अब कांपेंगे चीन और PAK! रूस‑अंबानी की इस डील से मचेगी हलचल, भारत को मिलने वाली है बड़ी पावर
रूस की ऑयल दिग्गज कंपनी रोसनेफ्ट (Rosneft) और भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के बीच एक ऐसी बातचीत चल रही है, जो तय हो गई तो सिर्फ भारत की ऊर्जा ताकत नहीं बढ़ेगी, बल्कि चीन और पाकिस्तान जैसे देशों की टेंशन भी बढ़ेगी।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस नायरा एनर्जी (Nayara Energy) में अपनी 49.13% हिस्सेदारी बेचने के लिए रिलायंस से शुरुआती बातचीत कर चुका है। यह वही नायरा एनर्जी है, जो गुजरात के वडिनार में 20 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली रिफाइनरी और पूरे भारत में 6,750 पेट्रोल पंपों का चलाती है।

ऐसा हुआ तो IOC से भी आगे निकल जाएगी रिलायंस
अगर ये डील फाइनल होती है, तो रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमता इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) से भी आगे निकल जाएगी। फिलहाल रिलायंस की क्षमता 68.2 मिलियन टन है और Nayara के साथ यह बढ़कर 88 मिलियन टन से ऊपर जा सकती है, जो IOC की 80.8 मिलियन टन क्षमता से ज्यादा है।
क्यों बेच रहा है रूस Nayara में अपनी हिस्सेदारी?
रूस पर लगे पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते Rosneft को भारत से अपने रेवेन्यू को बाहर ले जाने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में कंपनी एक ऐसे खरीदार की तलाश में है जिसकी विदेशों में कमाई मजबूत हो और जो विदेशी पेमेंट करने में सक्षम हो। रिलायंस इस पैमाने पर पूरी तरह खरा उतरता है।
डील को लेकर अड़चन क्या है?
Rosneft और उसकी सहयोगी यूसीपी इन्वेस्टमेंट ग्रुप नयारा (UCP Investment Group Nayara) की कुल 73.63% हिस्सेदारी बेचने की योजना में हैं। लेकिन 20 अरब डॉलर की वैल्यूएशन को लेकर कई संभावित खरीदार- जैसे अडानी ग्रुप (Adani Group) सऊदी अरामको (Saudi Aramco) और ONGC- पीछे हट चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस भी इस कीमत को लेकर पूरी तरह राजी नहीं है। रूस अब वैल्यूएशन घटाकर 17 अरब डॉलर पर आ चुका है, लेकिन सौदा अभी पक्का नहीं है।
Adani और Aramco क्यों पीछे हटे?
Adani ग्रुप ने तो साफ मना कर दिया, क्योंकि उनकी डील टोटल एनर्जीज (Total Energies) के साथ है जो फॉसिल फ्यूल के बजाय गैस और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस करती है। वहीं सऊदी अरामको के लिए भारत में डाउनस्ट्रीम कारोबार का सपना जरूर है, लेकिन वो भी इस कीमत को लेकर सतर्क है।
भारत को क्या फायदा होगा?
इस डील से भारत को न सिर्फ रिफाइनिंग क्षमता में बढ़त मिलेगी, बल्कि फ्यूल मार्केटिंग में भी रिलायंस का जबरदस्त विस्तार होगा। जहां देश में कुल 97,000 से अधिक पेट्रोल पंप हैं, वहां रिलायंस के पास अभी सिर्फ 1,972 पंप हैं। Nayara के साथ जुड़ते ही यह आंकड़ा 8,700 से ज्यादा हो जाएगा- जिसका सीधा मतलब है भारत के फ्यूल सेक्टर में रिलायंस की एक नई ताकत।












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