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Russia Pakistan Trade: रूस ने भारत की पीठ में घोंपा छुरा? पाकिस्तान को दे दी सबसे बड़ी राहत

Russia Pakistan Potato Trade: भारत का पुराना और भरोसेमंद दोस्त रूस आजकल पाकिस्तान पर काफी मेहरबान नजर आ रहा है। हाल ही में रूस ने पाकिस्तान से आलू के आयात पर लगा प्रतिबंध हटाकर उसे एक बड़ी आर्थिक संजीवनी दी है। मई 2025 में फसलों में वायरस मिलने के कारण रूस ने यह पाबंदी लगाई थी, लेकिन अब शहबाज सरकार की कोशिशों के बाद रूसी बाजार पाकिस्तानी आलू के लिए फिर से खुल गए हैं।

यह खबर भारत के लिए कूटनीतिक और व्यापारिक लिहाज से एक झटके जैसी है क्योंकि इससे रूस और पाकिस्तान की नजदीकियां बढ़ती दिख रही हैं।

Russia Pakistan Potato Trade

Pakistan Potato Export Russia: आलू के आयात से हटी पाबंदी

रूस की नियामक संस्था ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से आलू मंगाने को हरी झंडी दे दी है। इसी साल फरवरी में पाकिस्तान ने इस मुद्दे को रूस के सामने जोरदार तरीके से उठाया था। पाकिस्तान ने अपनी लैब रिपोर्ट और रिकॉर्ड पेश किए, जिससे साबित हुआ कि अब उनके आलू में 'पोटैटो ट्यूबर मॉथ' जैसे खतरनाक वायरस नहीं हैं। इसके बाद रूस ने शुरुआती तौर पर तीन बड़ी पाकिस्तानी कंपनियों को निर्यात की मंजूरी दे दी है।

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पाकिस्तान की डूबी अर्थव्यवस्था को सहारा

पाकिस्तान के लिए यह राहत किसी वरदान से कम नहीं है। इस साल पाकिस्तान में आलू की बंपर पैदावार हुई है, जो करीब 120 लाख टन तक पहुंच गई है। घरेलू जरूरतें पूरी करने के बाद पाकिस्तान के पास 40 लाख टन अतिरिक्त आलू बचा है। अफगानिस्तान के साथ व्यापारिक रास्ते बंद होने की वजह से पाकिस्तान परेशान था, लेकिन अब रूसी बाजार खुलने से उसे अपनी फसल बेचने और विदेशी मुद्रा कमाने का बड़ा मौका मिल गया है।

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भारत के लिए चिंता का विषय

भारत के लिए यह खबर इसलिए परेशान करने वाली है क्योंकि रूस हमेशा से भारत का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार रहा है। रूस और पाकिस्तान के बीच बढ़ता व्यापारिक सहयोग दक्षिण एशिया के समीकरणों को बदल सकता है। जब भारत पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश करता है, तब रूस जैसे 'सदाबहार दोस्त' का पाकिस्तान के प्रति यह नरम रुख भारतीय विदेश नीति और कूटनीति के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है।

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नए रास्तों की तलाश में पाकिस्तान

अफगानिस्तान की तोरखम सीमा बंद होने से पाकिस्तान के लिए मध्य एशिया तक पहुंचना मुश्किल हो गया था। अब पाकिस्तान रूस तक सामान पहुंचाने के लिए चीन और ईरान के रास्तों का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। मॉस्को में पाकिस्तानी दूतावास इस कोशिश में है कि जल्द ही और भी कंपनियों को रूसी बाजार में जगह मिले। रूस का यह कदम पाकिस्तान के कृषि क्षेत्र को मजबूती देगा, जिससे उसकी गिरती अर्थव्यवस्था को थोड़ा संभलने का मौका मिलेगा।

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