यूक्रेन पर परमाणु नहीं, महाविनाशक 'फॉदर ऑफ ऑल बॉम्ब' गिराएगा रूस, ब्रिटिश रिपोर्ट से मची खलबली

सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि, रूसी सैनिक यूक्रेन के बेहद करीब गैरीसन में पहुंच चुकी थीं।

लंदन/मॉस्को, फरवरी 21: रूस और यूक्रेन के बीच हालात बिगड़ते जा रहे हैं और अमेरिका ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि, रूसी सरकार ने अपने सैनिकों को यूक्रेन पर हमला करने का ऑर्डर दे दिया है और यूक्रेनी सैनिक अब युद्ध की तैयारी को आखिरी अंजाम दे रहे हैं। इस बीच ब्रिटेन ने सनसनी फैलाने वाला दावा किया है और कहा है कि, अगर रूस और यूक्रेन में जंग होता है, तो रूस 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब' का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ कर सकता है।

ब्रिटेन ने किया सनसनीखेज दावा

ब्रिटेन ने किया सनसनीखेज दावा

रूस-यूक्रेन के बीच तनाव और जंग के हालात के बीच व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में 70-टन वजनी "सभी बमों के बाप" को गिराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यह दावा किया गया है ब्रिटेन के द्वारा। ब्रिटेन ने यह दावा उस वक्त किया है, जब नाटो ने चेतावनी दी है कि मास्को किसी भी समय यूक्रेन के खिलाफ सैन्य आक्रमण की शुरूआत कर सकता है और पूरी ताकत के साथ यूक्रेन पर हमला कर सकता है। नाटो ने कहा है कि, रूस एक पूर्ण हमले की योजना बना चुका है।

सुपर पावरफुल है बम

सुपर पावरफुल है बम

ब्रिटिश रिपोर्ट के मुताबिक, 7000 किलो का ये बम काफी ज्यादा शक्तिशाली है। हालांकि, ये बम एक परमाणु बम नहीं है, लेकिन इसका विस्फोट 44 टन टीएनटी के बराबर होता है और इस बम के फटने के बाद जो तबाही मच सकती है, उसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। ब्रिटिश रक्षा सूत्रों ने कहा है कि, रूस अपने हमले की शुरूआत में ही 'सभी बमों के बाप' कहे जाने वाले इस बम को यूक्रेन पर फोड़कर करेगा। ब्रिटिश रिपोर्ट के मुताबिक, रूस का ये बम दुनिया का सबसे ज्यादा शक्तिशाली गैर-नाभकीय बम है और इसमें तबाही मचाने की पूरी क्षमता मौजूद है।

काफी विध्वंस मचाता है बम

काफी विध्वंस मचाता है बम

ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बम के विस्फोट के बाद सुपसोनिक शॉकवेभ और काफी ज्यादा उच्च तापमान का निर्माण होता है और वायुमंडल में मौजूद ऑक्सीजन भी काफी तेजी के साथ जल जाता है, लिहाजा ये बम विस्फोट के बाद काफी ज्यादा तबाही मचा सकता है। सूत्रों ने कहा कि, इसी तरह के एक बम का इस्तेमाल कथित तौर पर सीरिया में भी किया गया था और ब्रिटिश रक्षा सूत्रों ने कहा है कि, यूक्रेनी सेना का मनोबल तोड़ने के लिए रूस युद्ध के बेहद शुरूआत में ही इस बम का इस्तेमाल कर सकता है। ब्रिटिश रक्षा सूत्रों ने कहा है कि, अगर रूस इस बम का इस्तेमाल करता है, तो इसके प्रभाव विनाशकारी होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बम के विस्फोट के बाद इतना ज्यादा तापमान उत्पन्न होता है, कि लक्ष्य पूरी तरह से भाप में बदल जाता है और हर तरफ सिर्फ तबाही ही तबाही नजर आती है।

यूक्रेन को तोड़ सकता है ये बम

यूक्रेन को तोड़ सकता है ये बम

ब्रिटिश रक्षा सूत्रों के रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, अगर रूस इस बम का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ करता है तो फिर यूक्रेन की सेना का मनोबल पूरी तरह से टूट सकता है और यूक्रेन की सेना में भारी तबाही मच जाएगी। यूक्रेन में बड़े पैमाने पर टैंक और तोप बर्बाद हो जाएंगे। वहीं, नाटो प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने जर्मन ब्रोडकास्टर एआरडी से कहा कि "हर संकेत इंगित करता है कि रूस यूक्रेन के खिलाफ पूर्ण हमले की योजना बना रहा है।'' उन्होंने कहा कि, ''हम सभी सहमत हैं कि हमले का जोखिम बहुत अधिक है।" इस बीच, ऐसा अनुमान है कि डोनेट्स्क में गोलाबारी के दौरान लगभग दस विस्फोटों की आवाज सुनी गई है।
वहीं, सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस का 'फादर ऑफ ऑल बम', अमेरिका के 'मदर ऑफ ऑल बम' की तुलना में चार गुना ज्यादा शक्तिशाली है और इस बम को रूस ने साल 2007 में विकसित किया था।

