मोदी के इंतजार में खड़े रहे ट्रंप, थोड़े घबराए और बहुत बेसब्र लगे, जानें पहली मुलाकात की कहानी
वाशिंगटन। जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के हाथ बढ़ाने के बाद भी उनसे हैंडशेक नहीं करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 26 जून की रात (भारतीय समयानुसार) व्हाइट हाउस के गेट पर पीएम नरेंद्र मोदी का इंतजार करते दिखे।

बेसब्री का आलम यह था कि मोदी के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही पत्नी मेलानिया के साथ गेट पर उन्हें रिसीव करने पहुंच गए थे।
वह मेलानिया से कुछ कहते हैं और थोड़ी देर चुपचाप खड़े हो जाते हैं। मानो खुद से कह रहे हों, कि हां मैं पूरी तरह तैयार हूं।
ट्रंप बॉडी लैंग्वेज देखकर ऐसा लग रहा था कि वो यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कहीं कोई कसर बाकी न रह जाए।

ट्रंप पीछे चल रहे थे
पीएम मोदी जैसे ही कार से उतरते हैं, ट्रंप एकदम सावधानी के साथ उनका स्वागत करते हैं। बिल्कुल फॉर्मल अंदाज में, बेहद सधे हुए शब्दों में। इसके बाद ट्रंप की पत्नी के साथ मोदी हाथ मिलाते हैं।
हैंडशेक के बाद पीएम अपने चिरपरिचित अंदाज में ट्रंप से कुछ कहते हैं...और हंसते हैं। थोड़ी सी हंसी ट्रंप के चेहरे पर भी आई। ऐसा लगा मानो वह थोड़ा सामान्य हुए। इसके बाद पीएम मोदी और पत्नी मेलानिया के साथ ट्रंप अंदर चले गए।
कुछ देर बाद टीवी पर व्हाइट की गैलरी की तस्वीरें सामने आईं। इस फुटेज में मोदी बेहद सामान्य और तेजी के साथ मेलानिया से बातें करते जा रहे हैं, लेकिन ट्रंप थोड़ा पीछे चल रहे थे।

कुछ असहज लगे ट्रंप
व्हाइट की गैलरी में चलते हुए भी ट्रंप सामान्य फील नहीं कर रहे थे। थोड़ा असहज थे। इसकी वजह शायद एक बिजनेसमैन का मंझे हुए राजनेता के सामने आ जाना था। बताने की जरूरत नहीं है कि बिजनेसमैन ट्रंप हैं और मंझे हुए राजनेता मोदी हैं।
गैलरी से निकलकर ट्रंप मोदी को गेस्टरूप में ले गए और दोनों नेता कुर्सी पर बैठे, मेलानिया पास में मौजूद सोफे पर बैठी थीं।
ट्रंप और मोदी एक साथ बैठे और कैमरे के फ्लैश चल रहे थे। इस बीच मोदी ने ट्रंप को 2014 की भारत यात्रा की याद दिलाई। मोदी हिंदी में बोल रहे थे। ट्रंप ने उस यात्रा में मोदी की तारीफ की थी, जिसके लिए मोदी ने उनका आभार जताया।

बेहद सतर्क दिखाई दिए ट्रंप
मोदी जब बोल रहे थे तब ट्रंप बेहद सतर्क अवस्था में बैठे थे। इसके बाद ट्रांसलेटर ने ट्रंप को बताया कि मोदी ने क्या कहा? मोदी की बात सुनते ही वह थोड़ा मुस्कुराए और शुक्रिया कहा... इसके बाद दोनों नेता अकेले में बातचीत के लिए चले गए... कुल मिलाकर कहूं तो दुनिया के सबसे बिगड़ैल राजनेताओं में शुमार ट्रंप 125 करोड़ देशवासियों के नेता के साथ बेहद सतर्कता के साथ मिले।
मोदी के साथ पहली मुलाकात में उनकी चेहरे पर यह सतर्कता के भाव का मतलब यह नहीं है कि ट्रंप उनसे डर गए, बिल्कुल नहीं, बल्कि इसका मतलब है कि भारत के साथ साझेदारी इस समय ट्रंप के लिए बेहद महत्वपूर्ण है बल्कि इसे बेशकीमती कहें तो ज्यादा बेहतर होगा।












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