USA में राहुल गांधी के कार्यक्रम में लगे 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे, लहराए गये झंडे, मोदी को दी धमकी
राहुल गांधी 10 दिनों के अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां वो दर्जनों कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे। वहीं, पीएम मोदी इसी महीने अमेरिका के राजकीय यात्रा पर भी जाने वाले हैं।

Rahul Gandhi Khalistan: कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जो संयुक्त राज्य अमेरिका की 10 दिवसीय यात्रा पर हैं, मंगलवार को सैन फ्रांसिस्को में उनके कार्यक्रम के दौरान खालिस्तान समर्थकों ने नारेबाजी की और खालिस्तान का झंडा लहराया है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा रहा है, कि जब राहुल गांधी कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे, उस वक्त खालिस्तान जिंदाबाद के नारों के साथ कुछ लोगों ने खालिस्तानी झंडा लहराना शुरू कर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों के मुताबिक, खालिस्तानियों की नारेबाजी के बीच राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए उन्हें जवाब दिया, कि "नफरत के शहर में मोहब्बत की दुकान।"
कार्यक्रम के दौरान खालिस्तान समर्थकों ने राहुल गांधी के भाषण को रोकते हुए भारत में हुए 1984 के सिख नरसंहार के संबंध में इंदिरा गांधी और गांधी परिवार के खिलाफ नारे लगाए गए।
वहीं, इस घटना के फौरन बाद, खालिस्तानी आतंकवादी संगठन, सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नून ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ खालिस्तानी समर्थकों द्वारा विरोध किए जाने की घटना के दृश्य दिखाए गए थे।
राहुल के बाद पीएम मोदी को धमकी
गुरपतवंत सिंह पन्नून ने जो वीडियो जारी किया है, उसमें उसने 'सिख नरसंहार' का जिक्र किया है और उसने राहुल गांधी को यह कहते हुए धमकी दी, कि वह पूरे अमेरिका में कहीं भी यात्रा करेंगे और जनता को संबोधित करेंगे, उन्हें अमेरिका में सिखों से इस तरह के प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा।
इसके साथ ही, पन्नून ने एक और चेतावनी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी दी। उसने पीएम मोदी को धमकी देते हुए कहा, कि जब पीएम मोदी अपनी राजकीय यात्रा के दौरान अमेरिका आएंगे, तो उन्हें भी ऐसी ही परिस्थिति का सामना करना पड़ेगा।
गुरपतवंत सिंह पन्नून ने ऑडियो क्लिप में कहा है, कि "अगली बारी 22 जून को मोदी की है।"
आपको बता दें, कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेरिका के तीन शहरों के दौरे पर मंगलवार को सैन फ्रांसिस्को पहुंचे हैं, जहां उन्होंने भारतीय प्रवासियों से बातचीत की है और उनका अमेरिकी सांसदों से मुलाकात करने का कार्यक्रम भी है।
कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नून?
गुरपतवंत सिंह पन्नून एक "हाई-प्रोफाइल सिख अलगाववादी" है, जो सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का प्रमुख है। ये संगठन एक स्वतंत्र खालिस्तान की मांग करता है। खालिस्तानी अलगाववादी पन्नून के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से एनसीबी द्वारा 21 मई 2021 को रेड कॉर्नर नोटिस के लिए अनुरोध किया गया था। वहीं, भारत सरकार पहले ही एसजेएफ पर प्रतिबंध लगा चुकी है।
भारत ने इंटरपोल कमीशन को जो जानकारी दी थी, उसमें पन्नून पर "प्रमुख भारतीय नेताओं की हत्या, व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जलाना, आतंकी कृत्यों को अंजाम देने के लिए हथियार खरीदना" और उनके "आतंकवादी गिरोह" में "भर्ती" करना शामिल है।
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भारत की रिपोर्ट में कहा गया था, कि भारत का मानना है कि, इन तरह के कृत्यों को अंजाम देने के लिए पन्नू ने विदेशों से भारत में एक्टिव संगठनों को धन मुहैया कराया है और इसके लिए उसने अपने अलग अलग छद्म तरीकों का इस्तेमाल किया है।
भारत ने इंटरपोल को बताया था, कि, पन्नून का लक्ष्य भारत के पंजाब में आतंकवाद को फिर से जिंदा करना, निर्दोष लोगों की जान लेना और "अलगाववादी" एजेंडे को बढ़ावा देना है। हालांकि, भारत की कई दलीलों के बाद भी इंटरपोल ने पन्नून के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं किया था।












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