Iris Dena US Submarine Attack: श्रीलंका तट पर बड़ा हादसा! भारत से लौटते ईरानी युद्धपोत पर 80 मौतें, 150 लापता
Iris Dena US Submarine Attack: श्रीलंका के दक्षिणी तट पर बुधवार (4 मार्च 2026) को एक बड़ा समुद्री हमला हुआ। ईरानी नौसेना का आधुनिक फ्रिगेट IRIS Dena (Moudge-class, 180 क्रू मेंबर्स) अमेरिकी पनडुब्बी से टॉरपीडो हमले के बाद डूब गया। इस घटना में कम से कम 80 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 150 से ज्यादा लोग लापता हैं।
श्रीलंकाई नौसेना और वायुसेना ने तुरंत बड़े पैमाने पर खोज-बचाव अभियान शुरू किया, जिसमें अब तक 32 घायल नाविकों को बचाया गया है। हमला भारत के करीब हुआ - जहाज Visakhapatnam से लौट रहा था। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा (Indian Ocean) पर सवाल उठ रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं...

IRIS Dena Attack Reason: घटना कैसे हुई? - टाइमलाइन और डिटेल्स
- सुबह 5-7 बजे के बीच IRIS Dena ने डिस्ट्रेस कॉल (आपातकालीन संकेत) भेजा, जिसमें हमले की सूचना दी गई।
- जहाज श्रीलंका के क्षेत्रीय जल से बाहर, अंतरराष्ट्रीय जल में (गalle से लगभग 40 नॉटिकल माइल / 75 किमी दक्षिण) था।
- श्रीलंकाई नौसेना ने दो जहाज और एक विमान तैनात किया। 32 घायल ईरानी नाविकों को बचाकर Karapitiya Teaching Hospital में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर है।
- कई शव समुद्र से बरामद हुए हैं, लेकिन लापता लोगों की तलाश जारी है। श्रीलंकाई नौसेना प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपथ ने कहा: 'हम तब तक अभियान जारी रखेंगे जब तक पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो जाते।'
- IRIS Dena ईरान की Southern Fleet का हिस्सा था। यह हाल ही में भारत के MILAN 2026 (International Fleet Review, Visakhapatnam) में हिस्सा लेने के बाद ईरान लौट रहा था।
IRIS Dena Attack News Update: हमले की जिम्मेदारी - US ने कबूल लिया
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने पेंटागन ब्रिफिंग में स्पष्ट पुष्टि की- 'एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। यह अंतरराष्ट्रीय जल में हुआ, जहां जहाज खुद को सुरक्षित समझ रहा था।' हेगसेथ ने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोने का पहला मामला बताया। यह Operation Epic Fury (ईरान के खिलाफ US-इजराइल ऑपरेशन) का हिस्सा है, जिसमें अब तक 17+ ईरानी जहाज डुबोए जा चुके हैं। श्रीलंका के उप विदेश मंत्री ने लोकल टीवी पर 80 मौतों की पुष्टि की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लापता लोग 148-150 के आसपास हैं।
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेरथ ने संसद में कहा कि 'हम उचित कार्रवाई करेंगे।' लेकिन डिटेल्स नहीं दिए। श्रीलंका ने तट से बाहर होने के बावजूद मानवीय आधार पर बचाव शुरू किया।
आगे क्या?
- बचाव अभियान जारी है - उम्मीदें कम हो रही हैं, लेकिन श्रीलंकाई सेना कोशिश में जुटी है।
- US-ईरान युद्ध में यह नया मोड़ - होर्मुज स्ट्रेट पहले ही प्रभावित है, अब इंडियन ओशन तक जंग फैल गई।
- भारत और अन्य क्षेत्रीय देशों के लिए चिंता - ट्रेड रूट्स और सुरक्षा पर असर।
यह घटना ईरान-अमेरिका संघर्ष की गहराई दिखाती है - जहां अब दुश्मन जहाजों को दूर-दूर तक निशाना बनाया जा रहा है। स्थिति गंभीर बनी हुई है, और अपडेट्स का इंतजार है।












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