Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Sheikh Hasina Interview: 'यूनुस बांग्लादेश को नर्क में झोंक रहे’, हिन्दुओं पर हमले के पीछे किसे बताया वजह?

Sheikh Hasina Interview: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पिछले एक हफ्ते से चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद अब हालात थोड़े शांत जरूर हैं, लेकिन यह शांति असहज मानी जा रही है। सड़कों पर तनाव साफ महसूस किया जा सकता है। इसी बीच शेख हसीना ने इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने मोहम्मद यूनुस की खामियों की पोल खोल दी। साथ ही बताया कि यूनुस बांग्लादेश को किस नर्क में धकेलने वाले हैं।

बदहाल हुई कानून व्यवस्था- हसीना

इसी बीच बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार और उसके प्रमुख सलाहकार मुहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में फैली अराजकता और हालिया हिंसा के लिए यूनुस सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। शेख हसीना ने इंकलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की हत्या का हवाला देते हुए कहा कि यह घटना देश में कानून-व्यवस्था की बदहाली को दिखाती है। हादी की हत्या के बाद ढाका में जो हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए, उसके लिए भी उन्होंने अंतरिम सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

Sheikh Hasina Interview

'नाकाम हुई यूनुस सरकार'

एएनआई को दिए ईमेल इंटरव्यू में हसीना ने कहा कि- जिस "अराजकता" के नाम पर उनकी सरकार को सत्ता से हटाया गया, वह मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में कई गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि हिंसा अब आम बात बन गई है और सरकार या तो इससे इनकार करती है या इसे रोकने में नाकाम साबित हो रही है।

हिन्दू अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का मुद्दा

शेख हसीना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं, पर बढ़ते हमलों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत इस पूरे घटनाक्रम को बहुत ध्यान से देख रहा है और वहां की उथल-पुथल से चिंतित है। हसीना ने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं सिर्फ बांग्लादेश को अंदर से कमजोर नहीं करतीं, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत अराजकता, अल्पसंख्यकों पर हमले और दोनों देशों के बीच वर्षों में बने रिश्तों के टूटने को देख रहा है।

अंतरराष्ट्रीय छवि पर सवाल

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई सरकार अपने देश के अंदर बुनियादी व्यवस्था नहीं संभाल पाती, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी विश्वसनीयता खत्म हो जाती है। उन्होंने इसे "यूनुस के बांग्लादेश की सच्चाई" बताया।

हादी की हत्या का पूरा मामला

शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका के बिजोयनगर इलाके में रिक्शे से जाते समय बेहद करीब से गोली मारी गई थी। गोली उनके सिर में लगी। हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर एयरलिफ्ट किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। शाहबाग चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और हत्यारों को सजा देने की मांग की गई। कई इलाकों में तनाव और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।

कट्टरपंथ को जानबूझकर बढ़ावा देने का आरोप

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि कई दोषी आतंकवादियों को जेल से रिहा किया गया और उन्हें दोबारा सार्वजनिक जीवन में जगह दी गई। हसीना ने जमात-ए-इस्लामी पर लगे प्रतिबंध को हटाने के संकेतों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लाखों बांग्लादेशी उस सुरक्षित और धर्मनिरपेक्ष देश को याद करते हैं, जो कभी बांग्लादेश हुआ करता था।

कैबिनेट में दंगाईयों और चरमपंथियों की

पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि यूनुस ने चरमपंथियों को कैबिनेट पदों पर बैठाया है। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से जुड़े समूहों को भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने की छूट दी जा रही है।

यूनुस के अनुभव पर सवाल

हसीना ने कहा कि मुहम्मद यूनुस एक राजनेता नहीं हैं और उन्हें एक जटिल देश चलाने का अनुभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कट्टरपंथी ताकतें यूनुस को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक "स्वीकार्य चेहरा" बनाकर इस्तेमाल कर रही हैं।

दक्षिण एशिया की स्थिरता पर खतरा

हसीना ने कहा कि बांग्लादेश में बढ़ता कट्टरपंथ सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निवेश करने वाले सभी देशों को इससे चिंतित होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश की राजनीति का धर्मनिरपेक्ष चरित्र उसकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। हसीना के मुताबिक, इसे कुछ चरमपंथियों की सनक पर कुर्बान नहीं किया जा सकता।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में तनाव

शेख हसीना ने भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या और भारत विरोधी प्रदर्शनों के लिए यूनुस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। 18 दिसंबर को कथित ईशनिंदा के आरोप में एक भीड़ ने दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी और बाद में उनके शव को जला दिया गया। इस घटना की देश-विदेश में कड़ी निंदा हुई और अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

भारत विरोधी बयान और सुरक्षा चिंता

हसीना ने कहा कि अंतरिम सरकार भारत के खिलाफ शत्रुतापूर्ण बयान दे रही है और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में पूरी तरह विफल रही है। इस तरह की बयानबाजी से बांग्लादेश की अंदरूनी स्थिरता और सुरक्षा को यूनुस दांव पर लगा रहे हैं। उन्हें अंदाजा नहीं है कि भारत से दुश्मनी उन्हें कितनी महंगी पड़ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चरमपंथी ही विदेश नीति तय कर रहे हैं।

भारत को बताया स्थिर मित्र

पूर्व प्रधानमंत्री ने भारत को बांग्लादेश का दशकों पुराना और सबसे स्थिर मित्र बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते किसी भी अस्थायी सरकार से ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले हैं।

चटगांव में वीज़ा सेवाएं निलंबित

अशांति के बीच चटगांव स्थित भारतीय वीज़ा आवेदन केंद्र (IVAC) ने सुरक्षा घटना के बाद सभी वीज़ा सेवाएं तत्काल निलंबित कर दीं। हसीना ने कहा कि भारत की सुरक्षा चिंताएं पूरी तरह जायज हैं।

दूतावास और मीडिया पर हमलों का आरोप

हसीना ने आरोप लगाया कि इन्हीं चरमपंथियों ने भारतीय दूतावास की ओर मार्च किया, मीडिया कार्यालयों पर हमला किया और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यही लोग उनके परिवार को भी जान बचाने के लिए देश छोड़ने पर मजबूर कर चुके हैं।

चुनाव से पहले बढ़ती अशांति

बांग्लादेश में आगामी चुनावों से पहले माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। विरोध प्रदर्शन, तोड़फोड़ और कई मीडिया हाउसों में आगजनी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे देश का भविष्य और ज्यादा अनिश्चित नजर आ रहा है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+