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Pakistan: भयाकन कर्ज में डूबा पाक! नीलाम होगी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस, खरीददार बने आसिम मुनीर

Pakistan अपनी राष्ट्रीय एयरलाइन Pakistan International Airlines (PIA) की नीलामी करने जा रहा है। यह कदम 7 अरब डॉलर के IMF बेलआउट पैकेज की एक प्रमुख शर्त है। सीधी भाषा में कहें तो पाकिस्तान पर IMF का लोन इतना चढ़ चुका है कि इसे चुकाने के लिए अब उसे PIA को बेचना पड़ रहा है। लगभग दो दशकों में यह पाकिस्तान का पहला बड़ा निजीकरण माना जा रहा है। पिछली बोली, जो 2024 में हुई थी, में 100% नियंत्रण और भारी कर्ज की मांग के कारण इसे खरीदने के लिए कोई आगे ही नहीं आया था।

नीलामी क्यों जरूरी है?

पाकिस्तान की बिगड़ती अर्थव्यवस्था के बीच यह बिक्री 'अंतिम विकल्प' के रूप में देखी जा रही है। इस नीलामी में 51% से 100% हिस्सेदारी पेश की जाएगी। IMF पैकेज के तहत अब तक 1 अरब डॉलर जारी किया जा चुका है, लेकिन शेष राशि इस तरह के सरकारी उद्यमों के निजीकरण पर निर्भर है।

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शहबाज शरीफ की मजबूरी

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 3 दिसंबर को इस्लामाबाद में संभावित बोली लगाने वालों से मुलाकात की और प्रक्रिया को "पारदर्शी" बताया। नीलामी का सीधा प्रसारण मीडिया पर किया जाएगा। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर डिफॉल्ट का खतरा मंडरा रहा है। देश 1958 से IMF से 20 से अधिक ऋण ले चुका है और यह पांचवां सबसे बड़ा कर्जदार है।

पारदर्शी प्रक्रिया और आसिम मुनीर की एंट्री

PIA की बोली लगाने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक कंपनी फौजी फर्टिलाइजर लिमिटेड भी है। यह कंपनी पूरी तरह से पाकिस्तानी आर्मी कंट्रोल में रहती है। वर्तमान में यह आसिम मुनीर की देखरेख में चलाई जा रही है। कहा जा रहा है कि ये डील तो एक बहाना है, असल में PIA को आसिम मुनीर की कंपनी बनाने का प्लान पहले ही तैयार हो चुका है। PIA की बोली 23 दिसंबर को लगेगी जिसकी लाइव ब्रॉडकास्टिंग की जाएगी।

नीलामी का मकसद

निजीकरण मंत्री मुहम्मद अली का लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष में 86 अरब पाकिस्तानी रुपये जुटाना है। इसमें से 15% आय सीधे सरकार के खाते में जाएगी, जबकि बाकी पीआईए के विशाल वित्तीय घाटे को भरने में लगेगी।

बोली लगाने वाले कौन?

गहन जांच-पड़ताल के बाद चार संस्थाओं ने नीलामी के लिए बोली लगाने के लिए योग्यता प्राप्त की है। इनमें शामिल हैं:
• लकी सीमेंट कंसोर्टियम (Lucky Core Industries के नेतृत्व में)
• आरिफ हबीब कॉर्पोरेशन कंसोर्टियम (वित्त और निवेश क्षेत्र में पावरहाउस)
• एयर ब्लू लिमिटेड (निजी एयरलाइन जो विस्तार की तलाश में)
• फौजी फर्टिलाइजर कंपनी लिमिटेड (FFC), जो सैन्य-संचालित फौजी फाउंडेशन की इकाई है।

FFC और सेना का प्रभाव

FFC की भागीदारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर एफएफसी पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण रखते हैं। फौजी साम्राज्य, जो कभी WWII के दिग्गजों के लिए शुरू हुआ था, आज अरबों रुपये का राजस्व कमाता है। यह पाकिस्तान में "खाकी पूंजीवाद" का उदाहरण है।

PIA की ऐतिहासिक गिरावट

कभी एशिया की प्रमुख एयरलाइन रही PIA (स्थापना 1946, मुख्यालय कराची) आज गंभीर वित्तीय संकट में है। भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और कर्ज ने एयरलाइन को दबा दिया। 2020 के घोटालों में अकेले 200 अरब पाकिस्तानी रुपये का नुकसान हुआ।

फर्जी पायलट घोटाला 2020

जून 2020 में फर्जी लाइसेंस घोटाले का खुलासा हुआ। तत्कालीन विमानन मंत्री गुलाम सरवर खान ने बताया कि 860 पायलटों में से 30% के पास फर्जी योग्यता थी। 150 पायलट निलंबित किए गए, जिनमें 141 PIA के थे।

यूरोप और अमेरिका में लगा बैन

EASA ने PIA की यूरोपीय उड़ानों पर बैन लगा दिया। ब्रिटेन और अमेरिका ने भी यही कदम उठाया। इससे एयरलाइन को अरबों रुपये का नुकसान हुआ और कई महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो गए।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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