आज से लागू हुआ VB-G RAM G Act, नए कानून में क्या बदला, किसे मिलेगा फायदा और कितनी बढ़ी मजदूरी? पूरी डिटेल
VB G RAM G Act 2026: देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों और गांवों में रहने वाले परिवारों के लिए 1 जुलाई 2026 से एक नई शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकार ने सोमवार से पूरे देश में एक नया कानून लागू कर दिया है, जिसका नाम है- 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' यानी बेहद आसान भाषा में कहें तो 'वीबी-जी राम जी एक्ट' (VB-G RAM G Act)।
इस नए कानून के आते ही पुरानी मनरेगा (MGNREGA) व्यवस्था में बहुत बड़ा बदलाव हो गया है। सरकार ने न सिर्फ रोजगार के दिन बढ़ा दिए हैं, बल्कि दैनिक मजदूरी में भी बंपर बढ़ोतरी कर दी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दी है।

जो देश के सभी 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आज से लागू हो गई है। अगर आप या आपके आस-पास कोई गांव में रहता है और मजदूरी करता है, तो इस नए कानून के तहत मिलने वाले इन फायदों को जानना बेहद जरूरी है...
What Is VB-G RAM G Act? मजदूरों को मिलेगा बड़े फायदे
VB-G RAM G का पूरा नाम 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' है। यह नया कानून ग्रामीण परिवारों को रोजगार की बेहतर गारंटी देने और गांवों में विकास कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून के जरिए ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ेगी, समय पर मजदूरी मिलेगी और गांवों में रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होंगे।
अब 100 नहीं, मिलेंगे 125 दिन का रोजगार
अब तक मनरेगा (MGNREGA) के तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिन के रोजगार की गारंटी मिलती थी। लेकिन VB-G RAM G Act लागू होने के बाद यह अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यानी अब मजदूरों को साल में 25 दिन अतिरिक्त काम मिलने का कानूनी अधिकार होगा।
बढ़ गई मजदूरी
सरकार ने नई योजना के तहत मजदूरी में भी बढ़ोतरी की है। औसत दैनिक मजदूरी 298.80 रुपये से बढ़कर 327.40 रुपये हो गई है। यानी औसतन 28.60 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही पूरे देश में 300 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी तय की गई है। इसका मतलब है कि इस योजना के तहत अब किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी।
समय पर मिलेगा भुगतान
सरकार का कहना है कि अब मजदूरों को मजदूरी के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत-मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना होगा। यदि भुगतान में देरी होती है, तो मजदूर को 0.05 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। नए कानून के तहत यदि किसी पात्र व्यक्ति को आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार नहीं मिलता, तो उसे बेरोजगारी भत्ता देने का भी कानूनी प्रावधान किया गया है।
भुगतान होगा पूरी तरह डिजिटल
सरकार ने योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई तकनीकी बदलाव भी किए हैं। इनमें शामिल हैं-
- ऑनलाइन भुगतान (ई-पेमेंट)
- फेस ऑथेंटिकेशन
- जियो-टैगिंग
- GPS निगरानी
सरकार का कहना है कि इससे फर्जी भुगतान और गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
पुराने जॉब कार्ड रहेंगे मान्य
सरकार ने साफ किया है कि जिन लोगों के पुराने e-KYC सत्यापित जॉब कार्ड हैं, वे फिलहाल मान्य रहेंगे। जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते, तब तक पुराने कार्ड से ही काम मिलता रहेगा।
किन कामों पर रहेगा जोर?
नई योजना के तहत ग्राम पंचायतों की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी। योजना के तहत विशेष रूप से इन कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी-
- जल संरक्षण
- प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
- कृषि विकास
- ग्रामीण सड़क और आधारभूत ढांचा
- महिला सशक्तिकरण
- आजीविका बढ़ाने वाले कार्य
इन राज्यों के मजदूरों की चमकी किस्मत, देखें नई रेट लिस्ट
इस नए कानून से सबसे ज्यादा फायदा उन राज्यों को हुआ है जहां पहले मजदूरी बहुत कम मिलती थी। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक का भारी उछाल आया है।
सबसे ज्यादा प्रतिशत बढ़ोतरी अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में (लगभग 24.5%) देखी गई है। वहीं, जिन राज्यों में पहले से मजदूरी ज्यादा थी, वहां के रेट अब और बढ़ गए हैं-
- सिक्किम (ऊंचाई वाले क्षेत्र): ₹450 प्रतिदिन
- हरियाणा: ₹409 प्रतिदिन
- गोवा: ₹406 प्रतिदिन
- केरल: ₹401 प्रतिदिन
95 हजार करोड़ का बजट; पुराने जॉब कार्ड का क्या होगा?
इस महायोजना को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹95,692.31 करोड़ की अंतरिम राशि आवंटित कर दी है ताकि पैसों की कमी से किसी का भुगतान न रुके।
जॉब कार्ड को लेकर जरूरी सूचना: सरकार ने साफ किया है कि जिन मजदूरों के पास पुराने मनरेगा जॉब कार्ड हैं और वे ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापित हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वे कार्ड तब तक पूरी तरह मान्य रहेंगे जब तक सरकार नए 'ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड' जारी नहीं कर देती।
इस योजना के तहत गांवों में मुख्य रूप से जल संरक्षण (पानी बचाओ), प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, खेती-किसानी, ग्रामीण सड़कें और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कामों पर पूरा फोकस किया जाएगा।














Click it and Unblock the Notifications