तुर्की के राष्ट्रपति ने फिर उगला जहर, कहा- फ्रांस के लिए मुसीबत हैं राष्ट्रपति मैक्रों, जल्द मिलेगा छुटकारा
नई दिल्ली। फ्रांस में इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ की गई फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की कार्रवाई से अब तुर्की बौखला गया है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने अपने एक बयान में कहा कि उम्मीद है कि फ्रांस को जल्द से जल्द 'इमैनुएल मैक्रों' से छुटकारा मिलेगा। राष्ट्रपति रेसेप ने आगे कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपने देश के लिए मुसीबत हैं। बता दें कि फ्रांस के नागरिकों पर हुए कट्टरपंथी हमलों के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस्लामिक आतंकवाद खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कई इस्लामिक देशों ने फ्रांस सरकार का विरोध किया और इमैनुएल मैक्रों द्वारा उठाए गए फैसलों की आलोचना की।

इस बीच तुर्की और फ्रांस में मतभेद और बढ़ते जा रहे हैं। फ्रांस सरकार के मुसलमानों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन काफी नाराज हैं। बता दें कि शुक्रवार को फ्रांस सरकार ने देश की मस्जिदों में सघन तलाशी और जांच अभियान चलाया है। अक्टूबर और नवंबर में हुए दो आतंकी हमलों में 6 लोगों के मारे जाने के बाद फ्रांस सरकार ने ये अभियान चलाया है। बता दें कि पहली घटना पेरिस और दूसरी नीस शहर में हुई थी।
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बता दें कि तुर्की और फ्रांस में जारी तनाव के बीच पहले भी रेसेप तैयप एर्दोगन फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ जुबानी हमले करते रहे हैं। इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के बाद एर्दोगन का दावा है कि मैक्रों के नेतृत्व में फ्रांस बहुत ही खतरनाक दौर से गुजर रहा है। बता दें कि जिस समय दुनियाभर के इस्लामिक देशों में फ्रांस का विरोध हो रहा था उस दौरान भी तुर्की के राष्ट्रपति ने अपने देश में विरोध को और चिंगारी दी। मैक्रोन पर 'इस्लाम-विरोधी' एजेंडे को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए एर्दोगन ने फ्रांसीसी सामानों के बहिष्कार का समर्थन किया। वहीं अक्टूबर में राष्ट्रपति मैक्रॉन ने तुर्की पर आरोप लगाया कि वह सीरियाई जिहादियों को अजरबैजान के साथ काराबाख संघर्ष में जातीय अर्मेनियाई लोगों के खिलाफ लड़ने के लिए भेज रहा है।












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