PM मोदी ने लाओ PDR के PM और उनकी पत्नी को दिए खास तोहफे, छोड़ी भारतीय सांस्कृतिक की छाप
PM Modi Gift to Lao PDR: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिनी लाओस दौरा 11 अक्टूबर को खत्म हुआ। दो दिनों में पीएम मोदी ने लाओ पीडीआर के प्रधानमंत्री सोनेक्से सिफान्डोन के साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक और रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से उपयोगी चर्चा की।
शुक्रवार को पीएम मोदी ने लाओ पीडीआर के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को उनके महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को दर्शाने वाले अनोखे उपहार भेंट किए। ये उपहार भारत और लाओ पीडीआर के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का प्रतीक हैं। आइए जानते हैं क्या विशेष उपहार दिए?

लाओ PDR के PM को मोदी ने दिया शांति का प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री सोनेक्से सिफान्डोन को कदमवुड से बना रंगीन बुद्ध का प्रतीक उपहार में दिया। बुद्ध की यह प्रतिमा शांति और स्नेह का प्रतीक है, जो भारत और लाओ पीडीआर के बीच सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत करती है।
लाओ PDR की पत्नी को ऊंट की हड्डी से बना तोहफा
वहीं, सोनेक्से की पत्नी वंदारा सिफंदोन को राधा-कृष्ण थीम पर आधारित मैलाकाइट और ऊंट की हड्डी से बना एक बक्सा उपहार में दिया। यह भारतीय शिल्पकला और धार्मिक धरोहर का प्रतीक है। राधा-कृष्ण की प्रेम कथा भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, और यह उपहार भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाता है।
राष्ट्रपति थोंग्लोन सिसोउलिथ को भेंट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाओ पीडीआर के राष्ट्रपति थोंग्लोन सिसोउलिथ को तमिलनाडु से आई एक विशेष पीतल की बुद्ध प्रतिमा भेंट की, जो जटिल मीना (तामचीनी) के काम से सजी हुई थी। यह प्रतिमा भारत की अद्वितीय धातु शिल्पकला का बेहतरीन उदाहरण है और भारत-लाओ सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाइयां देती है।
लाओ PDR के राष्ट्रपति को पाटन पटोला स्कार्फ उपहार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाओ पीडीआर के राष्ट्रपति थोंगला सिसोलिथ को तमिलनाडु से निर्मित मीना (तामचीनी) के जटिल काम से सजी एक पुरानी पीतल की बुद्ध प्रतिमा भेंट की। वहीं, थोंगला की पत्नी नाली सिसोलिथ को सादेली बॉक्स में रखा हुआ (डबल इकत) पाटन पटोला दुपट्टा उपहार में दिया। यह कपड़ा उत्तरी गुजरात के पाटन क्षेत्र में सालवी परिवार द्वारा बुना जाता है। पाटन पटोला को 'सदेली' बॉक्स में पैक किया जाता है, जो अपने आप में एक सजावटी वस्तु है। सादेली जड़ाई की कला का इतिहास कई शताब्दियों पुराना है। माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति सूरत, गुजरात में हुई थी। सादेली एक अत्यधिक कुशल लकड़ी का शिल्प है।
भारत-लाओ सांस्कृतिक संबंध
लाओ पीडीआर के राष्ट्रपति थोंग्लोन सिसोउलिथ के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा की। इस बातचीत में उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक सहयोग पर जोर दिया और इस बात का उल्लेख किया कि कैसे यह हमारे समाजों को एक-दूसरे के और करीब ला रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान शिखर सम्मेलनों की सफल मेजबानी के लिए लाओ पीडीआर को बधाई दी और भारत-आसियान के बीच बढ़ते मैत्रीपूर्ण संबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने एक्ट ईस्ट नीति के तहत हुए लाभों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद रही है। भारत ने हमेशा एक नियम आधारित, स्वतंत्र, समावेशी और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वकालत की है, और इस दिशा में वह लगातार काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाओ पीडीआर के नेताओं को दिए गए उपहार भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। ये उपहार दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और भी सुदृढ़ करते हैं। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी का शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेना और विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करना भारत और आसियान देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।












Click it and Unblock the Notifications