रूस ने यूक्रेन पर हमला तेज किया, एस जयशंकर बोले- युद्ध से किसी भी पक्ष का भला नहीं होगा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शांति की अपील करते हुए कहा कि इस लड़ाई से किसी का भी हित सधने वाला नहीं है।
क्रीमिया ब्रिज ब्लास्ट (Crimea Bridge Blast) के बाद से रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं। इस बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने शांति की अपील करते हुए कहा कि इस लड़ाई से किसी का भी हित सधने वाला नहीं है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन संघर्ष और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर इसके प्रभाव के मुद्दे पर विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।
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यूक्रेन में किसी भी विवाद के खिलाफ भारत
एस जयशंकर ने कहा, 'यूक्रेन में किसी भी तरह के विवाद के हम पूरी तरह खिलाफ हैं। हमारा मानना है कि विवाद से न उसमें भाग लेने वालों का और न ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय में से किसी का भी हित पूरा होता है। दुनिया के किसी भी हिस्से में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना और नागरिकों की मृत्यु का कारण बनना स्वीकार्य नहीं है।' एस जयशंकर ने कहा कि ग्लोबल साउध के देश के तौर पर हम यह देख रहे हैं कि कम-आय वाले देशों पर इस युद्ध का कैसा असर पड़ रहा है। ईंधन, भोजन और उर्वरक जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई को लेकर दिक्कते खड़ी हुई हैं।
3 चुनौतियों से जूझ रही दुनिया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया वर्तमान में कोविड, संघर्ष और जलवायु परिवर्तन की तीन प्रमुख चुनौतियों से जूझ रही है। जयशंकर ने कहा, "हम 3C चुनौतियों- कोविड, कनफ्लिक्ट और क्लाइमेट चेंज से जूझ रहे हैं। हम कूटनीति और बातचीत के रास्ते पर लौटने की जरूरत में विश्वास करते हैं। यह संघर्ष किसी की मदद नहीं कर रहा है।" भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर बोलते हुए, मंत्री ने कहा कि लेबर सरकार के सत्ता में आने के बाद वह ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के छठे मंत्री हैं। यह इस रिश्ते को दी गई गंभीरता के बारे में बताता है। गौरतलब है कि जयशंकर का इस साल दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं। इससे पहले वह फरवरी 2022 में मेलबर्न में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने आए थे।












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