'भारत-सऊदी के बीच दोस्ती नया अध्याय', प्रिंस सलमान और प्रधानमंत्री मोदी के बीच ऐतिहासिक बैठक
Modi meets Saudi Crown Prince: नई दिल्ली में G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद ने आज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक बातचीत और द्विपक्षीय व्यापार और रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की है।
सऊदी क्राउन प्रिंस से मुलाकात के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, कि 'भारत और सऊदी अरब के संबंधों में एक नया अध्याय' खुला है। भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय बैठक के लिए हैदराबाद हाउस में सऊदी क्राउन प्रिंस का स्वागत किया।

नये स्तर पर भारत-सऊदी अरब संबंध
दोनों नेता भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद (एसपीसी) की पहली बैठक की सह-अध्यक्षता की है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एसपीसी का गठन अक्टूबर 2019 में पीएम मोदी की रियाद यात्रा के दौरान किया गया था। इसकी दो समितियां हैं- राजनीतिक-सुरक्षा-सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग समिति और अर्थव्यवस्था और निवेश समिति।
दोनों नेताओं के बीच आज की बातचीत सितंबर 2022 में रियाद में हुई दो समितियों की मंत्रिस्तरीय बैठकों के बाद हुई है।
प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान तीन दिवसीय यात्रा के लिए शनिवार को दिल्ली पहुंचे थे, जिसमें जी20 शिखर सम्मेलन में उपस्थिति को राजकीय यात्रा के साथ जोड़ा गया है। वार्ता से पहले, राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में उनका औपचारिक स्वागत किया गया, जो उनकी राजकीय यात्रा की शुरुआत थी।
47 MoU पर दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर
वहीं, अरब न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि नई दिल्ली में चल रहे भारतीय-सऊदी निवेश फोरम में एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया है, कि सऊदी अरब और भारत ने, दोनों देशों में निवेश के माहौल को मजबूत करने के लिए एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
फोरम में बोलते हुए, सऊदी निवेश मंत्रालय में निवेशक आउटरीच के उप मंत्री बद्र अल-बद्र ने कहा, कि "सऊदी अरब के निवेश मंत्रालय और इन्वेस्ट इंडिया ने आपसी निवेश प्रयासों को मजबूत करने और देने के लिए एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसके तहत निवेशकों और व्यापारियों को अधिक व्यवसाय करने के लिए आरामदायक क्षेत्र मिलेगा।"
उप मंत्री ने आगे बताया, कि दोनों देशों ने 47 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बीच समझौते भी शामिल हैं।
अल-बद्र ने कहा, कि "सऊदी अरब और भारत एक-दूसरे के लिए उपयुक्त हैं। आपकी मांग हमारी आपूर्ति है, और हमारी मांग आपकी आपूर्ति भी है।" अल-बद्र ने आगे भारतीय निवेशकों और व्यापारियों से किंगडम में निवेश करने का आग्रह किया।
इस दौरान उप-मंत्री ने कहा, कि "आप सऊदी अरब को पारंपरिक ऊर्जा में दीर्घकालिक वैश्विक महाशक्ति के रूप में जानते हैं। लेकिन, अब आप जानते हैं कि हम उससे कहीं अधिक विकसित हुए हैं। हमारे गतिशील परिवर्तन विज़न 2030 के ढांचे के तहत हमने नये आयाम बनाए गए हैं।"












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