VIDEO: ब्रिटिश पीएम उम्मीदवार ऋषि सुनक ने लंदन में की गौ पूजा, PM बनने के लिए मिलेगा आशीर्वाद?
वीडियो में ऋषि सुनक को अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ अपने बगल में खड़ी गाय के सामने आरती करते हुए देखा जा सकता है।
लंदन, अगस्त 26: ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, इसका फैसला अगले 10 दिनों में हो जाएगा, लेकिन उससे पहले दोनों फाइनल उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। फाइनल में भारतीय मूल के ऋषि सुनक भी शामिल हैं, जिन्हें इस हफ्ते लंदन में गौ पूजा करते हुए देखा गया है। पिछले दिनों जन्माष्टमी के मौके पर ऋषि सुनक को अपनी पत्नी के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हुए भी देखा गया था और अब उनकी गौ-पूजा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

ऋषि सुनक ने की गौ-पूजा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कंजरवेटिव पार्टी के नेता ऋषि सुनक को अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ गौपूजा करते हुए देखा जा रहा है। अक्षता मूर्ति भारत के मशहूर कारोबारी और सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी हैं और उन्होंने ऋषि सुनक से शादी की है। ऋषि सुनक ने जब से प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीदवारी का ऐलान किया है, उसके बाद से ही अक्षता मूर्ति लगातार उनके साथ नजर आ रही हैं और उनके लिए चुनाव प्रचार कर रही हैं। ऋषि सुनक कई मौकों पर खुद को भारतीय मूल का एक गर्वान्वित हिंदू बता चुके हैं और अब उन्होंने अपनी पत्नी के साथ गौपूजा की है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

गौपूजा का वीडियो वायरल
वीडियो में ऋषि सुनक को अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ अपने बगल में खड़ी गाय के सामने आरती करते हुए देखा जा सकता है। ब्रिटेन के पूर्व चांसलर को पहली बार हाथ में पीतल का गिलास लिए गाय को पवित्र जल अर्पित करते हुए देखा जा सकता है। जोड़े के बगल में खड़े पुजारी फिर उन्हें एक दीया (मिट्टी का दीपक) सौंपते हैं और फिर वो दोनों अनुष्ठान करते हैं और गाय से आशीर्वाद लेते हैं। वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है और हिंदू समुदाय का बहुत ध्यान आकर्षित कर रहा है।
जन्माष्टमी के बाद गौपूजा
ऋषि सुनक ने भगवान कृष्ण की पूजा करते अपना वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें वो भक्तिवेदांत मंदिर गये हुए थे। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि, "आज मैं अपनी पत्नी अक्षता के साथ जन्माष्टमी मनाने के लिए भक्तिवेदांत मनोर मंदिर गया, जो लोकप्रिय हिंदू त्योहार भगवान कृष्ण का जन्मदिन है।" आपको बता दें कि, ऋषि सुनक भले ही ब्रिटेन में बस गये हैं, लेकिन उनका कहना है, कि उनका डोर अभी भी हिन्दू धर्म से ही जुड़ा हुआ है। वहीं, जब उन्होंने ब्रिटेन में सांसद का चुनाव जीता था और मंत्री पद की शपथ ली थी, उस वक्त उन्होंने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया था। और अब ऋषि सुनक ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं और 42 साल के ऋषि फरवरी 2020 से जुलाई 2022 तक ब्रिटेन के वित्त मंत्री रहे। प्रधानमंत्री पद की रेस में उनका मुकाबला विदेश मंत्री लिज ट्रस से है, जो काफी मजबूत स्थिति में मानी जा रही हैं।

'मैं एक गौरवशाली हिन्दू हूं'
गोल्डमैन सैक्स के पूर्व बैंकर रह चुके ऋषि सुनक को जब 2020 में ट्रेजरी का मुख्य सचिव बनाया गया, तब एक सांसद के रूप में अपनी शपथ के दौरान सुनक ने भगवत गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। इस दौरान उन्होंने साबित किया वह अपनी विरासत को अपनाने से कतराते नहीं हैं। इस पर एक ब्रिटिश अखबार ने उनसे भगवत गीता पर हाथ रख शपथ लेने का कारण पूछा तो उन्होंने अपने ही अंदाज में इसका जवाब दिया। ऋषि ने कहा, 'मैं अब ब्रिटेन का नागरिक हूं लेकिन मेरा धर्म हिंदू है। भारत मेरी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत है। मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं एक हिंदू हूं और हिंदू होना ही मेरी पहचान है।' अपनी डेस्क पर भगवान गणेश की प्रतिमा रखने वाले सुनक धार्मिक आधार पर बीफ त्यागने की अपील भी कर चुके हैं। वो खुद भी बीफ नहीं खाते हैं।

गुंजरावाला में हैं ऋषि की जड़ें
ऋषि सुनक का परिवार पंजाबी खत्री समुदाय से संबंध रखता है। ऋषि के दादा रामदास सुनक गुंजरावाला में रहते थे जो अभी पाकिस्तान का हिस्सा है। गुंजरावाला में जब हिंदू-मुस्लिम के बीच संघर्ष चरम पर था, तो रामदास ने सन् 1935 में गुंजरावाला छोड़ दिया और वो बेहतर जीवन की तलाश में केन्या की वर्तमान राजधानी नैरोबी आ गए। वहीं उनकी पत्नी सुहाग रानी सुनक, गुंजरावाला से दिल्ली आ गई थीं और उनके साथ उनकी सास भी थी। रामदास जब नैरोबी में कुछ जम गए तो उन्होंने अपने परिवार को भी वहां बुला लिया।

नैरोबी छोड़ पिता जा बसे लिवरपूल
रामदास नैरोबी में क्लर्क का काम करते थे। अपनी प्रतिभा के बलबूते वह वहां एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के पद पर भी पहुंचे। रामदास और सुहाग रानी के छह बच्चे थे जिसमें तीन बेटे और तीन बेटियां थीं। ऋषि के पिता यशवीर सुनक इनमें से ही एक थे। यशवीर सुनक का जन्म नैरोबी में सन् 1949 में हुआ था। साल 1966 में यशवीर नैरोबी से लिवरपूल आ गए। उन्होंने यहां लिवरपूल यूनिवर्सिटी से मेडिसिन की पढ़ाई की। फिलहाल वो साउथ हैंपटन में रहते हैं। वहीं रामदास सुनक की तीनों बेटियों ने भारत में ही पढ़ाई की है।












Click it and Unblock the Notifications