अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर बरस रहे राहुल गांधी, क्या विदेश में कर रहे हैं भारत को बदनाम?

इसी साल मार्च में राहुल गांधी ने यूके का दौरा किया था, जहां उनके भारतीय लोकतंत्र पर की गई टिप्पणी पर भारत में बवाल मच गया था और पीएम मोदी ने भी उनकी आलोचना की थी।

Rahul Gandhi US Visit

Rahul Gandhi US Visit: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का अमेरिका दौरा शुरू हो गया है और राहुल गांधी उस वक्त अमेरिका पहुंचे हैं, जब प्रधानमंत्री मोदी भी अमेरिका के राजकीय यात्रा पर जाने वाले हैं।

इस महीने के तीसरे हफ्ते में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जो बाइडेन के आधिकारिक आमंत्रण पर व्हाइट हाउस के मेहमान होंगे और व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति बाइडेन, उनके लिए डिनर पार्टी का आयोजन करेंगे।

लिहाजा, सवाल ये उठ रहे हैं, कि पीएम मोदी की यात्रा से ठीक पहले राहुल गांधी अमेरिका में जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साध रहे हैं, भारत सरकार को कटघरे में खड़ा रहे हैं, क्या वो भारत का अपमान कर रहे हैं? क्या वो विदेश में भारत के प्रधानमंत्री की गरिमा को गिरा रहे हैं? और सबसे बड़ा सवाल ये, कि राहुल गांधी ऐसा क्यों कर रहे हैं?

भारतीय समुदाय की कैसी रही है छवि?

अब तक, विदेशों में भारतीय डायस्पोरा की छवि सादगीपूर्ण रही है। प्रवासी भारतीयों के सदस्यों ने दुनिया में भारत के अनौपचारिक राजदूत के रूप में ही काम किया है। वे भारतीय संस्कृति का जश्न मनाते हैं और उसका प्रसार करते हैं। प्रवासी भारतीय, विदेशों में अपना मित्र बनाते हैं और मातृभूमि के लाभ के लिए लोगों को प्रभावित करते हैं।

यह रोमांटिक धारणा तेजी से जमीनी हकीकत से टकराती जा रही है। डायस्पोरा अपने भीतर भारतीय समाज की उन सभी खामियों को समेटे हुए है जो विदेशों में उनके जीवन में अभिव्यक्त होती हैं। विचारधारा भले ही अलग अलग रही हो, लेकिन विदेशों में सभी भारतीय एक नजर आए हैं।

लेकिन, प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को नये सिरे से सम्मोहित करना शुरू किया, जैसा पहले नहीं किया गया था। पीएम मोदी, जिस भी देश में जाते हैं, वहां भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करते हैं, उन्हें संबोधित करते हैं, जिससे पीएम मोदी की विदेशी धरती पर प्रसिद्धि काफी तेजी से फैली है।

अब राहुल गांधी भी मोदी के नक्शे-कदम पर ही चल रहे हैं, तो क्या वो प्रवासी भारतीयों के बीच पीएम मोदी की तरह प्रसिद्धि हासिल कर पाएंगे? ये देखने वाला बात होगी। हालांकि, राहुल गांधी ने अमेरिका जाकर प्रधानमंत्री मोदी की जमकर आलोचना शुरू कर दी है।

पीएम मोदी पर राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा, कि अगर आप प्रधानमंत्री मोदी को भगवान के बगल में बैठा दें, तो वह भगवान को समझाना शुरू कर देंगे, कि ब्रह्मांड कैसे काम करता है।

राहुल गांधी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और नागरिक समाज के साथ बातचीत कर रहे थे।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा, कि "मुझे लगता है कि अगर आप मोदी जी को भगवान के बगल में बिठाते हैं, तो वे भगवान को समझाना शुरू कर देंगे, कि ब्रह्मांड कैसे काम करता है। जिसके बाद खुद भगवान भी कनफ्युज हो जाएंगे, कि मैंने क्या बनाया है"। उन्होंने कहा, कि "भारत को लोगों के एक समूह द्वारा चलाया जा रहा है, जो "पूरी तरह से आश्वस्त" कि वे सब कुछ जानते हैं"।

राहुल ने कहा, कि "लोगों के इस समूह का मानना है, कि वे वैज्ञानिकों को विज्ञान, इतिहासकारों को इतिहास और सेना को युद्ध के बारे में समझा सकते हैं, जबकि हकीकत ये है, कि लोगों का यह समूह वास्तव में कुछ भी नहीं समझता है"।

अपने संबोधन के दौरान, राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा और भारत में भाषा की राजनीति के बारे में भी बात की। राहुल ने कहा, कि कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने का फैसला किया, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के कारण राजनीतिक दलों को राजनीतिक रूप से कार्य करना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा, कि वह किसी को भी क्षेत्रीय भाषाओं को धमकाने की इजाजत नहीं देंगे। गांधी ने कहा, कि "यदि कोई किसी भाषा पर हमला करता है, तो यह भारत पर हमला है"।

राहुल का भाषण क्या भारत का अपमान?

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (आईओसी) के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने कहा, कि "जब हम किसी चीज के बारे में बात करते हैं, तो हम भारत की आलोचना नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम भारत सरकार की आलोचना कर रहे हैं, इसे भ्रमित न करें।"

राहुल गांधी 10 दिनों तक अमेरिका के अलग अलग हिस्सों का दौरा करेंगे और इस दौरान वो अमेरिका के यूनिवर्सिटीज, भारतीय समुदायों, अलग अलग बिजनेस ग्रुप्स के साथ साथ दो रैलियों का भी आयोजन करेंगे। राहुल गांधी, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डीसी और सैन फ्रांसिस्को का दौरा करेंगे।

इससे पहले राहुल गांधी के लंदन दौरे को लेकर भी विवाद हो चुका है।

मार्च 2023 में राहुल गांधी की लंदन यात्रा ने भारत में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया, जिसमें 'विदेशी धरती पर भारत को बदनाम करने' के लिए उनकी माफी की मांग करते हुए, बीजेपी ने संसद की कार्यवाही को बाधित किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च को कर्नाटक में एक सार्वजनिक रैली में कहा था, कि "लंदन में भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठाए गए हैं।"

ऐसा माना जाता है, और विभिन्न आंकड़ों में भी देखा जाता है, कि भारत के बारे में प्रवासी भारतीयों के मन में भारत के बारे में एक विशेष प्रकार का विचार है। तो क्या राहुल गांधी की यात्रा का उद्देश्य उस विचार को बदलने की कोशिश करना है और देश के बारे में अमेरिकी प्रतिष्ठान के विचारों को भी बदलना है?

अमेरिका ने भारत को मानवाधिकार को लेकर बार बार कटघरे में खड़ा किया है, जिसे मोदी सरकार ने वोट बैंक और पूर्वाग्रह से भरी राजनीति कहा है, तो क्या राहुल गांधी फिर से इस मुद्दे पर बात करेंगे?

राहुल गांधी का दौरा अभी शुरू ही हुआ है और देखना दिलचस्प होगा, कि अगल कुछ दिनों में राहुल गांधी का कार्यक्रम किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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