परमाणु बम विस्फोट जैसी ही तबाही

परमाणु बम विस्फोट जैसी ही तबाही

परमाणु बम विशेषज्ञों के मुताबिक, 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब' परमाणु बम की तरह रेडिएशन नहीं फैलाता है और ना ही इसका असर परमाणु बमों की तरफ कई सालों तक होता है, लेकिन ये बर्बादी परमाणु बम विस्फोट की तरह ही मचाता है और ये बम कितनी तबाही मचा सकता है, इसकी कल्पना करना भी काफी मुश्किल है। करीब 7 हजार किलो का ये बम अभी सिर्फ रूस के पास ही है और रूस ने ये टेक्नोलॉजी किसी भी दूसरे देश को नहीं दी है।

कैसे होता है इस बम में विस्फोट?

कैसे होता है इस बम में विस्फोट?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बम हवा में ही फट जाता है और फिर इसके विस्फोट के बाद एक साथ ही 44 टन ऊर्जा पैदा होती है, जबकि अमेरिकी 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब' के फटने से करीब 11 टन ऊर्जा निकलती है। आपको बता दें कि, अमेरिका ने इससे पहले अफगानिस्तान में 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब' को फोड़ा था, लेकिन इसके लिए अमेरिका ने जमीन के अंदर करीब एक हजार फीट तक की खुदाई की थी और फिर इस गड्ढ़े में बम को फोड़ा था, लेकिन जमीन के अंदर एक हजार फीट नीचे विस्फोट के बाद भी 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब' ने उस इलाके में तबाही मचा दी थी, ऐसे में अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है, कि रूसी 'फॉदर ऑफ ऑल बॉम्ब' का अगर इस्तेमाल किया गया, तो वो किस कदर तबाही मचा सकता है।

रूस ने किया मिसाइलों का टेस्ट

रूस ने किया मिसाइलों का टेस्ट

शीत युद्ध के बाद रूस और अमेरिका के बीच तनाव काफी कम हो गया था और हालिया वर्षों में दोनों देशों के बीच कई सुरक्षा समझौते भी हुए हैं, जिनमें सबसे प्रमुख समझौता परमाणु हथियारों को खत्म करना शामिल है। लेकिन, शनिवार को रूस ने जिस तरह से एक न्यूक्लियर मिसाइलों के साथ युद्धाभ्यास किया है, उसको लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि, राष्ट्रपति पुतिन पश्चिमी देशों को संभलने का मौका भी नहीं देना चाहते हैं। म्यूनिख कॉन्फ्रेंस में अमेरिका की उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने चेतावनी दी है, कि यदि रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, तो संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी न केवल वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगा देंगे, बल्कि रूस को टेक्नोलॉजी निर्यात को भी रोक देंगे। इसके अलावा अमेरिका ने ये भी कहा है कि, उन देशों पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा, जो इस युद्ध में रूस का साथ देंगे।

सैटेलाइट तस्वीरों में युद्ध की तैयारी

सैटेलाइट तस्वीरों में युद्ध की तैयारी

वहीं, अमेरिका के दावे के बीच नई सैटेलाइट तस्वीरों में यूक्रेन की उत्तरपूर्वी सीमा के करीब रूसी सैनिकों की काफी तेज गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि, रूसी सैनिक यूक्रेन के बेहद करीब गैरीसन में पहुंच चुकी थीं। मैक्सार लैब ने रविवार को उपग्रह से ली गई तस्वीरों को एकत्र किया है। मैक्सर का आकलन है कि "बख्तरबंद उपकरणों और सैनिकों के कई नए क्षेत्र की तैनाती बेलगोरोड के उत्तर-पश्चिम में और सोलोटी और वालुकी में की गई है।" ये शहर यूक्रेन के साथ रूसी सीमा के 35 किलोमीटर (लगभग 21 मील) के भीतर हैं। मैक्सार लैब की तस्वीरों से पता चलता है कि, रूस के टैंक, बख्तरबंद कर्मियों के वाहन, तोपखाने और दूसरे सैन्य समर्थन उपकरण वहां पर मौजूद हैं।

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