Pakistan: इंटरनेट बंद, सड़कों पर लाशें और आजादी के नारे! चुनाव से पहले PoK में गृहयुद्ध जारी, अब तक 46 की मौत

PoK Protest Against Pakistan: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे और खुलकर कहा कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। इस आंदोलन की अगुआई जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है। संगठन के प्रमुख शौकत नवाज मीर समेत कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।

महंगाई और जरूरी सामान की कमी से शुरू हुआ यह आंदोलन अब पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक विरोध में बदल चुका है। चुनाव से पहले हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

PoK Protest Against Pakistan

शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी से भड़का गुस्सा

JAAC के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर को उनके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने उनकी सूचना देने वाले के लिए एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। उनके अलावा 600 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार आंदोलन को दबाने के लिए लगातार गिरफ्तारियां कर रही है, लेकिन लोग पीछे हटने के बजाय और मजबूती से विरोध कर रहे हैं।

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महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन, अब बना राजनीतिक विरोध

यह आंदोलन शुरुआत में महंगाई, खाद्य संकट और जरूरी सामान की कमी के खिलाफ शुरू हुआ था। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की चीजें महंगी होती जा रही हैं और सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही। अब यह विरोध पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़े आंदोलन में बदल गया है। हाल ही में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान से भी लोगों में नाराजगी बढ़ी, जिसके बाद आंदोलन और तेज हो गया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप- सरकार रोक रही जरूरी सामान

JAAC के नेता सरदार अमन खान ने कहा कि लोगों को पाकिस्तान के राशन की जरूरत नहीं, बल्कि पाकिस्तान को PoK की जरूरत है। उनका आरोप है कि सरकार जानबूझकर जरूरी सामान की सप्लाई रोक रही है ताकि आंदोलन कमजोर पड़ जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो लोगों के सामने जीवन चलाना मुश्किल हो जाएगा और वे मजबूरी में दूसरे रास्ते अपनाने को विवश होंगे।

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इंटरनेट बंद, झड़पों में कई लोगों की मौत का दावा

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं सीमित कर दी हैं ताकि आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो दुनिया तक न पहुंच सकें। पिछले दिनों सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़प हुई। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में 22 लोगों की मौत का दावा किया गया है, जबकि कुछ सूत्र 46 लोगों के मारे जाने की बात कह रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

चुनाव से पहले बढ़ा तनाव, पूरे PoK पर नजर

PoK में 27 जुलाई को विधानसभा चुनाव होने हैं। यहां कुल 53 सीटें हैं, जिनमें 45 सीटों पर सीधे चुनाव होगा। चुनाव से पहले लगातार विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारियों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी और बढ़ते तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और चुनाव, दोनों पाकिस्तान सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

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