Pakistan Vs Israel: शांति से पहले पाक में क्लेश, ख्वाजा आसिफ के बयान पर नेतन्याहू ने फटकारा, एक और बेइज्जती
Pakistan Vs Israel: शुक्रवार के दिन अमेरिका और ईरान का डेलिगेशन शांति समझौते पर पहले दौर की बातचीत करने के लिए पाकिस्तान आ सकता है। लेकिन उसके ठीक पहले पाकिस्तान को एक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। दरअसल पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पहले इजरायल के खिलाफ एक विवादित पोस्ट किया और जब उस पर नेतन्याहू ने उन्हें खरी-खोटी सुना दी तो ख्वाजा ने पोस्ट डिलीट भी कर दिया। अब सोशल मीडिया से लेकर अंतर्राष्ट्रीय जगत में पाकिस्तान की बेइज्जते के चर्चे हो रहे हैं।
बड़बोलेपन के शिकार हुए ख्वाजा आसिफ
एक्स पर किए गए इस पोस्ट में उन्होंने इज़राइल के खिलाफ 'मानवता के लिए बुरा और अभिशाप, कैंसरयुक्त और "यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने का तरीका' जैसे बेहद विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया। और यही बात ख्वाजा आसिफ को बैकफुट पर ले गई।

पोस्ट में क्या कहा गया था?
ख्वाजा आसिफ ने अपने पोस्ट में दावा किया था कि इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, लेकिन उसी समय लेबनान में हिंसा जारी है। उन्होंने लिखा था कि, पहले गाजा में, फिर ईरान में और अब लेबनान में इज़राइल मासूम नागरिकों को निशाना बना रहा है और यह खून-खराबा बिना रुके जारी है। उन्होंने अपने बयान को और ज्यादा आक्रामक बनाते हुए कहा कि "वे दुआ करते हैं कि यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने के लिए फिलिस्तीनी जमीन पर बनाए गए इस कैंसरग्रस्त राज्य को बनाने वाले लोग नरक की आग में जलें।" यहीं से यह पोस्ट एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद बन गया।

नेतन्याहू ने लगाई फटकार
इस बयान पर इज़राइल ने तुरंत और कड़ी प्रतिक्रिया दी। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन टिप्पणियों को घटिया और अपमानजनक बताते हुए साफ कहा कि इज़राइल के खात्मे की बात करना अस्वीकार्य है। खासकर ऐसे देश के मंत्री से, जो खुद को शांति वार्ता का मध्यस्थ बता रहा हो यानी इज़राइल ने सीधे तौर पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल उठा दिया।
विदेश मंत्री और अमेरिकी सांसद भी हुए नाराज
इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन सा'आर ने भी ख्वाजा आसिफ के बयान को "खुलेआम यहूदी विरोधी" बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा किसी ऐसे देश के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है, जो शांति प्रक्रिया में शामिल होना चाहता है। वहीं अमेरिका ने ख्वाजा को फटकार लगाई है। अमेरिकी सांसद जोश गॉटहाइमर ने इस बयान की कड़ी निंदा की और इसे "नफरत से भरी बयानबाजी" कहा।
अमेरिका ने भी दिखाई लाल आंख
जोश गॉटहाइमर ने 'एक्स' पर लिखा कि जब पाकिस्तान संघर्षविराम वार्ता की अगुवाई कर रहा है, उसी समय उसका रक्षा मंत्री यहूदियों और इज़राइल के खिलाफ इस तरह के बयान दे रहा है। उन्होंने कहा- यह बयान अस्वीकार्य है। यह स्थिति को और खराब करता है और यह किसी भी तरह से कूटनीति (diplomacy) नहीं है। ये बताता है कि अमेरिका ने इजरायल के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा की गई इस हरकत पर लाल आंख दिखाई है।
टाइमिंग ने बढ़ाई समस्या
इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी बात इसकी टाइमिंग है। यह सब तब हुआ जब इस्लामाबाद अमेरिका-ईरान संघर्षविराम वार्ता की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। यानी एक तरफ पाकिस्तान खुद को एक निष्पक्ष मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा है और दूसरी तरफ उसके रक्षा मंत्री इस तरह के बयान दे रहे हैं।क्या असर पड़ सकता है?
इस घटना के बाद कुछ बड़े सवाल खड़े होते हैं:
• क्या पाकिस्तान सच में निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा पाएगा?
• क्या इस तरह के बयान उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाएंगे?
• क्या शांति वार्ता पर इसका असर पड़ेगा?
क्योंकि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सिर्फ बातचीत ही नहीं, बल्कि भरोसा भी बहुत जरूरी होता है।
बढ़ा विवाद तो डिलीट किए ट्वीट
ख्वाजा आसिफ का यह बयान सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा कूटनीतिक विवाद बन गया। हालांकि अमेरिका से लगी फटकार के बाद ख्वाजा ने पोस्ट हटा दिया, लेकिन तब तक इसका असर वैश्विक स्तर पर दिख चुका था। अब देखना होगा कि क्या इसका असर अमेरिका-ईरान की बातचीत पर पड़ता है या नहीं।
पहले भी बेइज्जत हो चुके ख्वाजा
इसके पहले भी मई 2025 में जब भारत के साथ पाकिस्तान की झड़प हुई, जिसमें भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को तबाह कर दिया था। इसी दौरान ख्वाजा आसिफ ने स्काई न्यूज के साथ बातचीत में स्वीकार किया था पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद को न सिर्फ पाल-पोस रहा है बल्कि दूसरे देशों में अशांति भी करवा रहा है। जिसके बाद उसकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी किरकरी हुई थी।
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