Modi Trump Meet: 3 भारतीयों की मौत के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे मोदी-ट्रंप, हॉर्मुज कांड पर होगी आर-पार!
PM Modi Donald Trump Meet: हॉर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी ड्रोन अटैक के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव देखने को मिल रहा है। नई दिल्ली ने इस मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से सीधे बात कर भारत की नाराजगी जताई।
इसी बीच एक अहम खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में होने वाले G7 समिट के दौरान आमने-सामने होंगे। ऐसे समय में होने वाली यह मुलाकात सिर्फ ट्रेड ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों की दिशा भी तय कर सकती है।

Hormuz Strait Drone Attack: तनाव के बीच आमने-सामने होंगे मोदी और ट्रंप
हॉर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी हमलों के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत से उपजे भारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस में होने वाले G7 समिट से इतर एक द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार, यह बेहद महत्वपूर्ण बैठक 17 जून बुधवार को भारतीय समयानुसार शाम 6:15 बजे होनी तय हुई है।
इस बातचीत में मिडिल-ईस्ट के गहराते संकट, समुद्री सुरक्षा और दोनों देशों के बीच लंबित ट्रेड डील जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। कूटनीतिक दृष्टिकोण से यह बैठक इसलिए सबसे ज्यादा अहम है क्योंकि इसमें यह साफ होगा कि भारत इस गंभीर घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने अपनी नाराजगी किस अंदाज में रखता है।
PM Modi France Slovakia visit: भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का सख्त स्टैंड
हॉर्मुज स्ट्रेट में हुए अमेरिकी ड्रोन अटैक में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने सिर्फ बयान देकर मामला नहीं छोड़ा। सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक प्रमुख को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की। भारत ने साफ कहा कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका से जवाबदेही की मांग की गई।
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ट्रेड डील पर भी होगी अहम चर्चा
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक मोदी और ट्रंप की मुलाकात में संभावित ट्रेड डील भी बड़ा मुद्दा होगी। हालांकि G7 समिट के दौरान किसी समझौते के फाइनल होने की उम्मीद कम है। दोनों देशों के बीच पिछले कई महीनों से टेक्निकल लेवल पर बातचीत चल रही है। अमेरिका का कहना है कि भारत की कुछ डेटा और रेगुलेटरी पॉलिसी विदेशी कंपनियों के लिए चुनौती बनती हैं। ऐसे में दोनों नेता बातचीत की प्रोग्रेस का रिव्यू कर आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।
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G7 में रिश्तों की अगली दिशा तय होगी
फ्रांस में होने वाला G7 समिट भारत और अमेरिका दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। एक तरफ हॉर्मुज विवाद और भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ ट्रेड और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप जैसे बड़े विषय हैं। प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी मुलाकात करेंगे और बाद में स्लोवाकिया का दौरा करेंगे। ऐसे माहौल में ट्रंप और मोदी की बैठक पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि इससे दोनों देशों के रिश्तों की अगली दिशा तय हो सकती है।












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