'अपने भारतीय सास-ससुर पर गर्व है', नारायण मूर्ति का नाम लेकर विरोधियों पर बरसे ऋषि सुनक
ब्रिटेन में इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी और भारत में जन्मी अक्षता मूर्ति की गैर-अधिवास टैक्स स्थिति पर सवाल उठाया है, और अक्षता मूर्ति के पति, यानि ऋषि सुनक से सफाई मांगी जा रही है।
लंदन, जुलाई 18: ब्रिटेन के प्रधान मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे भारतीय मूल के ऋषि सुनक ने अपने भारतीय सास-ससुर को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक टीवी डिबेट में ऋषि सुनक ने कहा है कि, वो अपने सास- ससुर पर गर्व करते हैं। आपको बता दें कि, ऋषि सुनक के ससुर इंफोसिस कंपनी के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति और उनकी सास सुधा मूर्ति हैं और उन्होंने कहा कि, उनके सास-ससुर ने जो हासिल किया है, उसके लिए उन्हें उनके ऊपर गर्व है। दरअसल, ब्रिटेन में ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ती के टैक्स पर भारी विवाद चल रहा है और उन्हें घेरने की कोशिश की जा रही है।

ऋषि सुनक ने क्या कहा?
एक गर्मागर्म टेलीविज़न बहस में जब भारतीय मूल के 42 वर्षीय ऋषि सुनक से जब उनकी पत्नी के टैक्स मामलों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अपने सास-सुर का जिक्र किया। ऋषि सुनक पर तीन महीने पहले ही पत्नी अक्षता मूर्ति की कमाई से टैक्स बचाने के लिए नया कानून बनाने का आरोप लगा था और आरोप लगा था, कि अक्षता मूर्ति ब्रिटेन में तो रहती है, लेकिन उनकी जो कमाई होती है, उसका टैक्स वो ब्रिटेन सरकार के खजाने में जमा नहीं करते हैं। इसके साथ ऋषि सुनक को अपने यूएस ग्रीन कार्ड की स्थिति स्पष्ट करने को लेकर भी कईऊ सवाल का जवाब देना पड़ रहा है, जिसे उन्होंने कथित तौर पर नंबर 11 डाउनिंग स्ट्रीट पर वित्त मंत्री का पद संभालने के कुछ महीनों बाद छौड़ा था।

क्या है अक्षता मूर्ति का टैक्स विवाद?
ब्रिटेन में इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी और भारत में जन्मी अक्षता मूर्ति की गैर-अधिवास टैक्स स्थिति पर सवाल उठाया है, और अक्षता मूर्ति के पति, यानि ऋषि सुनक से सफाई मांगी जा रही है। गैर-अधिवास दर्जे का मतलब यह है, कि अक्षता मूर्ति, जिनके पास इंफोसिस में शेयर हैं, वो ब्रिटेन में रहते हुए विदेशों में अर्जित इनकम पर टैक्स का भुगतान करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। 42 साल की अक्षता मूर्ति के एक प्रवक्ता, जो वेंचर कैपिटल फर्म कैटामारन यूके के निदेशक हैं, उन्होंने कहा 7 अप्रैल को कहा था कि, गैर-अधिवास का दर्जा इसलिए है, क्योंकि भारत दोहरी राष्ट्रीयता को मान्यता नहीं देता है और भारत से आने वाले सभी प्रोफेशनल्स यूके में कानूनी रूप से आवश्यक सभी तरह के टैक्स का भुगतान करता है। ऋषि सुनक पर आरोप इसलिए लग रहे हैं, क्योंकि आरोप ये लगाया गया है कि, वित्त मंत्री बनने के बाद उन्होंने देश के टैक्स स्ट्रक्चर में ऐसा बदलाव किया था, कि कानूनी तौर पर उनकी पत्नी टैक्स देने से बच सकें, क्योंकि वो ब्रिटेन की नहीं, बल्कि भारत की नागरिक हैं और 'नो-डोमिसाइल' सर्टिफिकेट के आधार पर ब्रिटेन में रह रही हैं।

