Putin India Visit: दादा रसोइए, मां मजदूर, KGB जासूस पुतिन 25 सालों में कैसे बने दुनिया के सबसे ताकतवर नेता?
Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन आज दो दिवसीय भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंच रहे हैं। अपनी लगभग 30 घंटे की इस संक्षिप्त और महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन (India-Russia Summit) में शामिल होंगे।
यह शिखर वार्ता रक्षा, ऊर्जा और भू-राजनीतिक सहयोग पर केंद्रित होगी, लेकिन इस बीच पुतिन के निजी जीवन से जुड़ी दिलचस्प बातें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। मजदूर की मां, सोवियत नेताओं के रसोइए दादा और KGB जासूस से लेकर महाशक्ति के राष्ट्रपति बनने तक का उनका सफर बेहद नाटकीय रहा है। पुतिन ने कैसे गरीबी से निकलकर सत्ता का शिखर छुआ, आइए जानते हैं।

Putin Life Story: दादा लेनिन और स्टालिन के रसोइए थे
रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की सफलता की कहानी असाधारण है, जिसमें गरीबी, खुफिया जासूसी और राजनीतिक दांव-पेंच का समावेश है। एक गरीब परिवार से आने वाले पुतिन की मां एक मजदूर थीं, लेकिन उनके दादा (putin family) सोवियत संघ के बड़े नेता लेनिन और स्टालिन के रसोइए थे।
ये भी पढ़ें: Vladimir Putin Love Story: एक तलाक-तीन अफेयर, कितने बच्चों के पिता बने पुतिन? आज तक बेटियां हैं सीक्रेट्स!
Putin KGB Agent: 15 साल तक खुफिया एजेंट की भूमिका में रहे
पुतिन ने लेनिनग्राद यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री प्राप्त करने के बाद सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी KGB को ज्वाइन किया। उन्होंने 15 साल तक एक खुफिया एजेंट के रूप में बेहतरीन काम किया, जिसमें 6 साल जर्मनी में जासूसी की जिम्मेदारी संभाली। 1990 में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद, उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग मेयर के सलाहकार के रूप में राजनीति में कदम रखा, जो उनकी किस्मत का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
1999 में बने प्रधानमंत्री
खुफिया एजेंसी KGB छोड़ने के बाद पुतिन 1996 में मॉस्को आए और जल्द ही बड़े नेताओं के भरोसेमंद सलाहकार बन गए। जुलाई 1998 में, उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) का शीर्ष पद दिया। जब येल्तसिन भारी आलोचना झेल रहे थे और उत्तराधिकारी की तलाश में थे, तो उन्होंने पर्दे के पीछे से काम करने वाले शांत और जिम्मेदार पुतिन को 1999 में प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया।
ये भी पढे़ं: Putin India visit: आज शाम दिल्ली की इन 5 सड़कों पर लगेगा भीषण जाम, मेट्रो स्टेशन पर भी बड़ा अपडेट
साल 2000 में बने राष्ट्रपति
प्रधानमंत्री बनते ही पुतिन ने रूस को कमजोर करने वाले चेचेन विद्रोहियों के खिलाफ कड़ा सैन्य अभियान चलाया और भ्रष्ट अमीरों पर सख्ती की, जिससे वह जनता के बीच हीरो बन गए। येल्तसिन के इस्तीफे के बाद, पुतिन कार्यवाहक राष्ट्रपति बने। मार्च 2000 में, रूस को फिर से महान बनाने के वादे के साथ उन्होंने भारी बहुमत से राष्ट्रपति चुनाव जीता। उन्होंने 89 प्रांतों का विलय कर रूस को एकजुट किया और पूंजीपतियों के वर्चस्व को खत्म किया। तभी से लेकर अब तक
2012 से लगातार राष्ट्रपति के पद पर बने हैं
व्लादिमीर पुतिन 1999 से 2008 तक दो कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति रहे। संवैधानिक सीमाओं के कारण, वह लगातार तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकते थे, इसलिए वह चार साल (2008-2012) के लिए प्रधानमंत्री बने, और उनकी जगह दमित्री मेदवदेव ने राष्ट्रपति पद संभाला। 2012 में, पुतिन फिर से राष्ट्रपति चुने गए और तब से पद पर बने हुए हैं। हालांकि, उन पर विपक्षी नेताओं जैसे एलेक्सी नेवलनी के उत्पीड़न और गलत आरोपों में जेल भेजने के आरोप भी लगे हैं।
ये भी पढे़ं: Putin India Visit: जिस सुपर-लक्जरी जेट से भारत आ रहे पुतिन, कीमत इतनी Pakistan की आबादी खा ले एक वक्त का खाना!
-
Women Reservation: 2029 से पहले 33% महिला आरक्षण! लोकसभा सीटें 816, महिला MP की संख्या 273, हर डिटेल -
Shaheed Diwas 2026: 'शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले', 23 मार्च को क्यों मनाते हैं शहीद दिवस? -
लोकसभा में पीएम मोदी का बड़ा बयान- 'जहाजों पर हमला अस्वीकार्य, भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता' -
PM Modi ने मिडिल ईस्ट युद्ध पर दी सख्त चेतावनी, जंग जारी रही तो भुगतने पड़ेगे गंभीर दुष्परिणाम -
Trump PM Modi Talks: 'होर्मुज' तेल के रास्ते पर ट्रंप ने PM मोदी से क्या-क्या कहा? US-Iran तनाव के बीच मंथन -
धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने बधाई संदेश में कही बड़ी बातें, जानिए क्या -
PM मोदी ने बनाया इतिहास: सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने का रिकॉर्ड, CM रेखा गुप्ता ने दी बधाई -
Iran-America War: 'दुनिया युद्ध की आग में, पर भारत बेखौफ', मिडिल ईस्ट संकट पर पीएम मोदी का बड़ा बयान -
Iran Vs America War: अमेरिका ने किया सरेंडर! अचानक ईरान से युद्ध खत्म करने का किया ऐलान और फिर पलटे ट्रंप -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या?












Click it and Unblock the Notifications