आसमान पर हैं डीजल-पेट्रोल के दाम, फिर भी भारत में गाड़ियों की हुई बंपर बिक्री, वजह ये है
भारत में यात्री वाहनों की ब्रिकी में जबरदस्त इजाफा हुआ है। बीते महीने जून में 40 फीसदी गाड़ियों की अधिक बिक्री हुई है। इसके अलावा दोपहिया और तीनपहिया वाहनों की बिक्री में भी खूब वृद्धि देखी गयी है।
नई दिल्ली, 05 जुलाईः भारत में यात्री वाहनों की ब्रिकी में जबरदस्त इजाफा हुआ है। बीते महीने जून में 40 फीसदी गाड़ियों की अधिक बिक्री हुई है। बताया जा रहा है कि सेमीकंडक्टर आपूर्ति में सुधार होने के कारण वाहनों की बिक्री में यह बदलाव आया है। कोरोना के कारण पूरी दुनिया में सेमीकंडक्टर की भारी किल्लत हो गयी थी जिससे कई उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था।

खुदरा वाहनों की बिक्री में 40 फीसदी बढोतरी
ऑटो डीलर एसोसिएशन FADA के मुताबिक, देश के खुदरा यात्री वाहनों की बिक्री में जून में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से बेहतर सेमीकंडक्टर आपूर्ति के कारण भारत में एसयूवी के लिए निरंतर मजबूत मांग बनी हुई है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, यात्री वाहन (PV) पंजीकरण की संख्या पिछले महीने जून 2021 में 1,85,998 इकाइयों से बढ़कर 2,60,683 इकाई हो गई, जो 40% की वृद्धि दर्शाती है।

सेमीकंडक्टर की आपूर्ति से सुधार
FADA के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी के मुताबिक प्राइवेट व्हीकल के सेगमेंट में मजबूत वृद्धि देखी जा रही है। उनके मुताबिक सेमीकंडक्टर के आपूर्ति में लगातार सुधार की वजह से ऐसा परिणाम आया है। हालांकि चिप की कमी के कारण खासकर एसयूवी और कांपैक्ट एसयूवी वाहनों की वेटिंग लिस्ट अभी भी लंबी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि एक लंबे इंतजार के बाद नए वाहनों की रिलीज को मजबूत बुकिंग मिल रही है, जो डिमांड के एक मजबूत नेटवर्क को दर्शाता है।

जून में कम बिकती हैं गाड़ियां
गौरतलब है कि हाई ऑनरशिप कॉस्ट, मुद्रास्फिति का दबाव और पारंपरिक रूप से बारिश के कारण जून का महीना गाड़ियों की बिक्री के लिए कमजोर माना जाता है। न सिर्फ चारपहिया वाहन बल्कि दोपहिया वाहनों की बक्री भी जून में बढ़ी है। FADA के मुताबिक जून में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 20 फीसदी बढी है। जून 2021 में दोपहिया वाहनों की बिक्री का आंकड़ा 9,30,825 था जो एक साल बाद जून 2022 में बढ़कर 11,19,096 हो गया है।

तीन पहिया वाहनों की बिक्री भी बढ़ी
वहीं अगर तीनपहिया वाहनों की बात की जाए तो इसकी बिक्री में भी जबरदस्त उछाल आया है। जून 2021 में तीन पहिया वाहनों की बिक्री का आंकड़ा 14,735 था जो एक साल बाद जून 2022 में बढ़कर 46,040 हो गया है। वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री में पिछले महीने 67,696 यूनिट की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि 89 फीसदी है। इसके अतिरिक्त खुदरा ट्रैक्टर की बिक्री पिछले महीने 10 फीसदी बढ़कर 57,340 यूनिट हो गई है। बीते साल जून महीने में यह आंकड़ा 52,289 था।

महंगाई से बढ़ा बोझ
विंकेश गुलाटी के मुताबिक वाणिज्यिक मोर्चे पर लगभग सभी आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती लागत ने औसत परिवार के बजट पर बोझ डाला है। गुलाटी ने यह भी कहा कि परिवहन की उच्च लागत ईंधन की उच्च लागत का भी परिणाम है। उन्होंने कहा कि अगर दोपहिना वाहन और एंट्री लेवल प्राइवेट व्हीकल्स जिन पर अक्सर पहली बार खरीदारों का दबदबा होता है, को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

त्यौहारी सीजन में और आएगा उछाल
जून में खुदरा बिक्री 15,50,855 थी जो कि पिछले वर्ष बिके 12,19,657 से 27 फीसदी अधिक है। गुलाटी ने कहा कि सेमीकंडक्टर की आपूर्ति में सुधार से पीवी सेगमेंट में आपूर्ति बढ़ेगी और वेटिंग लिस्ट कम होगी वहीं, अगर ग्रामीण भारत में महंगाई का असर कम होता है तो ऑटो रिटेल त्यौहारी सीजन में बूम पर होगा।
तस्वीर- पीटीआई
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