US-जर्मनी पीछे हटे तो अब ब्रिटेन ने संभाली कमान, ऋषि सुनक ने पुतिन को ललकारा, नाटो से की ये अपील

सुनक ने कहा कि अब हमारी सैन्य सहायता दोगुनी करने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को अधिक तोपखाने, बख्तरबंद वाहनों और हवाई सुरक्षा की जरूरत है।

Rishi Sunak-putin

Image: Oneindia

रूस-यूक्रेन युद्ध के एक साल पूरे होने वाले हैं। इतने दिन बीते जाने के बाद पहली बार ब्रिटेन ने खुलकर रूस पर हमला बोला है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दुनिया के नेताओं से यूक्रेन के दीर्घकालिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अब सबसे उन्नत हथियार भेजने की अपील की है। सुनक ने तीन दिवसीय म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन की सैन्य सहायता को बढ़ाकर दोगुनी करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस देश को और भविष्य में शेष यूरोप को रूसी आक्रमण से बचाना जरूरी है। इस दौरान सुनक ने कहा कि नाटो के लिए यूक्रेन को लंबी दूरी के हथियार मुहैया कराना 'पूरी तरह से उचित' था।

यूक्रेन की सहायता दोगुनी करने की अपील

यूक्रेन की सहायता दोगुनी करने की अपील

आपको बता दें कि 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के 1 साल पूरे हो जाएंगे। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस वसंत में दोनों ही देश आक्रमण तेज कर देंगे। ऐसे में सुनक ने रूस के संभावित हमले से पहले राष्ट्रों से सहयोग बढ़ाने की अपील की। सुनक ने कहा कि अब हमारी सैन्य सहायता दोगुनी करने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को अधिक तोपखाने, बख्तरबंद वाहनों और हवाई सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने नाटो से भी यूक्रेन के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी मुहैया करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए है।

'पुतिन को गलत साबित करेंगे'

'पुतिन को गलत साबित करेंगे'

ऋषि सुनक ने कहा- "जब पुतिन ने यह युद्ध शुरू किया, तो उन्होंने जुआ खेला कि हमारा संकल्प लड़खड़ा जाएगा। एक साल बाद भी वे अब भी वह शर्त लगा रहे हैं कि हम अपना आपा खो देंगे... लेकिन हमने उसे तब भी गलत साबित कर दिया था, और अब भी हम उसे गलत साबित करेंगे।" सुनक ने कहा कि रूस को जवाबदेह ठहराने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने यूक्रेन की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए "नए ढांचे" का भी आह्वान किया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया रूस की आक्रामकता के खिलाफ पर्याप्त मजबूत नहीं थी।

बाइडेन ने एफ-16 देने से किया इंकार

बाइडेन ने एफ-16 देने से किया इंकार

सम्मेलन में भाग लेने वालों में से अधिकांश- राष्ट्राध्यक्षों और मंत्रियों से लेकर राजनयिकों और जासूसों तक- यूरोप या अमेरिका से थे, जिनमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और लगभग 30 यूरोपीय सरकार के प्रमुख शामिल थे। इस सम्मेलन में किसी रूसी अधिकारी को आमंत्रित नहीं किया गया था। आपको बता दें कि बीते महीने बाइडेन ने रूस से लड़ने के लिए यूक्रेन को F-16 फाइटर जेट्स देने से साफ इनकार कर दिया था। एक रिपोर्टर ने बाइडेन से पूछा था कि क्या वो यूक्रेन को F-16 जेट्स देंगे, जिसके जवाब में उन्होंने सीधे ना कह दिया।

रूस ने ब्रिटेन को धमकाया

रूस ने ब्रिटेन को धमकाया

इससे पहले जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने भी यूक्रेन की मांग को गलत बताया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने यूक्रेन को लेपर्ड टैंक्स देने की बात मानी है लेकिन यूक्रेन का फाइटर जेट्स मांगना गलत है। उन्होंने कहा रूस से जंग सिर्फ यूक्रेन लड़ रहा है नाटो नहीं, हम हथियार भेजकर युद्ध के दायरे को और नहीं बढ़ा सकते हैं। इससे पहले यूक्रेन ने कहा था कि यदि उसे ब्रिटिश मिसाइलें मिल जाती हैं तो वह इनका इस्तेमाल क्रीमिया को उड़ाने में कर सकता है। इस पर रूस आग बबूला हो गया था। इसके बाद रूस ने कहा था कि यदि यूक्रेन ने ब्रिटिश मिसाइलों का इस्तेमाल क्रीमिया या रूस पर करने की गलती की तो वह ब्रिटेन को धूल में मिला देगा और ब्रिटेन को नरक में जलना होगा। रूस ने कहा कि अब वह मानेगा कि ब्रिटेन प्रत्यक्ष रूप से युद्ध में उसके सामने आ गया है।

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