शर्मनाक: पाक फौजियों को पहचानने से मुनीर का इनकार, बलूच आर्मी ने बनाया बंधक, वीडियो में रोते दिखे जवान- Video
Pakistan के आर्मी चीफ आसिम मुनीर किसी भी मौके पर नाक कटाने से नहीं चूकते। ऐसा ही एक और अजीब वाकया सामने आया है जब मुनीर ने अपने फौजियों को ही पहचानने से मना कर दिया। दरअसल मुनीर के आदेश पर एक बटालियन बलूचिस्तान में ऑपरेशन के लिए पहुंची थी। जिसके 7-8 फौजियों को बलूच लिबरेशन आर्मी ने पकड़कर बंधक बना लिया। वहीं जब ये खबर रावलपिंडी पहुंची तो पाकिस्तानी आर्मी ने उन्हें लिए जो बात कही वो किसी भी देश के लिए सबसे बड़ा शर्म का विषय है।
BLA ने जारी किया वीडियो
अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक नया वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में सात पाकिस्तानी सेना के फौजी बंधक बने हुए साफ-साफ दिख है। इस वीडियो में वो फौजी अपना पहचान पत्र भी दिखा रहे है। यह वीडियो ऐसे समय पर सामने आया है जब कैदी अदला-बदली के लिए BLA की ओर से तय की गई 22 फरवरी की समय-सीमा में सिर्फ तीन दिन बचे हैं। BLA ने साफ चेतावनी दी है कि अगर इस समय सीमा के भीतर बातचीत शुरू नहीं हुई, तो बंधकों को मार दिया जाएगा।

अपने ही फौजियों से मुकर गए मुनीर
इससे पहले पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने कहा था कि कोई भी सैनिक लापता नहीं है और न ही किसी उग्रवादी समूह की हिरासत में है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने सेना के दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में बंधक बने लोगों ने कैमरे के सामने अपने आधिकारिक सेवा कार्ड और राष्ट्रीय पहचान पत्र दिखाए। उन्होंने कहा कि उन्हें सेना में भर्ती किया गया था, उन्हें पहचान पत्र दिए गए थे और उनकी तैनाती भी की गई थी।
दर्द बयां करते हुए रो पड़े पाक फौजी
वीडियो में एक सैनिक भावुक नजर आता है। वह कहता है, 'मैं पाकिस्तान के लिए लड़ता हूं, और आज पाकिस्तानी सेना मुझे अपना नहीं मानती।' यह कहते हुए ही उसका गला भर आया और वह रोने लगा। वह सवाल करता है कि सेना यह कैसे कह सकती है कि वे उसके फौजी नहीं हैं।
बंधक बनाए गए इन लोगों ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और सरकारी अधिकारियों से अपील की है कि वे BLA की कैदी अदला-बदली की मांग को मान लें। उन्होंने खासतौर पर बलोच कैदियों को शामिल करते हुए समझौता करने की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें सुरक्षित रिहा किया जा सके और वे अपने घर लौट सकें।
तीन दिन की डेडलाइन और सख्त चेतावनी
BLA ने अपनी मीडिया विंग 'हक्काल' के जरिए दोबारा कहा है कि सात दिन के अल्टीमेटम में अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं। समूह ने कहा है कि बातचीत बिना किसी देरी के शुरू होनी चाहिए।उन्होंने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर तय समय सीमा के अंदर कोई वार्ता नहीं हुई, तो हिरासत में लिए गए कर्मियों को फांसी दी जा सकती है। अभी तक पाकिस्तान की सेना या सरकार ने इस नए वीडियो पर कोई ताजा आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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