आर्थिक संकट को दूर करने को PM दिनेश गुणवर्धने ने सबकमिटी का किया गठन, जानें श्रीलंका पर कितना है कर्ज?
कोलंबो, 29 सितंबरः श्रीलंका में प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने की अध्यक्षता में संसदीय पैनल ने गुरुवार को दो विशेष उप-समितियों का गठन किया है। इसमें से एक उप-समिति का काम देश के आर्थिक संकट को दूर करना है। संसद अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धना के नेतृत्व में राष्ट्रीय परिषद के उद्घाटन सत्र के दौरान यह निर्णय लिया गया।
Image- PTI(file)

संसद के कामकाज को मजबूत करेगी राष्ट्रीय परिषद
गुरुवार को हुई बैठक के दौरान, राष्ट्रीय परिषद द्वारा राष्ट्रीय नीतियों और आर्थिक स्थिरीकरण से संबंधित दो उप-समिति बनाने का निर्णय लिया गया। इससे पहले पिछले सप्ताह पीएम दिनेश गुणवर्धने और विभिन्न राजनीतिक दलों के 32 सदस्यों की अध्यक्षता में राष्ट्रीय परिषद की स्थापना की गई थी ताकि श्रीलंका के आर्थिक संकट से निपटने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जा सके। गुरुवार को उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, पीएम गुणवर्धने ने कहा कि वह संसद में दोनों पक्षों के सदस्यों की भागीदारी को देखकर बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिषद संसद के कामकाज को और मजबूत करेगी।
श्रीलंका पर 51 अमेरिकी डॉलर का विदेशी कर्ज
बतादें कि श्रीलंका पर 51 अमेरिकी डॉलर का विदेशी कर्ज बकाया है, जिसमें से 28 अरब अमेरिकी डॉलर का 2027 तक भुगतान किया जाना है। इससे पहले बीते एक सितंबर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की तरफ से श्रीलंका को बहुत बड़ी मदद मिली। घनघोर आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका ने करीब 2.9 अरब डालर के ऋण के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ प्रारंभिक समझौता किया। इससे देश में व्याप्त संकट को दूर करने में काफी मदद मिलेगी। देश में नागरिकों को महीनों से ईंधन और अन्य बुनियादी सामानों की भारी कमी का सामना करना पड़ा है।
श्रीलंका की मदद करने पर सहमत हुआ IMF
बीते 1 सितंबर को IMF श्रीलंका को 4 साल की अवधि में लगभग 2.9 बिलियन डॉलर का ऋण देने पर सहमत हुआ था। इससे श्रीलंका को आर्थिक उथल-पुथल से उबरने में मदद मिल पाएगी इस बेलआउट पैकेज से देश की क्रेडिट रेटिंग और अंतरराष्ट्रीय लेनदारों और निवेशकों के विश्वास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।












Click it and Unblock the Notifications