सीरिया गृहयुद्ध में हवाई हमलों, रॉकेट और बैरल बमों से बच गया परिवार, भूकंप में 6 बच्चों को गंवाया

भूकंप प्रभावित इलाकों के मलबे में हजारों शव दबे हुए हैं वहीं कई ऐसे भी लोग हैं जिनकी सांसे अभी भी जिंदा रहने की उम्मीद में चल रही हैं। मलबे से लगातार लोगों को निकाला जा रहा है।

Syria mourns lost family

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तुर्की में सोमवार को आए भूकंप से अबतक तुर्की-सीरिया 22 हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। ऐसा दावा किया जा रहा है कि अभी भी मलबे में हजारों शव दबे हुए हैं वहीं कई ऐसे भी लोग हैं जिनकी सांसे अभी भी जिंदा रहने की उम्मीद में चल रही हैं। मलबे से लगातार लोगों को निकाला जा रहा है। जब मलबे से किसी को निकाला जाता है तो सबसे पहले ये जानने की कोशिश होती है कि सांसें साथ छोड़ चुकी हैं या इंसान जिंदा है?

अभी तक दर्जनों ऐसी कहानियां सामने आ चुकी हैं जिनमें घंटों बाद मलबे के अंदर से मौत को हराकर जिदगियां बाहर आईं... लेकिन सीरिया का एक पिता इतना भाग्यशाली नहीं रहा। उसके 6 बच्चे इस भयानक हादसे में मलबे के अंदर दम तोड़ चुके हैं। सीरियाई शहर जंदारिस के रहने वाले नासिर अल-वाका का घर भूकंप के बाद मिनटों में मलबे में तब्दील हो गया। जिसमें दबकर उनके बच्चे मर गए। वे मलबे में अपने बच्चे खोज रहे हैं। उन्होंने रेस्क्यू टीम से गुहार लगाई है कि कम से कम एक बच्चा उन्हें जिंदा चाहिए।

जंदरिस में नासर अल-वाका के दो बच्चों को सोमवार के भूकंप के बाद घर के मलबे से जिंदा निकाला गया था। रेस्क्यू टीम रात के अंधेरे में मलबे में दबे बच्चों के पास पहुंची थी। बच्चे धूल से ढंके हुए थे। उन्हें चोटें भी आई थीं। उनके एक और बच्चे की जान बच गई थी, लेकिन परिवार के बाकी सदस्यों के लिए शोक मनाते वाका को देखकर ये साफ नहीं हो पाया कि उन्होंने भूकंप में कितने बच्चों को खो दिया। उन्होंने अपने मृत बच्चों के लिए जिन नामों को सूचीबद्ध किया, उनमें तीन लड़के और तीन लड़कियां थीं। यानी कि भूकंप की तबाही में उनके 6 बच्चों की मौत हो गई।
नासिर ने कहा कि उनका परिवार सीरिया में गृहयुद्ध के दौरान हवाई हमलों, रॉकेट और बैरल बमों से बच गया था। लेकिन भूकंप में उनका परिवार खो गया। भूकंप के दौरान की बात करते हुए नासिर ने कहा, "मैं घर से बाहर भागा और कहा कि कृपया अल्लाह, कम से कम एक को जीवित रहने दें। मुझे बस अपने बच्चों में से एक चाहिए। भूकंप के बाद नासिर ने अपने कई बेटों फैसल, मेशाल, मोहसिन और मंसूर को आवाज लगाई थी। बाद में पता चला कि फैसल और मोहसिन दोनों की मौत हो चुकी है। बचाव दल के पहुंचने से उन्होंने मलबे के अंदर दम तोड़ दिया था।

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