियाई सेना के खिलाफ हर रात महत्वपूर्ण लाभ हासिल रहा है।

दिलचस्प बात यह है, कि रिपोर्ट कहती है कि 500 से ज्यादा विद्रोही लड़ाके नाइट-विजन उपकरणों से लैस होकर लड़ रहे थे। HTS की फाल्कन ब्रिगेड, कताइब शाहीन भी फ्रंट लाइन पर भारी शासन हथियारों को नष्ट करने के लिए मौजूद रही है। इस ब्रिगेड ने HTS की आश्चर्यजनक कामयाबी को हासिल करने के लिए स्वदेशी रूप से निर्मित क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग किया है। इन मिसाइलों की तुलना आत्मघाती ट्रक बमों से की गई है, जिन्हें HTS के टोही ड्रोन के बेड़े द्वारा 24/7 हवा का सर्वेक्षण करने में सहायता मिली है।

पिछले 13 सालों तक चल इस गृहयुद्ध में 5 लाख से ज्यादा लोगों की जान गई है और देश की आधी से ज्यादा आबादी, 23 मिलियन में से 14 मिलियन से ज्यादा, विस्थापित हो गई। हालांकि, दमिश्क पर HTS का नियंत्रण और असद का देश छोड़कर भागना, वास्तव में सीरियाई गृहयुद्ध को खत्म नहीं कर सकता है, क्योंकि अन्य सशस्त्र अभिनेता अभी भी सीरियाई रंगमंच के विभिन्न कोनों पर कब्जा जमाए हुए हैं।

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