ECO समिट में पाकिस्तान की नौटंकी! पीएम शहबाज शरीफ ने दोहराई पुरानी स्क्रिप्ट, कश्मीर को लेकर फिर उगला जहर
Pakistan PM Shehbaz Sharif Pahalgam terror attack: अज़रबैजान में आयोजित इकोनॉमिक कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (ECO) समिट के मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने एक बार फिर भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाते हुए गीदड़भभकी दी है। शरीफ ने दावा किया कि भारत, हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले को बहाना बनाकर क्षेत्रीय शांति को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। भारत की प्रतिक्रिया को उन्होंने अकारण और लापरवाह शत्रुता बताया।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के बाइसारन घाटी (पहलगाम) में हुए इस आतंकी हमले में 25 भारतीय पर्यटकों और एक स्थानीय निवासी की जान गई थी। इस भीषण हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने आधिकारिक तौर पर ली थी।

कश्मीर, गाज़ा और ईरान का भी जिक्र
वहीं अपने संबोधन में शहबाज़ शरीफ ने कश्मीर मुद्दे को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया और इसे नागरिकों पर क्रूर अत्याचार करार दिया। उन्होंने गाज़ा में हिंसा और ईरान पर इज़राइल द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' की भी कड़ी निंदा की, जिसमें 600 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। शरीफ ने कहा, पाकिस्तान निर्दोष लोगों के खिलाफ किए जाने वाले क्रूर कृत्यों का हर मंच पर विरोध करता है चाहे वह गाज़ा हो, कश्मीर या ईरान।
पाकिस्तान-अज़रबैजान के बीच $2 अरब डॉलर का निवेश समझौता
ECO समिट के दौरान पाकिस्तान और अज़रबैजान के बीच 2 अरब डॉलर के निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह समझौता अज़रबैजान के शहर खांकेंदी में हुआ, जहां पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार तथा अज़रबैजान के आर्थिक मंत्री मिकाइल जब्बारोव ने इस पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री शरीफ और राष्ट्रपति इल्हाम अलीएव भी मौजूद रहे।
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राष्ट्रपति की पाकिस्तान यात्रा में होगा विस्तृत समझौता
Radio Pakistan की रिपोर्ट के अनुसार, अज़रबैजान के राष्ट्रपति अलीएव के आगामी पाकिस्तान दौरे के दौरान एक व्यापक और विस्तृत निवेश समझौते पर मुहर लगाई जाएगी। इस दौरे से व्यापार और निवेश संबंधों को अभूतपूर्व स्तर तक ले जाने की योजना है।
यह समझौता दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा संबंधों से आगे बढ़कर आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग का संकेत है। सूत्रों का कहना है कि अज़रबैजान ने हालिया भारत-पाक टकराव के दौरान पाकिस्तान का समर्थन किया था, जिससे दोनों देशों के राजनयिक रिश्ते और भी मजबूत हुए हैं।
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