Pakistan News: 'अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया', पाक रक्षा मंत्री का संसद में कबूलनामा
America Used Pakistan like Toilet Paper: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में एक बेहद चौंकाने वाला और बेबाक बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिका का साथ देना पाकिस्तान की सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल थी। आसिफ ने कड़े शब्दों में कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान को 'टॉयलेट पेपर' की तरह इस्तेमाल किया और काम निकल जाने के बाद फेंक दिया।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के अनुसार, 9/11 के बाद अमेरिका के साथ जाना पाकिस्तान के लिए आत्मघाती साबित हुआ, जिसके कारण देश आज भी आतंकवाद, हिंसा और आर्थिक बदहाली की आग में झुलस रहा है। यह बयान पाकिस्तान की दशकों पुरानी विदेश नीति पर एक बड़ा यू-टर्न और आत्ममंथन है।

अमेरिका के लिए 'टॉयलेट पेपर' बना पाकिस्तान
ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वाशिंगटन ने अपने भू-राजनीतिक स्वार्थों के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल किया। उन्होंने संसद में स्पष्ट किया कि अमेरिका ने पाकिस्तान को तब तक अहमियत दी जब तक उसे अफगान युद्ध में मदद चाहिए थी, लेकिन जैसे ही उसका मतलब पूरा हुआ, उसने पाकिस्तान को दरकिनार कर दिया। रक्षा मंत्री ने अमेरिका की तुलना उस शक्ति से की जो अपने सहयोगियों को इस्तेमाल के बाद कचरे की तरह फेंक देती है।
जिहाद के नाम पर थोपी गई जंग
आसिफ ने खुलासा किया कि अफगानिस्तान में लड़ी गई जंग कोई धार्मिक कर्तव्य या 'पवित्र युद्ध' नहीं था। बल्कि, यह पूरी तरह से अमेरिका के हितों को साधने का एक जरिया था। जिहाद के नाम पर आम पाकिस्तानियों को इस युद्ध की आग में धकेल दिया गया और उन्हें दूसरों के हितों के लिए लड़ने को मजबूर किया गया। उन्होंने माना कि पाकिस्तान इस युद्ध में किसी नैतिक कारण से नहीं, बल्कि दबाव और गलत नेतृत्व के कारण शामिल हुआ था।
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शिक्षा प्रणाली और वैचारिक तबाही
रक्षा मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि इस पराई जंग को सही ठहराने के लिए पाकिस्तान ने अपनी शिक्षा प्रणाली तक को बदल डाला। स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में ऐसे वैचारिक बदलाव किए गए जिन्होंने कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया। उन्होंने अफसोस जताया कि वे वैचारिक जहर आज भी समाज में मौजूद हैं। इस गलत फैसले ने पाकिस्तान के सामाजिक ढांचे को ऐसा नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई आने वाली कई पीढ़ियाँ भी नहीं कर पाएंगी।
हिंसा और आर्थिक बर्बादी का दौर
9/11 के बाद अमेरिका का सहयोगी बनने का नतीजा पाकिस्तान के लिए केवल तबाही लेकर आया। ख्वाजा आसिफ के मुताबिक, जो युद्ध पाकिस्तान का था ही नहीं, उसमें कूदने की वजह से देश में आतंकवाद और हिंसा की लहर शुरू हो गई। हजारों मासूमों की जान गई और देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान आज जो आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है, वह उसी 'ऐतिहासिक गलती' का खामियाजा है।
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