नारायण मूर्ति की बेटी हैं अक्षता मूर्ति
अक्षता मूर्ति, भारत की आईटी दिग्गज कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी हैं, जिन्होंने भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक ऋषि सुनक से शादी की है। वहीं, विवाद पर अक्षता मूर्ति की प्रवक्ता ने कहा था कि, "अक्षता मूर्ति भारत की नागरिक हैं, उनके जन्म का देश और माता-पिता का घर भारत है।" प्रवक्ता ने कहा कि, "भारत अपने नागरिकों को एक साथ दूसरे देश की नागरिकता रखने की अनुमति नहीं देता है। इसलिए, ब्रिटिश कानून के अनुसार, अक्षता मूर्ति को यूके के टैक्स उद्देश्यों के लिए गैर-अधिवासी माना जाता है। उन्होंने हमेशा यूके के नियमों के मुताबिक, अपने इनकम पर टैक्स का भुगतान किया है'। आपको बता दें कि, अक्षता मूर्ति पर 20 मिलियन पाउंड टैक्स नहीं देने का आरोप लगा है।

सास-ससुर पर है गर्व- ऋषि सुनक
आपको बता दें कि, ब्रिटेन में प्रधानमंत्री के लिए हुए चुनाव के दो राउंड में ऋषि सुनक काफी बहुमत के साथ आगे निकल चुके हैं और आखिरी राउंड की वोटिंग होना बचा है और ऋषि सुनक का प्रधानमंत्री बनना करीब करीब तय माना जा रहा है और ब्रिटेन में एक टीवी डिबेट के दौरा ऋषि सुनक ने कहा कि, 'मैं ब्रिटेन का एक सामान्य टैक्स भुगतान करने वाला नागरिक हूं और मेरी पत्नी दूसरे देश से आती हैं, इसीलिए उनपर अलग नियम लागू होता है, लेकिन वो इसके ऊपर सफाई दे चुकी हैं और उन्होंने उस मुद्दे को समाप्त कर दिया था।' ऋषि सुनक ने आगे कहा कि, "मेरी पत्नी के परिवार की संपत्ति के बारे में टिप्पणी की गई है, इसीलिए मैं सिर्फ उस मुद्दे को संबोधित कर रहा हूं और मुझे ये कहने में गर्व महसूस हो रहा है, कि मेरे सास-ससुर ने वास्तव में जो कुछ किया है, उसपर मुझे बहुत गर्व है'।

'शून्य से की थी शुरूआत'
ऋषि सुनक ने कहा कि, 'मेरे ससुर ने शून्य से शुरूआत की थी और उनके पास महज कुछ रुपये थे, जो मेरी सास ने बचत करके उन्हें दिए थे और अब दुनिया के सबसे बड़े और सम्मानित उद्योगपति में उनका नाम होता है, उनकी सफल कंपनियां हैं, जो पूरे यूनाइटेड किंगडम में हजारों लोगों को रोजगार देती हैं।' ऋषि सुनक ने टीवी डिबेट के दौरान कहा कि, "यह एक अविश्वसनीय कहानी है और वास्तव में यह एक ऐसी कहानी है, जिस पर मुझे वास्तव में गर्व है और प्रधानमंत्री के रूप में, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि हम यहां घर पर (ब्रिटेन में) उनकी तरह और कहानियां बना सकें।"

ओपिनियन पोल में ऋषि सुनक आगे
आपको बता दें कि, ओपिनियम पोल में भाग लेने वाले 1,001 लोगों में से लगभग 24 प्रतिशत लोगों का कहना है कि, ऋषि सुनक ने वित्तमंत्री रहते हुए सर्वश्रेष्ठ काम किया है और उनके बाद कॉमन्स फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष टॉम तुगेंदत को 19 प्रतिशत लोगों का साथ मिला। वहीं, ब्रिटेन के ट्रेड मिनिस्टर पेनी मोर्डौंट 17 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर थे, इसके बाद विदेश सचिव लिज़ ट्रस 15 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर थीं। वहीं, ऋषि सुनक को लेकर ब्रिटेन के अंतरिम प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपनी पार्टी के नेताओं से अपील की है, कि वो किसी को भी वोट कर दें, लेकिन ऋषि सुनक को वोट ना करें।












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