पुतिन-किम जोंग समेत 26 देशों के नेता, अमेरिका तक मारक मिसाइलें, 80 हजार कबूतर, ऐसा रहा China Victory Day परेड
China V-Day 80th Anniversary: बीजिंग के तियानआनमेन स्क्वायर में बुधवार को चीन ने विजय दिवस (V-Day) की 80वीं वर्षगांठ को भव्य अंदाज में मनाया। इस मौके पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देशवासियों को संबोधित किया और 80,000 कबूतरों व 80,000 गुब्बारों को आसमान में छोड़कर शांति और समृद्धि का संदेश दिया।
इस अवसर पर विशाल सैन्य परेड (Chinese military Parade) का भी आयोजन किया गया जिसमें चीन की ताकत और सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया गया। यह समारोह न केवल चीन के इतिहास को याद करने का प्रयास था, बल्कि वैश्विक स्तर पर उसकी शक्ति और एकता का संदेश भी माना जा रहा है।

विजय दिवस पर Xi Jinping का शांति संदेश
चीन ने विजय दिवस (V-Day) की 80वीं वर्षगांठ बेहद भव्य तरीके से मनाई। राजधानी बीजिंग स्थित तियानआनमेन स्क्वायर (Tiananmen Square military parade) में आयोजित इस कार्यक्रम ने इतिहास और वर्तमान को एक साथ जोड़ते हुए राष्ट्रवाद और एकजुटता का अनूठा प्रदर्शन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तियानआनमेन स्क्वायर से जनता का अभिवादन किया और 'मदर ऑफ द मदरलैंड' जैसे देशभक्ति गीतों के बीच दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने शांति, विकास और राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए कहा कि चीन अपने संघर्षपूर्ण इतिहास को कभी नहीं भूलेगा और आगे भी राष्ट्र की सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करेगा।
Chinas Victory Day parade kicks off with a massive display of weaponry and Xi, Putin, and Kim standing shoulder to shoulder.
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— Bloomberg TV (@BloombergTV) September 3, 2025
क्यों छोड़ा गया कबूत?
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावुक कर देने वाला पहलू वह पल था, जब एक साथ 80,000 सफेद कबूतरों और 80,000 रंग-बिरंगे गुब्बारों को बीजिंग के तियानआनमेन स्क्वायर से आकाश में छोड़ा गया। यह नज़ारा न केवल देखने वालों के लिए अद्भुत था, बल्कि उसने पूरी दुनिया के सामने एक शांति, एकता और स्वतंत्रता का गहरा संदेश भी दिया। कबूतरों को सदियों से शांति का प्रतीक माना जाता है, वहीं रंग-बिरंगे गुब्बारे नई उम्मीदों और आज़ादी की उड़ान का संकेत थे।
चीन की विक्टरी-डे परेड के समापन समारोह में तियानमेन चौक पर 80,000 कबूतर और 80,000 गुब्बारे छोड़े गए। वीडियो
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) September 3, 2025
इस पल ने वहां मौजूद हजारों दर्शकों को भावुक कर दिया और लोगों ने तालियों और नारों के साथ इस दृश्य का स्वागत किया। परेड और समारोह के अन्य पहलुओं के बीच यह क्षण सबसे ज्यादा यादगार रहा, जिसे कैमरों ने कैद कर लिया और जो लंबे समय तक चीन की ऐतिहासिक स्मृतियों का हिस्सा रहेगा।
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आर्मी परेड में पहली बार दिखाया हथियारों का ज़खीरा
चीन ने 3 सितंबर 2025 को अपनी अब तक की सबसे बड़ी सैन्य परेड में दुनिया को अपनी आधुनिक सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया। बीजिंग के तियानआनमेन स्क्वायर पर आयोजित इस परेड में ऐसे कई हथियार और तकनीकें पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई गईं, जिन्हें देखकर वैश्विक समुदाय चौकन्ना हो गया।
🇨🇳 BREAKING: The full 2025 China Victory Day Parade with English commentary.pic.twitter.com/o681rrV4cn
— Jackson Hinkle 🇺🇸 (@jacksonhinklle) September 3, 2025
इस दौरान चीन ने हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल्स, YJ-21 एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और JL-3 सबमरीन लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल का प्रदर्शन किया। साथ ही, DF-5C न्यूक्लियर इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के एडवांस वर्जन 6F को भी दिखाया गया, जिसकी मारक क्षमता अमेरिका तक बताई जाती है।
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, परेड में चीन ने निम्नलिखित आधुनिक हथियार पेश किए:
- KJ-500A और KJ-600 एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट
- ट्विन-सीट J-20S और J-35 फाइटर जेट
- DF-5C इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल
- आर्मी और नेवी ड्रोन सिस्टम
- DF-26D और DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइलें
- GJ-11 'लॉयल विंगमैन' ड्रोन
- CJ-1000 हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल
- HQ-20 एयर डिफेंस सिस्टम
- HQ-29 एंटी-बैलिस्टिक इंटरसेप्टर
- HQ-11 शॉर्ट-रेंज डिफेंस सिस्टम
- YJ-15, YJ-19 और YJ-20 मिसाइलें
- PHL-16 (चीनी HIMARS)
- टाइप 99B मेन बैटल टैंक
- H-6J लॉन्ग-रेंज बॉम्बर
कार्यक्रम में दुनिया के कई बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रहे
कार्यक्रम में दुनिया के कई बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रहे। मंच पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर, नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू समेत एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ प्रतिनिधि दिखाई दिए।
इस भव्य समारोह में शामिल इन नेताओं की मौजूदगी ने चीन के प्रति अंतरराष्ट्रीय समर्थन का संदेश दिया और इसे बीजिंग की बढ़ती वैश्विक ताकत और कूटनीतिक प्रभाव का प्रतीक माना जा रहा है।
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