Ukraine Crisis: रूस-यूक्रेन युद्ध का पहला दिन, 137 लोगों की मौत, जानिए पहले दिन के 10 बड़े अपडेट्स
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार को कीव में ही रहने का संकल्प लिया और उन्होंने किसी भी कीमत पर यूक्रेन से बाहर निकलने से इनकार कर दिया है।
मॉस्को/कीव, फरवरी 25: यूक्रेन पर रूस के हमले के पहले दिन, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के यूरोप में सबसे भीषण जंग में से एक में 137 लोग मारे गए हैं। जबकि, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि, रूस के पास हमला करने के अलावा कोई और विकल्प मौजूद नहीं था और उन्होंन यूक्रेन पर हमला किया है। करीब करीब पूरे यूक्रेन पर हमला किया गया है और राजधानी कीव में भी भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, पूरी दुनिया में रूस की आलोचना की जा रही है और सोशल मीडिया भी व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गुस्से की आग उगल रही है।
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राजधानी नहीं छोड़ेंगे राष्ट्रपति जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार को कीव में ही रहने का संकल्प लिया और उन्होंने किसी भी कीमत पर यूक्रेन से बाहर निकलने से इनकार कर दिया है। दूसरे विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़ी जंग लड़ी जा रही है और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि, रूस ने उन्हें दुश्मन नंबर-1 घोषित कर रखा है और रूस के लक्ष्य नंबर-2 पर मेरा परिवार है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि, वो मुझे खत्म कर यूक्नेन की राजनीति को पूरी तरह से नष्ट करना चाहते हैं, लेकिन मैं राजधानी में ही रहूंगा। मेरा परिवार भी यूक्रेन में ही रहेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए लोगों शांति बनाए रखने और देश के लिए युद्ध लड़ने की अपील की है।

पहले दिन 137 मरे
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने एक ट्वीट में कहा कि, "रूस बुराई के रास्ते पर चल पड़ा है, लेकिन यूक्रेन अपना बचाव कर रहा है और अपनी स्वतंत्रता नहीं छोड़ेगा।" उन्होंने एक वीडियो संबोधन में कहा कि, 10 सैन्य अधिकारियों सहित 137 "नायक" मारे गए हैं और 316 लोग घायल हुए हैं।

लोगों को निकालने की कोशिश में भारत
भारत भी यूक्रेन से करीब 16,000 लोगों को सुरक्षित घर पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की है और भारतीय विदेश मंत्रालय निकासी के लिए भूमि मार्गों की सूची तैयार कर रहा है। भारत सरकार की तरफ से यूक्रेन की सीमा के बाहर पोलैंड और हंगरी में अस्थाई कैंप बनाए गये हैं।

अमेरिका ने लगाए नये प्रतिबंध
संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूस पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है, यहां तक कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने स्वीकार किया, कि प्रतिबंध पुतिन को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि, रूसी राष्ट्रपति "पुतिन हमलावर हैं। पुतिन ने इस युद्ध को चुना है। और अब वह (पुतिन) और उनके देश (रूस) को इसका परिणाम भुगतना होगा''। उन्होंने पुतिन के सोवियत संघ को फिर से बनाने के सपने को 'गुमराह सपना' बताया और उनके इस सपने को दुनिया के लिए 'भयानक' कहा है।

अमेरिका ने क्या प्रतिबंध लगाए
ताजा अमेरिकी प्रतिबंधों में, रूस की डॉलर, यूरो, पाउंड और येन में व्यापार करने की क्षमता को प्रतिबंधित कर दिया गया है। यानि अब रूस, डॉलर, पाउंड, यूरो और येन में व्यापार नहीं कर सकता है और इस प्रतिबंध से रूस को भारी नुकसान पहुंच सकता है और उसका व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है। वहीं, अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस के पांच प्रमुख सरकारी बैंक Sberbank और VTB सहित उसके सबसे बड़े ऋणदाता Sberbank को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

निशाने पर सरकारी प्रतिष्ठान
पहले दिन, रूस ने यूक्रेन में सरकार और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है और रूस ने दावा किया है कि, उसने यूक्रेन के 82 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। वहीं, रूसी सेना यूक्रेन के अलग अलग शहरों की तरफ भी तेजी से बढ़ रही है और यूक्रेन के हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया है। वहीं, कीव इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

चेरनोबिल प्लांट पर रूस का कब्जा
वहीं, यूक्रेन ने चेरनोबिल पावर प्लांट से अपना नियंत्रण खो दिया है, जहां पर साल 1986 में परमाणु धमाके हुए थे, जिसमें करीब सवा लाख से ज्यादा लोग मारे गये थे। व्हाइट हाउस ने कहा कि उसके पास विश्वसनीय रिपोर्ट है कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र में बंधकों को रखा गया है। वहीं, यूक्रेन सरकार की तरफ से भी चेरनोबिल पावर प्लांट पर रूस का कब्जा होने की पुष्टि की गई है।

वैश्विक बाजार में खलबली
गुरुवार को रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद ही वैश्विक बाजारों में खलबली मची हुई है और दुनियाभर के बाजार बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। शेयर मार्केट सदमें में हैं और अमेरिका में गैसोलीन से लेकर गेहूं तक.... कई सामानों की कीमत में भारी इजाफा हुआ है। वहीं, कच्चे तेल की बाजार कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है।

दुनिया में रूस की निंदा
विश्व भर में रूस की निंदा की जा रही है और नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने रूस के हमले को "युद्ध का एक क्रूर कार्य" करार दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि मास्को ने यूरोपीय महाद्वीप का शांति को खत्म कर दिया है। गुरुवार को, पुतिन ने चेतावनी दी थी कि अगर पश्चिम ने हस्तक्षेप किया तो "वैश्विक इतिहास में सबसे बड़े गंभीर परिणाम" होंगे।

बाजार से रूस को हटाएंगे- ब्रिटेन
वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि, उनका उद्देश्य ब्रिटेन के वित्तीय बाजारों से रूस को काटना है। उन्होंने रूसी बैंकों पर ब्रिटेन में प्रतिबंधित करते हुए उनकी संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। जॉनसन ने पुतिन के बारे में कहा कि, "अब हम उसे देखते हैं कि वह क्या है - एक खूनी हमलावर जो शाही विजय में विश्वास करता है।"












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