इस्लामिक चरमपंथी ब्रिटिश समाज में घोल रहे हैं जहर... UK के हिंदू प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का सनसनीखेज भाषण
Rishi Sunak Islamic Extremist: ब्रिटिश प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने यूनाइटेड किंगडम में 'चरमपंथ' के बढ़ते मामलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और चेतावनी देते हुए कहा है, कि लोगों को 'शांतिपूर्वक' रैली निकालने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन वे हिंसा और उग्रवाद का आह्वान नहीं कर सकते हैं।
ब्रिटेन के प्रधान मंत्री ने कहा, कि हाल के हफ्तों और महीनों में चरमपंथी तत्वों और आपराधिकता गतिविधियों में "चौंकाने वाली वृद्धि" देखी गई है, और जो सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के रूप में शुरू हुआ औ जो "धमकाने, धमकियों और हिंसके कृत्यों" में बदल गया है।

आपको बता दें, कि फिलीस्तीन में जारी इजराइली हमलों को लेकर ब्रिटेन में लगातार रैलियां निकाली जा रही हैं, जिसमें हमास का समर्थन किया जा रहा है, और ऐसे तत्वों को लेकर ब्रिटेन में भारी विरोध भी शुरू हो गया है।
चरमपंथियों पर बरसे ऋषि सुनक
10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर का राष्ट्र को संबोधित करते हुए ऋषि सुनक ने अपने संबोधन में कहा, "यहूदी बच्चे अपनी स्कूल की वर्दी पहनने से डरते हैं, कि कहीं इससे उनकी पहचान उजागर न हो जाए। एक आतंकवादी समूह की हरकतों की वजह से मुस्लिम महिलाओं के साथ सड़क पर दुर्व्यवहार किया जाता है। और अब हमारा लोकतंत्र ही एक टारगेट बन गया है।"
इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया, कि दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से अप्रवासी अपनी पहचान छोड़े बिना देश में आए और वो एकजुट हो गये हैं।
ऋषि सुनक ने देश के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, कि "आप मेरी तरह एक हिंदू और गौरवान्वित ब्रिटिश नागरिक हो सकते हैं। या फिर एक धर्मनिष्ठ मुस्लिम और एक देशभक्त नागरिक हो सकते हैं, जैसा कि बहुत से लोग हैं। या फिर किसी समाज का दिल, एक प्रतिबद्ध यहूदी व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन यह सब सहिष्णुता पर आधारित होना चाहिए।"
लेकिन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने आगे कहा, कि "मुझे डर है, कि दुनिया के सबसे सफल बहु-जातीय, बहु-आस्था वाले लोकतंत्र के निर्माण में हमारी महान उपलब्धि को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है।"
नहीं किया जा सकता जिहाद का आह्वान- सुनक
सुनक ने कहा, कि 7 अक्टूबर को हमास के इजरायल पर किए गए हमले के बाद से कई समूह विभाजनकारी, घृणित वैचारिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए युद्ध का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। और इसको ढाल बनाकर कई समूहों ने ब्रिटेन की सड़कों को अपने कब्जे में ले लिया।
उन्होंने कहा, "इस्लामिक चरमपंथी और धुर दक्षिणपंथी समूह जहर फैला रहे हैं, वह जहर चरमपंथ है।"
उन्होंने आगे कहा, कि हालांकि लोगों को नागरिक जीवन की सुरक्षा की मांग करते हुए मार्च करने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन वे "हिंसक जिहाद" का आह्वान नहीं कर सकते है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा, कि "मैं इस बात का सम्मान करता हूं, कि हमने जो विरोध प्रदर्शन देखे हैं, उन्हें नियंत्रित करने में पुलिस को कड़ी मेहनत करनी पड़ी है, लेकिन हमें एक रेखा खींचनी चाहिए। हां, आप मार्च कर सकते हैं और जोश के साथ विरोध भी कर सकते हैं... आप नागरिकों की सुरक्षा की मांग के लिए आवाज उठा सकते हैं...लेकिन नहीं, आप हिंसक जिहाद का आह्वान नहीं कर सकते।"
इसके साथ ही, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने अपने गृह सचिव जेम्स क्लेवरली के आदेश का भी हवाला दिया, कि जो विदेशी नागरिक वीजा पर ब्रिटेन में हैं, वो अगर "विरोध प्रदर्शन को लेकर नफरत फैलाते हैं या लोगों को डराने की कोशिश करते हैं तो देश में रहने का उनका अधिकार रद्द कर दिया जाएगा।"
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, कि "मैं उन लोगों से सीधे बात करना चाहता हूं, जो विरोध जारी रखना चाहते हैं: चरमपंथियों को अपने मार्च को हाईजैक न करने दें। आने वाले हफ्तों में आपके पास यह दिखाने का मौका है, कि आप शालीनता से, शांतिपूर्वक और अपने साथी नागरिकों के लिए सहानुभूति के साथ विरोध कर सकते हैं।"












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