रूस के वैज्ञानिकों ने शोध के बाद किया बड़ा दावा, पानी में मर जाता है कोरोना वायरस

रूस के वैज्ञानिकों ने शोध के बाद किया बड़ा दावा, पानी में मर जाता है कोरोना वायरस

बेंगलुरु। कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ने के साथ उससे संबंधित शोध और इससे जुड़ी जानकारियों का खुलासा हो रहा है। जहां एक ओर दुनिया के 160 से अधिक देश कोविड 19 को परास्‍त करने के लिए वैक्‍सीन की खोज करने और उसका ह्यूमन ट्रायल कर रहे है वहीं कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान डाक्‍टर मरीजों पर शोध कर रहे हैं कि किन चीजों के सेवन से उनका कोरोना से बचाव हो रहा है और कौन सी चीजें है जो कोरोना को मात देने में कामयाब हो रही हैं। कुछ दिनों पहले अमेरिका के कई वैज्ञानिकों WHO को लिखा था कि हवा के जरिए भी कोरोना वायरस फैल रहा है वहीं अब रूस में कोरोना को लेकर नए रिसर्च किए गए है। जिसमें ये दावा किया गया है कि पानी में कोरोना वायरस मर जाते हैं।

सामान्‍य पानी में 72 घंटे में खत्म हो जाता है कोरोना

सामान्‍य पानी में 72 घंटे में खत्म हो जाता है कोरोना

हाल की रिपोर्टों के अनुसार, साइबेरिया के नोवोसिबिर्स्क में रूस के वैक्टर एंड रिसर्च बायोटेक्नोलॉजी के रिसर्च सेंटर से रिसर्च टीम ने पता लगाया है कि आखिर पानी में कितनी देर कोरोना वायरस रहता है। रिसर्च के बाद दावा किया गया है कि पानी में कोरोना वायरस 72 घंटों के भीतर लगभग पूरी तरह खत्म होता है। वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी के वैक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने पहचान की है कि सामान्य पानी कोरोना वायरस के विकास को प्रतिबंधित करने में मदद कर सकता है। अध्ययन में, यह पाया गया कि कोरोनवायरस के 90 प्रतिशत कण 24 घंटे के अंतराल में कमरे के तापमान के पानी में मर गए, जबकि 99.9 प्रतिशत 72 घंटों में मारे गए।

पानी को उबालते ही नष्‍ट हो जाता है कोरोना वायरस

पानी को उबालते ही नष्‍ट हो जाता है कोरोना वायरस

रूसी शोधकर्ताओं ने आगे पाया है कि कोरोनावायरस उबलते पानी में तुरंत मर जाता है। गरम पानी वायरस को तुरंत और पूरी तरह से मारता है।

क्‍लोरीनयुक्‍त पानी में मर जाता है कोरोना

क्‍लोरीनयुक्‍त पानी में मर जाता है कोरोना

क्लोरीन पानी भी वायरस को मारने में अत्यधिक प्रभावी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, शोधकर्ताओं की टीम ने यह भी पाया कि क्लोरीनयुक्त पानी वायरस को मारने में वास्तव में प्रभावी है। यह भी पाया गया कि कोरोनावायरस क्लोरीनयुक्त पानी और समुद्री जल में भी नहीं बढ़ा, भले ही यह उस पानी में कुछ समय तक जीवित रह सकता है। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि इस सक्रमण का फैलना सीधे पानी के तापमान पर निर्भर करता था।

वैक्सीन तैयार करने की रेस में रूस है सबसे आगे

वैक्सीन तैयार करने की रेस में रूस है सबसे आगे

बता दें रूस महामारी से लड़ने के लिए एक वैक्सीन विकसित करने में अब तक बहुत आगे चल रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, देश अक्टूबर के महीने में कोरोनवायरस के खिलाफ सामूहिक टीकाकरण अभियान शुरू करने की योजना बना रहा है। यह भी माना जाता है कि वैक्सीन प्राप्त करने के लिए डॉक्टरों और शिक्षकों सहित फ्रंटलाइन कार्यकर्ता पहली पंक्ति में होंगे।

क्या रूस अक्टूबर में वैक्सीन लॉन्च कर सकता है?

क्या रूस अक्टूबर में वैक्सीन लॉन्च कर सकता है?

रूसी वैज्ञानिकों ने 15 जुलाई को घोषणा की थी कि गामालेया संस्थान द्वारा विकसित अपने एडेनोवायरस-आधारित वैक्सीन का प्रारंभिक परीक्षण पूरा हो गए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देश के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने पहले ही अक्टूबर में "व्यापक टीकाकरण" शुरू करने के लिए एक बयान दिया है, एक बयान जिसने दुनिया भर के विशेषज्ञों से संदेह व्यक्त किया है।

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