विजय के चुनाव जीतने के बाद स्टालिन से क्यों मिले थे रजनीकांत? आरोपों पर अब सुपरस्टार ने तोड़ी चुप्पी
Rajinikanth On CM Vijay: तमिलनाडु की राजनीति इस समय सिर्फ सत्ता परिवर्तन की वजह से नहीं, बल्कि फिल्मी सितारों की बयानबाजी और राजनीतिक समीकरणों की वजह से भी सुर्खियों में है। इसी बीच सुपरस्टार रजनीकांत ने अभिनेता और तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय को लेकर चल रही चर्चाओं पर खुलकर जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर आरोप लगाए जा रहे थे कि रजनीकांत विजय के सीएम बनने से जल रहे हैं। अब विजय ने उसपर जवाब दिया है।
रजनीकांत ने साफ कहा कि वह विजय से किसी तरह की जलन नहीं रखते। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्होंने 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ा होता, तो वे चुनाव जीत सकते थे। इसके साथ ही उन्होंने डीएमके नेता एमके स्टालिन ( M. K. Stalin) से अपनी मुलाकात को लेकर भी सफाई दी।

'विजय मुझसे 25 साल छोटे हैं'
विजय को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी रजनीकांत ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह अफवाह फैला रहे हैं कि वह विजय से जलते हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। रजनीकांत ने कहा कि विजय उनसे लगभग 25 साल जूनियर हैं और वह उनके खिलाफ नहीं हैं।
रजनीकांत बोले, ''मैंने सुना कि कुछ लोग ये बोल रहे हैं कि मैं विजय से जलता हूं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। वो मेरे से 25 साल जूनियर हैं। मैं अगर 2021 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ता तो जीत जाता।''
उन्होंने यह भी माना कि तमिलनाडु की राजनीति में अब बदलाव की मांग लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने पिछले 60 सालों में डीएमके और एआईएडीएमके दोनों को मौका दिया है। ऐसे में लोग शायद एक नए विकल्प की तरफ देख रहे थे।
स्टालिन से मुलाकात पर क्यों उठे सवाल? (Rajinikanth On Stalin Meeting)
तमिलनाडु चुनाव नतीजों के बाद 4 मई को रजनीकांत ने स्टालिन के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने दावा किया कि रजनीकांत नहीं चाहते कि विजय राज्य की राजनीति में मजबूत हों या मुख्यमंत्री के तौर पर सफल हों।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रजनीकांत ने कहा कि उनकी और स्टालिन की दोस्ती आज की नहीं, बल्कि करीब 30 साल पुरानी है। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को राजनीति से जोड़ना गलत है। रजनीकांत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह राजनीति के लिए किसी भी स्तर तक नहीं गिर सकते। उनके मुताबिक व्यक्तिगत रिश्तों को राजनीतिक नजर से देखना ठीक नहीं है।
'2021 में चुनाव लड़ता तो जीत जाता' (Rajinikanth Election Remark)
रजनीकांत का सबसे बड़ा बयान तब आया, जब उन्होंने 2021 के चुनाव को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर वह उस समय चुनाव मैदान में उतरते, तो जीत सकते थे।हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि राजनीति बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और सिर्फ लोकप्रियता के आधार पर फैसले नहीं लिए जा सकते।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब तमिलनाडु में फिल्मी सितारों की राजनीति को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। विजय की जीत के बाद अब लोग रजनीकांत की संभावित राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं।
CM बनने के बाद विजय के बड़े फैसले (Vijay Government Big Decisions)
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनकी पूरे राज्य में चर्चा हो रही है।
🔷200 यूनिट फ्री बिजली
विजय सरकार ने उन घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का फैसला किया है, जिनकी खपत हर दो महीने में 500 यूनिट तक रहती है। यह उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam का प्रमुख चुनावी वादा था। माना जा रहा है कि इससे करोड़ों परिवारों को राहत मिलेगी।
🔷हर जिले में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स
सरकार ने राज्य के सभी जिलों में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स बनाने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी और उपयोग पर रोक लगाना है। इसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी।
🔷महिलाओं के लिए 'सिंगप्पेन' यूनिट
महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स' बनाई जाएगी। इसका काम महिला अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करना और शिकायतों का जल्द निपटारा करना होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2019 से 2024 के बीच तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में करीब 40 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी।
🔷717 शराब की दुकानें बंद होंगी
विजय सरकार ने धार्मिक स्थलों, स्कूलों और बस स्टैंड के आसपास स्थित 717 सरकारी शराब दुकानों को बंद करने का फैसला लिया है।राज्य में कुल 4,765 सरकारी शराब दुकानें हैं, जिनमें से सैकड़ों संवेदनशील इलाकों के पास संचालित हो रही थीं।
AIADMK में बढ़ा संकट (AIADMK Internal Rift)
तमिलनाडु की राजनीति में इस समय सिर्फ नई सरकार ही चर्चा में नहीं है, बल्कि AIADMK के अंदर बढ़ता विवाद भी सुर्खियों में है। पार्टी दो गुटों में बंटी दिखाई दे रही है। एक तरफ Edappadi K. Palaniswami का गुट है, जबकि दूसरी तरफ षणमुगम और वेलुमणि समर्थक नेता सक्रिय हैं।
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान एआईएडीएमके के 25 विधायकों ने विजय सरकार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। इसके बाद पलानीस्वामी ने बागी नेताओं को पार्टी पदों से हटा दिया और दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। चेन्नई में पार्टी मुख्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प हो सकती है।













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